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  1. अडानी पावर ने पहली तिमाही में कमाए 4867 करोड़ रुपये, ₹15000 करोड़ जुटाने का है प्लान

मार्केट न्यूज़

अडानी पावर ने पहली तिमाही में कमाए 4867 करोड़ रुपये, ₹15000 करोड़ जुटाने का है प्लान

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड July 22, 2026, 14:35 IST

सारांश

अडानी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 47.2% बढ़कर 4,866.60 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही बोर्ड ने QIP के जरिए 15,000 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने और कर्ज की सीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।

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अडानी पावर ने अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए हैं। Image: Shutterstock

अडानी ग्रुप की बिजली कंपनी अडानी पावर लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अपने कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में अपने ऑल टाइम हाई ऑपरेशनल और फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। देश भर में गर्मी के कारण बिजली की मांग में आई जबरदस्त तेजी का सीधा फायदा कंपनी को मिला है। इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड ने बिजनेस के विस्तार के लिए 15,000 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने के बड़े प्रस्ताव को भी अपनी मंजूरी दे दी है।

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नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू में बड़ा उछाल

कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही में अडानी पावर का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 47.24% बढ़कर 4,866.60 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 3,305.13 करोड़ रुपये रहा था। वहीं अगर कंपनी के कुल रेवेन्यू की बात करें, तो यह सालाना आधार पर 32.58% की तेजी के साथ 19,322.30 करोड़ रुपये हो गया है। बीते साल की समान तिमाही में कंपनी ने 14,573.70 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया था। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA भी इस दौरान 36.09% बढ़कर 8,369.09 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।

बिजली की बिक्री और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश भर में बिजली की खपत बढ़कर 485 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई, जिसका बड़ा लाभ कंपनी के ऑपरेशन्स को मिला। अडानी पावर का कंसोलिडेटेड पावर सेल वॉल्यूम 16.9 परसें बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट हो गया, जो पिछले साल इसी दौरान 24.6 बिलियन यूनिट था। इस दौरान कंपनी का प्लांट लोड फैक्टर यानी PLF सुधरकर 77.9% पर आ गया, जो बीते साल की पहली तिमाही में 67% था। कंपनी की कुल इंस्टॉल कैपेसिटी भी बढ़कर 18,330 मेगावाट हो गई है। लॉन्ग टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट यानी पीपीए के तहत बिजली की बिक्री 30.3% बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट रही।

15,000 करोड़ रुपये जुटाने का बड़ा प्लान

22 जुलाई 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में कंपनी ने फ्यूचर ग्रोथ और नए प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट यानी QIP या अन्य कानूनी तरीकों से 15,000 करोड़ रुपये तक की रकम जुटाने को मंजूरी दी है। इसके अलावा बोर्ड ने कंपनी की कुल कर्ज लेने की सीमा को भी 75,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 करोड़ रुपये करने का फैसला किया है। इन फैसलों पर शेयरधारकों की सहमति हासिल करने के लिए कंपनी 14 अगस्त 2026 को एक एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग यानी ईजीएम आयोजित करने जा रही है।

अधिग्रहण और फ्यूचर बिजनेस प्लान

अडानी पावर ने जयप्रकाश एसोसिएट्स के पावर एसेट्स के अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसमें 180 मेगावाट का चुरक थर्मल पावर प्लांट, जयप्रकाश पावर वेंचर्स में 24% इक्विटी हिस्सेदारी और प्रयागराज पावर जनरेशन कंपनी में 11.49% हिस्सेदारी शामिल है। कंपनी अपनी कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी को 45 गीगावाट तक बढ़ाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। कंपनी के पास चल रहे प्रोजेक्ट्स के इंप्लिमेंटेशन के लिए मजबूत लिक्विडिटी उपलब्ध है। इसके साथ ही कंपनी हाइड्रो पावर और न्यूक्लियर पावर सेक्टर के नए मौकों में भी अपने कदम बढ़ा रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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