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  1. अमेरिका-ईरान युद्ध से कच्चे तेल के दाम में लगी आग, 90 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड

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अमेरिका-ईरान युद्ध से कच्चे तेल के दाम में लगी आग, 90 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड

Upstox

4 min read | अपडेटेड July 20, 2026, 07:31 IST

सारांश

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 4% से ज्यादा का उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं, जिससे तेल की सप्लाई रुकने की चिंता बढ़ गई है।

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आया बड़ा उछाल। | Photo: Shutterstock

मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अब बहुत ही खतरनाक रूप ले चुका है। इसका सीधा असर अब दुनियाभर के बाजारों पर दिखने लगा है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 4% से ज्यादा का उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली तेल की सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है।

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क्रूड ऑयल के दामों में जबरदस्त उछाल

ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 2.69 डॉलर यानी 4% बढ़कर 90.79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। यह 11 जून के बाद का सबसे ऊपरी स्तर है। पिछले सप्ताह भी इसमें काफी बढ़त देखने को मिली थी। पिछले हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 15.9% का उछाल आया था, जो अप्रैल के बाद एक हफ्ते में आई सबसे बड़ी बढ़त है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी क्रूड डब्ल्यूटीआई भी 2.19 डॉलर यानी 2.65% चढ़कर 84.68 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जो 12 जून के बाद सबसे ज्यादा है। डब्ल्यूटीआई में भी पिछले हफ्ते 15.5% का उछाल आया था।

क्यों बढ़ रहे हैं कच्चे तेल के दाम?

ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ उसका सीजफायर अब खत्म हो चुका है। इसके बाद से ही होर्मुज के रास्ते होने वाली एनर्जी सप्लाई रुकने का डर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान पर एयरस्ट्राइक की है। अमेरिका का कहना है कि वह उन सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, जिनका इस्तेमाल व्यापारिक जहाजों पर हमले के लिए किया जाता है। इसके अलावा कुवैत ने भी ईरानी ड्रोन हमलों को रोकने का दावा किया है।

होर्मुज के रास्ते में जहाजों पर एक्शन

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की नौसेना ने होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे चार अनजान जहाजों को रोक दिया है। बताया जा रहा है कि इन जहाजों ने चेतावनी को अनदेखा किया था। इनमे से दो जहाजों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर है, जबकि बाकी दो को वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा ब्रिटेन के समुद्री व्यापार विभाग के अनुसार ओमान के पास भी एक जहाज में आग लगने की घटना सामने आई है, हालांकि इसका कारण अभी तक पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है।

कई देशों में बढ़ रहा है तनाव

यह युद्ध अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलों और बंदरगाहों को भी निशाना बनाया जा रहा है। कुवैत ने बताया है कि शनिवार को हुए एक ईरानी हमले में उसके एक तेल ठिकाने को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं यमन में ईरान का समर्थन पाने वाले हूती विद्रोहियों ने भी लाल सागर में व्यापारिक जहाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। उन्होंने सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर भी हमले की धमकी दी है।

जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन को छोड़कर पूरी दुनिया में तेल का रिजर्व इस वक्त अपने सबसे निचले स्तर पर है। ऐसे में अगर तेल की सप्लाई में कोई बड़ी रुकावट आती है, तो मार्केट के पास इस झटके को सहने की ताकत बहुत कम है। इस युद्ध का असर कुवैत और बहरीन जैसे देशों पर भी पड़ रहा है। इजराइल ने भी अपने इलाके में ईरानी ड्रोन को मार गिराया है। अमेरिका ने फारस की खाड़ी में अपनी हलचल तेज कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में तेल संकट और ज्यादा गहरा सकता है।

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