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  1. चीनी डीलरों पर सरकार ने लगाई स्टॉक लिमिट, बलरामपुर चीनी मिल्स समेत शुगर स्टॉक्स में हलचल

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चीनी डीलरों पर सरकार ने लगाई स्टॉक लिमिट, बलरामपुर चीनी मिल्स समेत शुगर स्टॉक्स में हलचल

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड July 29, 2026, 09:09 IST

सारांश

यह आदेश 1 अगस्त, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा। इससे पहले, चीनी के डीलरों पर क्वांटिटी को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं था, हालांकि, मंत्रालय चीनी मिलों के लिए मंथली बिक्री कोटा तय करता है।

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शुगर स्टॉक्स

केंद्र सरकार ने चीनी डीलरों पर 4,000 क्विंटल की स्टॉक लिमिट लगाई (Photo: Shutterstock)

सरकार ने मंगलवार को निर्देश दिया कि चीनी का कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रखेगा। इसके साथ ही सरकार ने चीनी की कीमतों को कंट्रोल में रखने की अपनी कोशिशों के तहत 4,000 क्विंटल की स्टॉक लिमिट भी लगा दी है। यह आदेश 1 अगस्त, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा। इससे पहले, चीनी के डीलरों पर क्वांटिटी को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं था, हालांकि, मंत्रालय चीनी मिलों के लिए मंथली बिक्री कोटा तय करता है। स्टॉक लिमिट लगाने का फैसला पिछले तीन महीनों में चीनी की एक्स-मिल कीमतें 39 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 45 रुपये प्रति किलोग्राम होने के चलते लिया गया है। इसका असर शुगर स्टॉक्स पर देखने को मिल रहा है। त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज, डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज और बलरामपुर चीनी मिल्स जैसे शेयरों में कुछ हलचल देखने को मिल रही है।

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गजट अधिसूचना में क्या कुछ?

एक गजट अधिसूचना में, खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए यह प्रतिबंध लगाया। अधिसूचना में कहा गया, ‘...केंद्र सरकार निर्देश देती है कि चीनी का कोई भी डीलर ऐसे स्टॉक की प्राप्ति की तारीख से तीस दिन से अधिक की अवधि के लिए कोई स्टॉक नहीं रखेगा और देश भर में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक में नहीं रखेगा।’ मानसून की कमी के पूर्वानुमान के बीच कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए केंद्र ने पहले ही चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार के फैसले पर, उद्योग निकाय इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा, ‘हम देश भर में एक स्थिर और अच्छी तरह से विनियमित चीनी सप्लाई चेन सुनिश्चित करने पर सरकार के निरंतर ध्यान बिन्दु का स्वागत करते हैं।’ अधिसूचना के अनुसार, यह आदेश सरकार के पास रखे गए चीनी स्टॉक, या राज्य सरकार द्वारा नामित डीलर या सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिए स्टॉक रखने के लिए अधिकृत अधिकारी पर लागू नहीं होगा।

क्यों लेना पड़ा सरकार को यह फैसला?

मंत्रालय ने सभी डीलर से पोर्टल पर चीनी की स्टॉक स्थिति घोषित करने और नियमित रूप से अपडेट करने को कहा है। मई में, भारत ने तत्काल प्रभाव से इस साल 30 सितंबर तक चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर नियंत्रण रखना था। सरकार ने सितंबर में खत्म होने वाले मार्केटिंग ईयर 2025-26 के लिए लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है। एथनॉल के लिए उपलब्धता के बाद 2025-26 मार्केटिंग सेशन (अक्टूबर-सितंबर) के लिए भारत का चीनी उत्पादन 279 लाख टन होने का अनुमान है, जो 2024-25 में 261 लाख टन से अधिक है। 17 जुलाई को, चीनी उद्योग निकाय इस्मा और एनएफसीएसएफ ने जोर देकर कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक है और संस्थागत खरीदारों के साथ-साथ थोक और खुदरा व्यापारियों को हालिया मूल्य वृद्धि के बीच सट्टा खरीद से परहेज करना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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