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  1. रिलायंस जियो और फ्लिपकार्ट जैसे दिग्गजों की होगी बाजार में एंट्री, ये कंपनी पेश करेगी देश का सबसे बड़ा IPO

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रिलायंस जियो और फ्लिपकार्ट जैसे दिग्गजों की होगी बाजार में एंट्री, ये कंपनी पेश करेगी देश का सबसे बड़ा IPO

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड April 22, 2026, 09:09 IST

सारांश

साल 2026 में आईपीओ मार्केट की शुरुआत भले ही धीमी रही हो, लेकिन आने वाले महीनों में बड़ी हलचल होने वाली है। रिलायंस जियो, एनएसई और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियां अपना आईपीओ लाने की तैयारी में हैं। करीब 3 लाख करोड़ रुपये के आईपीओ पाइपलाइन में हैं, जो मार्केट सुधरते ही दस्तक देंगे।

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भारतीय शेयर बाजार में जल्द ही कई बड़े आईपीओ की एंट्री होने वाली है।

साल 2026 की शुरुआत भारतीय आईपीओ मार्केट के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। साल के शुरुआती महीनों में सिर्फ 20 कंपनियां ही अपना आईपीओ लेकर बाजार में आ सकी हैं। इस सुस्ती की सबसे बड़ी वजह अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध और उससे पैदा हुई अस्थिरता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने भारतीय बाजार से जमकर पैसा निकाला है, जिससे सेंटीमेंट काफी कमजोर हो गए हैं। मार्च 2026 में निफ्टी और सेंसेक्स में 11 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जिसके चलते कई कंपनियों ने अपनी लिस्टिंग की योजना को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

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रिलायंस जियो लाएगा देश का सबसे बड़ा आईपीओ

इस साल का सबसे चर्चित और बड़ा आईपीओ रिलायंस जियो का होने वाला है। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो करीब 40,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। अगर यह आईपीओ आता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू होगा। खबर है कि कंपनी ने इसके लिए 17 मर्चेंट बैंकों को नियुक्त कर दिया है और अप्रैल 2026 तक इसके दस्तावेज सेबी के पास जमा किए जा सकते हैं। जियो की वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से 170 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान है। सेबी द्वारा मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों में दी गई ढील से भी जियो जैसी बड़ी कंपनियों के लिए लिस्टिंग की राह आसान हो गई है।

एनएसई और जेप्टो की धमाकेदार एंट्री

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के आईपीओ का भी निवेशकों को लंबे समय से इंतजार है। एनएसई का आईपीओ करीब 20,000 करोड़ रुपये का हो सकता है और इसके लिए 20 मर्चेंट बैंकर्स काम कर रहे हैं। वहीं क्विक कॉमर्स सेक्टर की नई दिग्गज कंपनी जेप्टो भी जून-जुलाई 2026 के बीच अपना आईपीओ लाने की योजना बना रही है। जेप्टो करीब 11,000 से 12,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है और इसकी वैल्यूएशन 5 से 7 अरब डॉलर के बीच हो सकती है। जेप्टो ने अपना रोडमैप भी निवेशकों के सामने रखा है, जिसमें कंपनी ने बताया है कि वह आने वाले सालों में अपने ऑपरेशन को कैसे फायदे में लेकर आएगी।

कोका-कोला और फोनपे की क्या है योजना?

दिग्गज सॉफ्ट ड्रिंक कंपनी कोका-कोला की भारतीय बॉटलिंग यूनिट हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस भी इस साल के अंत तक लिस्ट होने की तैयारी में है। कंपनी ने कोटक और एचडीएफसी जैसे बड़े बैंकों को इसकी जिम्मेदारी दी है और वह करीब 9,000 करोड़ रुपये बाजार से जुटाना चाहती है। इससे पहले हुंडई और एलजी जैसी ग्लोबल कंपनियों की लिस्टिंग ने कोका-कोला जैसी कंपनियों का भरोसा बढ़ाया है। वहीं डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म फोनपे को भी सेबी से मंजूरी मिल चुकी है। फोनपे करीब 12,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है, लेकिन बाजार की उठापटक को देखते हुए कंपनी ने फिलहाल अपनी योजना को थोड़ा रोक दिया है। जैसे ही मार्केट स्टेबल होगा, फोनपे फिर से अपनी लिस्टिंग प्रक्रिया शुरू करेगी।

फ्लिपकार्ट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हलचल

ई-कॉमर्स सेक्टर की बड़ी कंपनी फ्लिपकार्ट भी अपनी लिस्टिंग की तैयारियों में जुटी है। कंपनी ने हाल ही में अपना कानूनी बेस सिंगापुर से बदलकर भारत कर लिया है ताकि भारतीय नियमों के मुताबिक आसानी से काम हो सके। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनी भगवती प्रोडक्ट्स भी 3,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने वाली है। यह कंपनी वीवो और ओप्पो जैसे बड़े मोबाइल ब्रांड्स के लिए काम करती है और इसके रेवेन्यू में पिछले कुछ सालों में भारी उछाल आया है। कंपनी की योजना 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की वैल्यूएशन हासिल करने की है।

पाइपलाइन में हैं लाखों करोड़ के आईपीओ

भले ही अभी बाजार में सुस्ती है, लेकिन पाइपलाइन बहुत मजबूत है। आंकड़ों के मुताबिक करीब 144 कंपनियों को सेबी से मंजूरी मिल चुकी है और वे लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने के लिए तैयार बैठी हैं। इसके अलावा 63 अन्य कंपनियां भी सेबी की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। कुल मिलाकर करीब 3 लाख करोड़ रुपये के आईपीओ पाइपलाइन में हैं। इसमें SBI म्यूचुअल फंड, पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स और मनिपाल हेल्थ जैसी कंपनियां भी शामिल हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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