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  1. BPCL, HPCL और IOCL के शेयरों में कमजोरी, क्रूड ऑयल में उछाल ने फिर बढ़ाई टेंशन

मार्केट न्यूज़

BPCL, HPCL और IOCL के शेयरों में कमजोरी, क्रूड ऑयल में उछाल ने फिर बढ़ाई टेंशन

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड June 08, 2026, 14:37 IST

सारांश

ईरान और इजरायल के बीच फिर से बढ़े तनाव के बाद Brent Crude की कीमत 97 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। तेल कंपनियों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी आमतौर पर नकारात्मक मानी जाती है।

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आज कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है, जिसका असर इन शेयरों पर दिख रहा है।

सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के शेयरों में आज 08 जून को गिरावट देखने को मिली। BPCL का शेयर करीब 2.50 फीसदी गिरकर 287.80 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आ गया। HPCL के शेयरों में भी 2.40 फीसदी की कमजोरी नजर आई और यह 376 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा Indian Oil Corporation का शेयर भी 1.64 फीसदी लुढ़ककर 136.20 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। दरअसल, आज कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है, जिसका असर इन शेयरों पर दिख रहा है।

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क्रूड ऑयल का तेल कंपनियों से क्या है कनेक्शन?

ईरान और इजरायल के बीच फिर से बढ़े तनाव के बाद Brent Crude की कीमत 97 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। तेल कंपनियों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी आमतौर पर नकारात्मक मानी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें महंगे दाम पर कच्चा तेल खरीदना पड़ता है। अगर सरकार या कंपनियां पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें नहीं बढ़ातीं, तो उनकी मार्केटिंग मार्जिन और मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।

ईरान-इजरायल टेंशन बढ़ा

ईरान ने इजराइल पर कई मिसाइलें दागी हैं और चेतावनी दी है कि अगर इजराइल लेबनान पर हमले बंद नहीं करता, तो उसके हमले जारी रहेंगे। दूसरी तरफ इजराइली वायु सेना ने ईरान के अंदर सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज, जो दुनिया के तेल निर्यात का एक अहम मार्ग है, उसके आसपास अनिश्चितता बनी हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दोनों देशों से सैन्य कार्रवाई से बचने की अपील की है और कहा है कि संघर्ष खत्म करने के लिए कूटनीतिक बातचीत जारी है। हालांकि बाजार अभी भी सतर्क है क्योंकि हालात तेजी से बदल सकते हैं और तेल आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।

इस बीच, OPEC+ ने जुलाई के लिए उत्पादन को प्रतिदिन 1.88 लाख बैरल बढ़ाने की मंजूरी दी है। इसके बावजूद बाजार की चिंता कम नहीं हुई है, क्योंकि फिलहाल निवेशकों का फोकस तेल आपूर्ति से ज्यादा मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव पर बना हुआ है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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