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  1. तो इस वजह से हिंदुस्तान कॉपर समेत इन मेटल शेयरों ने लगाई दौड़, भारत के नजरिए से समझें स्टोरी

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तो इस वजह से हिंदुस्तान कॉपर समेत इन मेटल शेयरों ने लगाई दौड़, भारत के नजरिए से समझें स्टोरी

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड September 08, 2026, 13:19 IST

सारांश

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की कीमतें ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई हैं। इसके चलते 8 सितंबर को शुरुआती कारोबार में हिंदुस्तान कॉपर के शेयर 5% तक बढ़कर 535 रुपये पर पहुंच गए। इसके अलावा वेदांता और हिंडाल्को के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली है।

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कॉपर की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बाद हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। Image: Pixabay

8 सितंबर को शुरुआती कारोबार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर हिंदुस्तान कॉपर के शेयर 5% तक बढ़कर 535 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए। शेयरों में यह तेजी कॉपर यानी तांबे की कीमतों में आए रिकॉर्ड उछाल के बाद देखने को मिली है। ग्लोबल मार्केट में तांबे की कीमतें अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। अमेरिकी टैरिफ की संभावना और बड़े माइंस में प्रोडक्शन में आई रुकावटों के कारण कीमतों को सपोर्ट मिला है।

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कॉपर की कीमतों ने बनाया नया रिकॉर्ड

लंदन मेटल एक्सचेंज पर तीन महीने वाला बेंचमार्क कॉपर इंट्राडे में 0.8% बढ़कर 14,533 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ इसने जनवरी में बने 14,527.50 डॉलर प्रति टन के अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। पिछले 12 महीनों में कॉपर की कीमतों में लगभग 47% की बढ़ोतरी हुई है। पावर ग्रिड, रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से मजबूत डिमांड के कारण कीमतों में यह उछाल आया है। इसके साथ ही मार्केट में यह चिंता भी है कि सप्लाई ग्रोथ बढ़ती डिमांड के मुकाबले पीछे छूट सकती है। कॉपर एक अहम इंडस्ट्रियल कमोडिटी है जिसका इस्तेमाल सेमीकंडक्टर, बैटरी और पावर ग्रिड में बड़े पैमाने पर होता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि पावर-इंटेसिव एआई डेटा सेंटर्स और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्टमेंट बढ़ने से मीडियम और लॉन्ग टर्म में कॉपर की डिमांड में तेजी जारी रहेगी।

भारत में कॉपर की डिमांड का आउटलुक कैसा है?

एसएंडपी ग्लोबल की 4 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2035 तक भारत में कॉपर की डिमांड 40 लाख से 50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगी। इससे भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कॉपर कंज्यूम करने वाला रीजन बन जाएगा। लंदन में 2 से 4 दिसंबर तक आयोजित रिसोर्सिंग टुमारो कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि अर्बनाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन, डिजिटलाइजेशन और क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन जैसे ग्लोबल ट्रेंड्स से कॉपर मार्केट को सीधा फायदा मिल रहा है। इंटरनेशनल कॉपर एसोसिएशन के मुताबिक दुनिया की 70% कॉपर डिमांड चीन, भारत, अमेरिका, यूरोप, मैक्सिको, साउथ कोरिया और जापान जैसे सात बड़े मैन्युफैक्चरिंग रीजन्स में केंद्रित है। इसका इस्तेमाल मोटर्स, केबल्स, ट्रांसफॉर्मर्स, EV, एयर कंडीशनिंग और हीट पंप्स में मुख्य रूप से होता है।

हिंदुस्तान कॉपर कंपनी की डिटेल

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड खान मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत काम करने वाली मिनी रत्न कैटेगरी-1 की सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज है। 1967 में स्थापित यह भारत की इकलौती ऐसी कंपनी है जो कॉपर ओर की माइनिंग के काम में लगी है और इसके पास देश में कॉपर ओर की सभी ऑपरेटिंग माइनिंग लीज हैं। कंपनी मध्य प्रदेश के मलान्जखंड, राजस्थान के खेतड़ी और झारखंड के घाटशिला में कॉपर माइंस का ऑपरेशन करती है। इसके अलावा महाराष्ट्र के तलोजा में इसका कंटीन्यूअस कास्ट कॉपर वायर रॉड प्लांट भी है। कंपनी का मुख्य फोकस कॉपर ओर के एक्सप्लोरेशन, माइनिंग और बेनेफिशिएशन पर है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी में भारत सरकार की हिस्सेदारी 66.14% थी।

कॉपर की कीमतों में आई इस तेजी का फायदा इस सेक्टर से जुड़ी दूसरी कंपनियों को भी मिला है। NSE पर वेदांता के शेयर 1.5% बढ़कर 272 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए। कॉपर की ऊंची कीमतों से कंपनी के कॉपर बिजनेस और ओवरऑल मेटल रियलाइजेशन को सहारा मिल सकता है। इसके अलावा हिंडाल्को इंडस्ट्रीज का शेयर भी NSE पर 1.66% की तेजी के साथ 1,022.70 रुपये पर कारोबार करता दिखा। कॉपर बिजनेस में अपनी बड़ी मौजूदगी के कारण हिंडाल्को को भी इस पॉजिटिव सेंटीमेंट का पूरा फायदा मिल रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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