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4 min read | अपडेटेड August 25, 2026, 15:35 IST
सारांश
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 75.15% की बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 7,013 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही पिछले पांच तिमाहियों से विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई की हिस्सेदारी भी कंपनी में लगातार बढ़ रही है।
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हिंडाल्को इंडस्ट्रीज का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पहली तिमाही में 75% बढ़कर 7,013 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।| Image: Shutterstock
आदित्य बिड़ला ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए अपने शानदार नतीजे हाल ही में घोषित किए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 75.15% का जोरदार उछाल देखने को मिला है। सभी बिजनेस सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन और बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस की वजह से कंपनी का मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के 4,004 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,013 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं 1,050 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे कंपनी के शेयर में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई का भरोसा भी लगातार मजबूत हो रहा है। पहले नतीजों पर एक नजर डालते हैं।
पहली तिमाही के दौरान कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड इनकम 32.46% बढ़कर 85,882 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 64,834 करोड़ रुपये थी। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 32.06% बढ़कर 84,825 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले साल इसी दौरान 64,232 करोड़ रुपये रहा था। इसके अलावा कंपनी की अदर इनकम भी 75.58% की तेजी के साथ 602 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,057 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बेहतर मैक्रो माहौल के सहारे हिंडाल्को का एबिटा 73% उछलकर 14,989 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 8,673 करोड़ रुपये था। बिजनेस सेगमेंट की बात करें तो नोवेलिस से रेवेन्यू 35.68% बढ़कर 54,763 करोड़ रुपये रहा। एल्युमीनियम अपस्ट्रीम सेगमेंट का रेवेन्यू 43.64% बढ़कर 13,403 करोड़ रुपये और एल्युमीनियम डाउनस्ट्रीम का रेवेन्यू 45.81% बढ़कर 4,889 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा कॉपर सेगमेंट के रेवेन्यू में भी 15.76% का उछाल देखा गया और यह 17,232 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
अगर हिंडाल्को के स्टैंडअलोन प्रदर्शन को देखें तो कंपनी के नेट प्रॉफिट में दो गुने से भी ज्यादा का उछाल आया है। पहली तिमाही में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 156.93% बढ़कर 4,784 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1,862 करोड़ रुपये था। कंपनी की कुल स्टैंडअलोन इनकम भी 25.56% की बढ़त के साथ 30,860 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। हालांकि इस दौरान कंपनी के कुल खर्च भी 25.42% बढ़कर 74,196 करोड़ रुपये रहे, जिसमें रॉ मैटेरियल की लागत बढ़कर 60,499 करोड़ रुपये हो गई।
एसीई इक्विटी के आंकड़ों के मुताबिक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी पिछले पांच तिमाहियों से लगातार बढ़ रही है। जून 2025 में एफआईआई की हिस्सेदारी 27.60% थी, जो सितंबर 2025 में 28.13%, दिसंबर 2025 में 28.16% और मार्च 2026 में 29.96% पर पहुंची। जून 2026 तिमाही के अंत तक एफआईआई की हिस्सेदारी बढ़कर 31.41% हो गई है, जो विदेशी निवेशकों के मजबूत भरोसे को दिखा रही है, क्योंकि हर तिमाही में विदेशी निवेशकों ने इस कंपनी में खरीदारी की है। यही वजह है कि इस कंपनी का शेयर पिछले एक साल में 46 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखा चुका है। हालांकि पिछले 6 महीने से यह एक रेंज में ही ट्रेड कर रहा है।
नतीजों पर बात करते हुए हिंडाल्को के मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश पाई ने कहा कि कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की शुरुआत रिकॉर्ड रेवेन्यू, एबिटा और नेट प्रॉफिट के साथ की है। भारत में कंपनी के बिजनेस ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है, वहीं नोवेलिस की प्रॉफिटेबिलिटी में भी सुधार आया है। उन्होंने बताया कि एल्युमीनियम अपस्ट्रीम बिजनेस ने अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही एबिटा हासिल किया है। फ्यूचर ग्रोथ के लिए कंपनी के स्ट्रेटजिक इन्वेस्टमेंट्स सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में टिकाऊ ग्रोथ हासिल करने में मदद मिलेगी।
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