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मार्केट न्यूज़

Arcil IPO: बैंकों के डूबे हुए कर्ज का निपटारा करने वाली कंपनी का आईपीओ जल्द, प्राइस बैंड का भी हुआ ऐलान

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड September 03, 2026, 13:25 IST

सारांश

एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) को डूबे हुआ कर्ज (बैड लोन) को वसूलने वाली एक सरकारी मान्यता प्राप्त कानूनी कंपनी कहा जा सकता है। यह बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से डूबे हुए कर्ज को खरीदती है और इन एसेट्स को दोबारा व्यवस्थित करने और इनसे ज्यादा से ज्यादा रिकवरी करने की कोशिश करती है।

Arcil IPO

Arcil IPO: कंपनी इस आईपीओ के जरिए 732.97 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।

एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया (Arcil) ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने पब्लिक इश्यू के लिए ₹132-139 का प्राइस बैंड तय किया है। यह आईपीओ 9 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 8 सितंबर को एक दिन के लिए खुलने वाला है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए 732.97 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है।

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पूरी तरह फ्रेश इश्यू

एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के IPO के तहत 732.97 करोड़ रुपये के 5.27 करोड़ शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी। वहीं, इसमें नए इक्विटी शेयर जारी नहीं होंगे। इसका मतलब है कि आईपीओ से होने वाली पूरी आय शेयरहोल्डर्स को जाएगी और Arcil को इस ऑफर से कोई रकम नहीं मिलेगी। OFS में बेचने वाले शेयरहोल्डर्स में प्रमोटर एवेन्यू इंडिया रिसर्जेंस और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ-साथ निवेशक लेथ इन्वेस्टमेंट और फेडरल बैंक शामिल हैं।

Arcil में किसकी-कितनी हिस्सेदारी

Arcil में Avenue India Resurgence और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की हिस्सेदारी 69.73% और 19.95% है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स में सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड GIC-समर्थित Lathe Investment के पास 5% हिस्सेदारी है, जबकि कर्नाटक बैंक के पास 2.64% हिस्सेदारी है। साउथ इंडियन बैंक और फेडरल बैंक दोनों की कंपनी में 1.27% हिस्सेदारी है।

क्या है लॉट साइज

इस आईपीओ के लिए 107 शेयरों का लॉट साइज तय किया गया है। अपर प्राइस बैंड पर एक रिटेल निवेशक को इसमें कम से कम 14,873 रुपये का निवेश करना होगा। Arcil ने ऑफर साइज का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए रिजर्व किया है, जबकि 35% हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स और बाकी 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रखा गया है। IIFL कैपिटल सर्विसेज़ लिमिटेड इस इश्यू की बुक रनिंग लीड मैनेजर है और MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इसकी रजिस्ट्रार है।

जरूरी डेट्स

सब्सक्रिप्शन के बाद सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट 15 सितंबर को किया जाएगा। वहीं BSE और NSE पर लिस्टिंग की संभावित तारीख 17 सितंबर तय की गई है। अपर प्राइस बैंड पर IPO में Arcil की वैल्यूएशन लगभग ₹733 करोड़ होगी।

Arcil का कारोबार

एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) को डूबे हुआ कर्ज (बैड लोन) को वसूलने वाली एक सरकारी मान्यता प्राप्त कानूनी कंपनी कहा जा सकता है। यह कंपनी बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से डूबे हुए कर्ज को खरीदती है और इन एसेट्स को दोबारा व्यवस्थित करने और इनसे ज्यादा से ज्यादा रिकवरी करने की कोशिश करती है।

Arcil का कारोबार पूरे देश में फैला हुआ है। कंपनी के 12 राज्यों में 13 ऑफिस हैं, जिनमें दिल्ली भी शामिल है। Arcil भारत में शुरू होने वाली पहली एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) थी। कंपनी को अगस्त 2003 में RBI से कारोबार शुरू करने के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिला था।

कैसा है फाइनेंशियल

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो मार्च 2026 में खत्म हुए वित्त वर्ष में Arcil का मुनाफा 6.7% बढ़कर ₹351.7 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹329.5 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 24% बढ़कर ₹721.7 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹581.8 करोड़ था। FY25 के आंकड़ों के मुताबिक AUM के मामले में Arcil खुद को भारत की दूसरी सबसे बड़ी ARC बताती है। मार्च 2025 तक कंपनी का AUM ₹16852.6 करोड़ था।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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