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मार्केट न्यूज़

HCL Tech और Persistent Systems के शेयर 10% तक लुढ़के, Q4 नतीजों में ऐसा क्या है?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड April 22, 2026, 10:53 IST

सारांश

IT शेयरों में बिकवाली के चलते निफ्टी IT इंडेक्स में भी 3.50 फीसदी की गिरावट है और यह 30,620.55 के स्तर पर आ गया है। Coforge का शेयर करीब 4 फीसदी गिरा है। Tech Mahindra, Infosys, LTM और TCS में भी 2-3 फीसदी तक की गिरावट है।

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HCL Tech

HCL Tech और Persistent Systems ने 21 अप्रैल को FY26 की मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं।

IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी HCL Tech के शेयरों में आज 22 अप्रैल को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। यह शेयर BSE पर करीब 10 फीसदी टूटकर 1301.60 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आ गया। इसके अलावा एक अन्य IT कंपनी Persistent Systems का शेयर भी करीब 5 फीसदी गिरकर 5080.40 रुपये के भाव तक लुढ़क गया। दोनों आईटी कंपनियों ने 21 अप्रैल को FY26 की मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। नतीजों के बाद अब इनमें बिकवाली हो रही है।

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Nifty IT करीब 3.50% लुढ़का

IT शेयरों में बिकवाली के चलते निफ्टी IT इंडेक्स में भी 3.50 फीसदी की गिरावट है और यह 30,620.55 के स्तर पर आ गया है। Coforge का शेयर करीब 4 फीसदी गिरा है। Tech Mahindra, Infosys, LTM और TCS में भी 2-3 फीसदी तक की गिरावट है।

HCL Tech में गिरावट की क्या है वजह?

जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4 फीसदी बढ़कर 4,448 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा ₹4,307 करोड़ था। HCL Tech के ऑपरेशन्स से होने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू मार्च तिमाही में 12.34% बढ़कर ₹33,981 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹30,246 करोड़ था। कंपनी के ये नतीजे बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहे।

आगे के लिए कंपनी ने FY27 में सिर्फ 1% से 4% ग्रोथ का गाइडेंस दिया है, जो काफी कमजोर माना जा रहा है। इसका कारण है बाजार में उतार-चढ़ाव, कम होता Discretionary खर्च और कुछ बड़े क्लाइंट्स के प्रोजेक्ट्स कम होना।

CEO C. Vijayakumar ने भी कहा कि कंपनी की परफॉर्मेंस उम्मीद से थोड़ी कमजोर रही क्योंकि कुछ बिजनेस हिस्सों में डिमांड कम थी। लेकिन उन्होंने ये भी बताया कि AI से जुड़े नए सर्विसेज तेजी से बढ़ रहे हैं और कंपनी की AI से सालाना कमाई $620 मिलियन पार कर चुकी है।

Persistent Systems क्यों लुढ़का

Persistent Systems ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जनवरी-मार्च तिमाही में उसका नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 33% बढ़कर ₹529 करोड़ हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹395 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू चौथी तिमाही में 25% बढ़कर ₹4,056 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह ₹3242 करोड़ था।

Persistent Systems के Q4 FY26 के नतीजे कुछ अहम मामलों में उम्मीद से थोड़े कमजोर रहे। कंपनी की कॉस्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 3.4% रही, जो अनुमान से थोड़ी कम है। वहीं EBIT मार्जिन 16.3% रहा, जो 16.9% के अनुमान से नीचे है। कंपनी के नए डील्स भी पिछली तिमाही के मुकाबले 10% घटकर $600.8 मिलियन रह गए।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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