मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड July 18, 2026, 16:09 IST
सारांश
देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे घोषित कर दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 5 पर्सेंट बढ़कर 19,059.72 करोड़ रुपये रहा है। बैंक की ब्याज से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी हुई है।

HDFC Bank ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। Image: Shutterstock
देश के बैंकिंग सेक्टर में बड़ा मुकाम रखने वाले एचडीएफसी बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 18 जुलाई को मुंबई में हुई एक अहम मीटिंग में इन अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड नतीजों को मंजूरी दी गई। इस तिमाही के दौरान बैंक के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में मजबूती देखी गई है और बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 5% बढ़ गया है। बैंक के इस शानदार प्रदर्शन का असर आने वाले दिनों में शेयर बाजार और पूरे बैंकिंग सेक्टर पर देखने को मिल सकता है।
एचडीएफसी बैंक द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 19,059.72 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 18,155.21 करोड़ रुपये के मुकाबले 5% ज्यादा है। इस दौरान बैंक का कुल रेवेन्यू 92,184.38 करोड़ रुपये रहा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम भी इस तिमाही में 6.7% की बढ़त के साथ 335.3 बिलियन रुपये पर पहुंच गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में 314.4 बिलियन रुपये थी। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन कुल एसेट्स पर 3.26% दर्ज किया गया है। इसके अलावा बैंक का ऑपरेशनल खर्च इस तिमाही में 181.9 बिलियन रुपये रहा है, जबकि इसका कॉस्ट टू इनकम रेशियो 39.2% देखा गया है।
बैंक की वित्तीय सेहत और एसेट क्वालिटी की बात करें तो पहली तिमाही में बैंक का ग्रॉस एनपीए, ग्रॉस एडवांस का 1.17% रहा है, जो पिछले साल की पहली तिमाही के 1.40% के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति में है। वहीं बैंक का नेट एनपीए भी 0.41% दर्ज किया गया है। बैंक का कुल कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) बासेल 3 गाइडलाइंस के मुताबिक 19.57% रहा है, जो नियामक द्वारा तय 11.9% की आवश्यकता से काफी अधिक है। बैंक की जमा पूंजी यानी टोटल डिपॉजिट्स की स्थिति भी मजबूत हुई है और 30 जून 2026 तक यह 31,708.30 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जिसमें सालाना आधार पर 14.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं बैंक के ग्रॉस एडवांस भी 15.4% बढ़कर 30,608 बिलियन रुपये रहे हैं।
पहली तिमाही में बैंक का कंसोलिडेटेड कुल रेवेन्यू 1,33,110.36 करोड़ रुपये रहा है। इस अवधि में बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 19,244.71 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में 16,257.91 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। बैंक की मुख्य सब्सिडियरी कंपनियों ने भी इस तिमाही में बेहतरीन मुनाफा कमाया है। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी यानी एनबीएफसी सेक्टर में काम करने वाली कंपनी एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का नेट प्रॉफिट 38.3% की बड़ी उछाल के साथ 7.9 बिलियन रुपये पर पहुंच गया है।
बैंक के अन्य बड़े बिजनेस जैसे इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड सेक्टर में भी पहली तिमाही के दौरान जबरदस्त ग्रोथ देखी गई है। बैंक की सब्सिडियरी कंपनी एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस का नेट प्रॉफिट 11.9% की बढ़ोतरी के साथ 6.1 बिलियन रुपये रहा है, जिसमें बैंक की हिस्सेदारी 50.5% है। वहीं जनरल इंश्योरेंस सेक्टर की कंपनी एचडीएफसी एर्गो का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 2.2 बिलियन रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा देश की बड़ी म्यूचुअल फंड मैनेजर कंपनी एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 12.1% बढ़कर 8.4 बिलियन रुपये रहा है। बैंक की ब्रोकिंग शाखा एचडीएफसी सिक्योरिटीज का नेट प्रॉफिट भी 28.3% की बढ़त के साथ 3.0 बिलियन रुपये दर्ज किया गया है। इन सभी कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन से बैंक का कंसोलिडेटेड आधार काफी मजबूत दिखाई दे रहा है जो इसके फ्यूचर के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख