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4 min read | अपडेटेड August 26, 2026, 09:47 IST
सारांश
इसके बाद आज AESL के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। 9:20 बजे तक अडानी एनर्जी के शेयरों में .78% यानी कि 7 रुपये तक की तेजी देखने को मिली। जिसके बाद अडानी एनर्जी के शेयर 1,600 रुपये प्रति शेयर तक भी पहुंच गए थे।
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अडानी एनर्जी सॉल्यूशन्स लिमिटेड के शेयरों में क्यों दिख रही हलचल? (Photo: Shutterstock)
अडानी एनर्जी सॉल्यूशन्स लिमिटेड (AESL) को महाराष्ट्र में करीब ₹4,700 करोड़ का बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी ने आज जारी मीडिया रिलीज में बताया कि यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र में रिन्यूएबल एनर्जी और पंप्ड स्टोरेज पावर की निकासी क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए महाराष्ट्र में 4,500 मेगावाट तक की पंप्ड स्टोरेज क्षमता से बिजली की निकासी को सपोर्ट किया जाएगा। इसके बाद आज AESL के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। 9:45 बजे तक अडानी एनर्जी के शेयरों में 2% यानी कि 32 रुपये तक की तेजी देखने को मिली। जिसके बाद अडानी एनर्जी के शेयर 1,626 रुपये प्रति शेयर तक भी पहुंच गए थे।
इस प्रोजेक्ट का नाम ‘नेटवर्क एक्पेंशन स्कीम इन वेस्टर्न रीजन टू काटर टू पम्प्ड स्टोरेज पोटेंशियल नीयर सतारा (up to 4500 MW) - Part A’ है। अडानी एनर्जी ने इसे टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (Tariff Based Competitive Bidding, TBCB) प्रक्रिया के तहत हासिल किया है, जहां कंपनी सबसे कम बोली लगाने वाली यानी L1 बिडर रही। प्रोजेक्ट के लिए सतारा पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड नाम से एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक, प्रोजेक्ट को करीब 36 महीने में पूरा किया जाना है। इसके पूरा होने के बाद अडानी एनर्जी के ट्रांसमिशन पोर्टफोलियो में 562 सर्किट किलोमीटर (ckm) ट्रांसमिशन लाइन और 9,000 MVA ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जुड़ जाएगी। इससे कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़कर 29,739 ckm और ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,43,425 MVA हो जाएगी।
यह प्रोजेक्ट कर्नाटक में पैदा होने वाली रिन्यूएबल एनर्जी को महाराष्ट्र के प्रमुख बिजली खपत केंद्रों तक पहुंचाने में मदद करेगा। साथ ही इसका फोकस सतारा, पुणे और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में बढ़ते पंप्ड स्टोरेज इकोसिस्टम को सपोर्ट करना है।
प्रोजेक्ट के तहत सतारा में 765/400 kV सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा कोल्हापुर-सतारा 765 kV डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन बनाई जाएगी और कोल्हापुर पूलिंग स्टेशन की क्षमता में भी बढ़ोतरी की जाएगी। इसके साथ जरूरी ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा।
भारत में सोलर और विंड एनर्जी का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इन स्रोतों से मिलने वाली बिजली मौसम और समय पर निर्भर करती है। ऐसे में पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट बिजली को स्टोर करने और जरूरत के समय ग्रिड में उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। अडानी एनर्जी के सीईओ कंदर्प पटेल के मुताबिक, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड में जोड़ने के लिए जरूरी लचीलापन और विश्वसनीयता देते हैं। सतारा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी की निकासी के साथ-साथ एनर्जी स्टोरेज को भी सपोर्ट करेगा और दक्षिणी तथा पश्चिमी भारत के बीच बिजली के प्रवाह को मजबूत करेगा।
इस नए प्रोजेक्ट से कंपनी के ट्रांसमिशन कारोबार को और मजबूती मिलेगी। कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस जीत के बाद अडानी एनर्जी का ट्रांसमिशन ऑर्डरबुक करीब ₹85,000 करोड़ पर पहुंच गया है। यह कंपनी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ने के साथ-साथ उसे अलग-अलग राज्यों और बड़े बिजली खपत केंद्रों तक पहुंचाने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क की जरूरत भी बढ़ रही है।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशन्स केवल ट्रांसमिशन कारोबार तक सीमित नहीं है। कंपनी की मौजूदगी पावर ट्रांसमिशन, बिजली वितरण, स्मार्ट मीटरिंग और कूलिंग सॉल्यूशंस जैसे सेक्टरों में है। कंपनी के अनुसार, उसका संचयी ट्रांसमिशन नेटवर्क 29,739 ckm और ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,43,425 MVA है। रिटेल बिजली वितरण कारोबार में कंपनी मुंबई और मुंद्रा SEZ में करीब 1.3 करोड़ उपभोक्ताओं को सेवा देती है।
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