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Adani Ports का बड़ा AI दांव, Kaleris के साथ साझेदारी बढ़ाकर 15 टर्मिनलों को स्मार्ट करने की योजना

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड June 16, 2026, 13:25 IST

सारांश

Adani Ports ने बताया कि इस समझौते के तहत Kaleris का AI से जुड़ा ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म APSEZ के 9 बंदरगाहों में फैले 15 कंटेनर टर्मिनलों पर लगाया जाएगा। इससे सभी टर्मिनलों को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे संचालन बेहतर होगा।

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Adani Ports

आज Adani Ports के शेयरों में 0.20 फीसदी की मामूली तेजी है।

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ) ने अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Kaleris के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया है। इस कदम का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपने बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अधिक आधुनिक, तेज और कुशल बनाना है। Adani Ports ने एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी है। इस खबर के बीच आज अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में 0.20 फीसदी की मामूली तेजी है और यह BSE पर 1807.95 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है।

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15 कंटेनर टर्मिनलों में लागू होगी AI तकनीक

अदाणी पोर्ट्स ने बताया कि इस समझौते के तहत Kaleris का AI-सक्षम ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म APSEZ के 9 बंदरगाहों में फैले 15 कंटेनर टर्मिनलों पर लगाया जाएगा। इससे सभी टर्मिनलों को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे संचालन में एकरूपता आएगी और पूरे सिस्टम पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी।

APSEZ ने 2030 तक अपनी विकास योजना के तहत तकनीक और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में कुल 850 मिलियन डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है। इसमें से लगभग 100 मिलियन डॉलर दो चरणों में Kaleris के साथ मिलकर ऑटोमेशन और ऑप्टिमाइजेशन को बढ़ाने पर खर्च किए जाएंगे।

बंदरगाहों की क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य

अदाणी पोर्ट्स का अनुमान है कि इस तकनीकी बदलाव से 2030 तक करीब 91 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जा सकेगी, जो उसकी मौजूदा क्षमता का लगभग 10% है। साथ ही, कंटेनर यार्ड में इस्तेमाल होने वाली RTG क्रेनों की उत्पादकता में 20% तक और टर्मिनल ट्रकों की उत्पादकता में 14% तक सुधार हो सकता है।

AI से तेज होगा माल ढुलाई का काम

APSEZ पहले से ही "शोर-टू-डोर" डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है, जिससे ग्राहक अपने माल की पूरी यात्रा को ट्रैक कर सकते हैं। अब AI आधारित सिस्टम जुड़ने से जहाजों के टर्नअराउंड टाइम में कमी आएगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और ग्राहकों को अधिक भरोसेमंद सेवा मिलेगी।

2030 तक एक अरब टन कार्गो संभालने का लक्ष्य

APSEZ का लक्ष्य 2030 तक हर साल 1 बिलियन टन कार्गो संभालने की क्षमता हासिल करना है। कंपनी का कहना है कि AI, IoT, कंप्यूटर विज़न और एडवांस्ड ऑप्टिमाइजेशन टूल्स की मदद से वह इस लक्ष्य तक तेजी से पहुंच सकेगी।

Adani Group की कंपनी APSEZ भारत की सबसे बड़ी एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स कंपनियों में से एक है। कंपनी भारत में 15 बंदरगाह और टर्मिनल संचालित करती है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, इज़राइल और तंजानिया में भी इसके बंदरगाह हैं। रेल, सड़क, वेयरहाउस और समुद्री परिवहन जैसी सेवाओं को एक ही नेटवर्क में जोड़कर कंपनी पूरे सप्लाई चेन समाधान उपलब्ध कराती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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