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4 min read | अपडेटेड August 25, 2026, 14:37 IST
सारांश
Lumino Industries IPO: इस आईपीओ का लॉट साइज 182 शेयरों का है। अपर प्राइस बैंड पर एक रिटेल निवेशक को इसमें कम से कम ₹14,924 का निवेश करना होगा। मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है और बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड इश्यू की रजिस्ट्रार है।

Lumino Industries IPO: यह बिजली के क्षेत्र में काम करने वाली एक बड़ी भारतीय कंपनी है।
पावर केबल्स और कंडक्टर्स बनाने वाली कंपनी Lumino Industries का IPO 27 अगस्त को खुलने वाला है। कंपनी पब्लिक इश्यू के जरिए ₹700 करोड़ जुटाना चाहती है। इसके लिए 78-82 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। निवेशको के पास इसमें 31 अगस्त तक निवेश का मौका रहेगा। यह बिजली के क्षेत्र में काम करने वाली एक बड़ी भारतीय कंपनी है। इसका मुख्य काम बिजली को एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाने का है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है।
Lumino Industries के IPO के तहत 500 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा 200 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी। बता दें कि कंपनी ने ऑफर साइज में कटौती की है। जनवरी 2025 में कंपनी ने ₹1000 करोड़ जुटाने का प्रस्ताव रखा था। इसमें ₹600 करोड़ का नया इश्यू और ₹400 करोड़ का OFS शामिल था।
इस आईपीओ का लॉट साइज 182 शेयरों का है। अपर प्राइस बैंड पर एक रिटेल निवेशक को इसमें कम से कम ₹14,924 का निवेश करना होगा। मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है और बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड इश्यू की रजिस्ट्रार है।
एंकर निवेशकों के लिए यह आईपीओ 25 अगस्त को एक दिन के लिए खुला है। सब्सक्रिप्शन के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 1 सितंबर 2026 को होने की उम्मीद है। वहीं, BSE और NSE पर लिस्टिंग की संभावित तारीख 3 सितंबर तय की गई है।
कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए 10 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयर रिजर्व किए हैं। कर्मचारियों के लिए तय शेयरों को छोड़कर नेट इश्यू साइज का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व किया गया है, जबकि 35 फीसदी शेयर रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए और बाकी 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रखे गए हैं।
Lumino Industries ने बताया कि नए इश्यू से मिलने वाली रकम में से 337 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कुछ बकाया कर्जों को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने या समय से पहले चुकाने में किया जाएगा। इसके अलावा, 15.01 करोड़ रुपये का इस्तेमाल मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में इक्विपमेंट, मशीनरी और सिविल कार्यों के लिए कैपिटल खर्च के तौर पर होगा। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा।
Lumino Industries एक प्रमुख EPC प्लेयर है, जो बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को शुरू से अंत तक डिजाइन, खरीद और निर्माण कर पूरा करती है। इसके मुख्य ग्राहकों में बड़े ईपीसी प्लेयर्स (जैसे Kalpataru Projects, Jackson) और सरकारी बिजली विभाग शामिल हैं।
यह कंपनी ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइनों के लिए एल्युमीनियम कंडक्टर्स, HTLS कंडक्टर्स और अन्य खास कंडक्टर्स बनाती है। भारत के साथ-साथ यह अमेरिका, बांग्लादेश, नेपाल, केन्या, घाना और इथियोपिया जैसे कई देशों में अपने उत्पादों का निर्यात भी करती है। FY26 में कंपनी की कुल कमाई में घरेलू कारोबार का हिस्सा 98 फीसदी था, जबकि बाकी कमाई एक्सपोर्ट से हुई। साल के आखिर में कंपनी के पास कुल 3,149.8 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे।
Lumino Industries के फाइनेंशियल की बात करें तो कंपनी की टोटल इनकम FY25 में 1,718.66 करोड़ रुपये थी, जो FY26 में बढ़कर 2,174.88 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि के दौरान कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 124.59 करोड़ रुपये से बढ़कर 160 करोड़ रुपये हो गया। FY26 तक कंपनी पर कुल 384.16 करोड़ रुपये का कर्ज था।
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