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₹2,000 से ऊपर UPI पेमेंट पर MDR: सुप्रीम कोर्ट ने रोक से किया इनकार, केंद्र से मांगा जवाब

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 28, 2026, 16:19 IST

सारांश

केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एनएल वेंकटरमण ने कहा कि नया फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर से लागू होगा और पेमेंट गेटवे के 96% यूजर्स इससे बाहर रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह टैक्स या फीस नहीं है। यह उन खिलाड़ियों के बीच सेटलमेंट चार्ज है, जो पेमेंट सर्विस देते हैं।

UPI MDR

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि UPI की शुरुआत से ब्लैक मनी वाले लेनदेन को कम करने में मदद मिली है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ₹2000 से ज्यादा के चुनिंदा UPI पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के केंद्र के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस चार्ज के आधार और कानूनी स्वरूप के बारे में हलफनामा दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे। बेंच ने केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को नोटिस जारी किया और चार हफ्ते के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा।

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याचिकाकर्ता ने क्या कहा?

एडवोकेट अंजन दत्ता की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) में केंद्र के इस फैसले को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि UPI की शुरुआत से ब्लैक मनी वाले लेनदेन को कम करने में मदद मिली है। उन्होंने आशंका जताई कि नए चार्ज से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता है और कोर्ट से इस फैसले पर रोक लगाने की मांग की।

कोर्ट द्वारा नोटिस जारी करने और चार हफ्ते में जवाब मांगने के बाद याचिकाकर्ता के वकील ने तब तक फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध किया। हालांकि, कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

केंद्र सरकार ने क्या कहा?

केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एनएल वेंकटरमण ने कहा कि नया फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर से लागू होगा और पेमेंट गेटवे के 96% यूजर्स इससे बाहर रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह टैक्स या फीस नहीं है। यह उन खिलाड़ियों के बीच सेटलमेंट चार्ज है, जो पेमेंट सर्विस देते हैं।

एएसजी ने कहा कि इस व्यवस्था में बैंक और अन्य ऑपरेटर शामिल हैं और सरकार को इससे कोई पैसा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह रकम एग्रीगेटर्स और बैंकों को जाएगी, जो कैश की जगह डिजिटल ट्रांजैक्शन की सुविधा देते हैं।

₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर कितना MDR?

नए फ्रेमवर्क के तहत ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा UPI पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगेगा। इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तय की गई है। रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसे चुनिंदा सेक्टर में ₹2000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर ₹5 का फ्लैट चार्ज लागू होगा।

छोटे मर्चेंट के लिए क्या है नियम?

P2PM कैटेगरी में हर महीने ₹1 लाख तक UPI QR पेमेंट लेने वाले छोटे मर्चेंट के लिए जीरो MDR की व्यवस्था जारी रहेगी। नए फ्रेमवर्क में छोटे मर्चेंट के लिए एक अलग फंड बनाने का भी प्रावधान है। इसमें कुल MDR कलेक्शन का 5% योगदान दिया जाएगा। इस फंड का इस्तेमाल डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और छोटे मर्चेंट के बीच UPI की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

नया फ्रेमवर्क पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 के तहत लाया गया है। यह 15 अक्टूबर से लागू होगा। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि नई व्यवस्था से ज्यादातर कंज्यूमर पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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