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  1. अडानी ग्रीन एनर्जी का नेट प्रॉफिट 19% बढ़कर ₹983 करोड़ पर, रेवेन्यू में भी 17% का उछाल

मार्केट न्यूज़

अडानी ग्रीन एनर्जी का नेट प्रॉफिट 19% बढ़कर ₹983 करोड़ पर, रेवेन्यू में भी 17% का उछाल

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड July 22, 2026, 16:25 IST

सारांश

FY27 की जून तिमाही में अदाणी ग्रीन एनर्जी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 29.23% बढ़कर ₹4,280 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹3,312 करोड़ था। नतीजों के बीच कंपनी के शेयरों में 3.23 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

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Adani Green

Adani Green ने अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़े जारी कर दिए हैं।

Adani Green Energy ने आज 22 जुलाई को FY27 की पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 19.30% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹983 करोड़ हो गया है। कंपनी ने पिछले साल इसी अवधि में ₹824 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। नतीजों के बीच कंपनी के शेयरों में 3.23 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है और यह स्टॉक BSE पर 1492.10 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है।

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कैसे रहे तिमाही नतीजे?

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी ने जून तिमाही में 4431 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के 3,800 करोड़ रुपये से 16.6% ज्यादा है। इस तिमाही में ऑपरेटिंग परफ़ॉर्मेंस में भी सुधार हुआ। EBITDA सालाना आधार पर 31% बढ़कर 3,985 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 3,042 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन भी तेजी से बढ़कर 90% हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 80% था।

बिजली उत्पादन क्षमता और बिक्री में तेज बढ़ोतरी

कंपनी की कुल परिचालन क्षमता 27% बढ़कर 20,142 मेगावाट (MW) हो गई। इस दौरान 4,327 मेगावाट की नई ग्रीनफील्ड क्षमता जोड़ी गई, जबकि सिर्फ पहली तिमाही में 848 मेगावाट की क्षमता बढ़ाई गई। बिजली की बिक्री भी मजबूत रही। कंपनी की एनर्जी सेल्स 30% बढ़कर 13,657 मिलियन यूनिट हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 10,479 मिलियन यूनिट थी।

पावर सप्लाई कारोबार ने दिया सबसे बड़ा योगदान

पावर सप्लाई से कंपनी की आय 29.2% बढ़कर 4,280 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, इस कारोबार से मिलने वाला EBITDA 33% बढ़कर 4,122 करोड़ रुपये रहा। इस सेगमेंट का EBITDA मार्जिन 93.7% तक पहुंच गया, जो पिछले साल 92.8% था। हालांकि, सामान और उपकरणों की बिक्री तथा संबंधित सेवाओं से होने वाली आय घटकर 43 करोड़ रुपये रह गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 429 करोड़ रुपये थी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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