मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड August 16, 2026, 15:00 IST
सारांश
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी हुई है। अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में एफपीआई ने 16,621 करोड़ रुपये का निवेश किया है। हालांकि बीते हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट रही, जिससे टीसीएस और रिलायंस समेत टॉप 5 कंपनियों का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये घट गया।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी के बीच भारतीय शेयर बाजार में उथल-पुथल का माहौल बना हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों मिला-जुला माहौल देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां पिछले कई महीनों से पैसा निकाल रहे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का भरोसा भारतीय बाजार पर फिर से लौटने लगा है, वहीं दूसरी तरफ बीते हफ्ते बाजार की उठापटक में देश की टॉप दिग्गजों के मार्केट कैप में भारी सेंध लगी है। अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में ही विदेशी निवेशकों ने 16,621 करोड़ रुपये का भारी निवेश कर दिया है। इससे पहले जुलाई में भी विदेशी निवेशकों ने करीब 20,200 करोड़ रुपये भारतीय बाजार में डाले थे। लगातार दूसरे महीने विदेशी पूंजी आने से बाजार को मजबूती मिल रही है।
साल 2026 की शुरुआत से ही विदेशी निवेशकों की तरफ से रिकॉर्ड बिकवाली देखने को मिली थी। इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने कुल 2.4 लाख करोड़ रुपये बाजार से बाहर निकाले हैं। यह आंकड़ा पूरे साल 2025 में की गई 1.66 लाख करोड़ रुपये की कुल बिकवाली से भी काफी अधिक है। महीनों के हिसाब से देखें तो मार्च में 1.17 लाख करोड़, अप्रैल में 60,847 करोड़, मई में 32,963 करोड़ और जून में 49,340 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई थी। हालांकि अब अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कच्चे तेल की घटती कीमतें और रुपये में स्थिरता आने से विदेशी निवेशकों का रुख बदला है। इसके साथ ही ताइवान और दक्षिण कोरिया में एआई शेयरों के महंगे होने के बाद अब निवेशक भारत जैसे आकर्षक वैल्यूएशन वाले बाजारों की तरफ लौट रहे हैं।
विदेशी निवेशक अब मुख्य रूप से भारतीय उपभोक्ता से जुड़ी कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं। वे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, हेल्थकेयर और कंज्यूमर सर्विसेज से जुड़ी कंपनियों में पैसे लगा रहे हैं। जुलाई के आंकड़ों से भी पता चलता है कि आईटी, मेटल और माइनिंग जैसे सेक्टर्स में सबसे ज्यादा विदेशी खरीदारी दर्ज की गई थी।
विदेशी निवेश के बावजूद बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में काफी नरमी रही। बीएसई सेंसेक्स 489.92 अंक यानी 0.62% की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 204.65 अंक या 0.83% के नुकसान में रहा। इस गिरावट का सबसे बड़ा झटका देश की टॉप 10 कंपनियों में से 5 को लगा, जिनका कुल मार्केट कैप करीब 1 लाख करोड़ रुपये घट गया। टीसीएस का मार्केट कैप 34,263.28 करोड़ रुपये गिरकर 8,53,506.85 करोड़ रुपये रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज को भी 31,869.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और इसका वैल्यूएशन 17,70,056.06 करोड़ रुपये रह गया। इसके अलावा एसबीआई का मार्केट कैप 25,891.88 करोड़, एचडीएफसी बैंक का 7,165.37 करोड़ और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 2,792.65 करोड़ रुपये कम हुआ।
बाजार की गिरावट के बीच बाकी 5 कंपनियों के मार्केट कैप में कुल 55,149.45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। इसमें सबसे ज्यादा फायदा एलआईसी को हुआ, जिसका मार्केट कैप 26,438.49 करोड़ रुपये बढ़कर 5,23,330.31 करोड़ रुपये पहुंच गया। भारती एयरटेल की वैल्यूएशन में भी 20,592.13 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, l&t और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में भी सुधार आया। हालांकि इन सब के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के पद पर बनी हुई है। वहीं नए हफ्ते में 17 अगस्त को धूत ट्रांसमिशन और मोलबायो डायग्नोस्टिक्स, 18 अगस्त को मिल्की मिस्ट डेयरी और 19 अगस्त को बिहारी लाल इंजीनियरिंग व शिपरॉकेट के शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहे हैं।
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