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  1. अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने जोर्डन में US फोर्सेस को बनाया निशाना, कच्चे तेल की कीमतें उछली

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अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने जोर्डन में US फोर्सेस को बनाया निशाना, कच्चे तेल की कीमतें उछली

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड August 31, 2026, 13:20 IST

सारांश

ये हमले US CENTCOM और IRGC, दोनों के ही होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल के दावों के कुछ ही दिनों बाद हुए हैं। CENTCOM ने घोषणा की थी कि होर्मुज स्ट्रेट समुद्री बारूदी सुरंगों से मुक्त है और जहाजों की आवाजाही के लिए खुला है।

अमेरिका-ईरान

अमेरिका और ईरान में फिर बढ़ी टेंशन, कच्चे तेल के दाम फिर बढ़े (Photo: Shutterstock)

ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर सैन्य हमला देखने को मिला है। करीब 1 महीने के बाद दोनों देशों के बीच इस तरह का कोई हमला हुआ है। इस टकराव में तनाव बढ़ने के ताजा दौर में अमेरिकी सेना ने ईरान के लराक द्वीप पर हमला किया है। US CENTCOM ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में बारूदी सुरंगें बिछाने में शामिल IRGC बलों के खिलाफ सीमित और सटीक कार्रवाई की, इन सुरंगों से जहाजों की आवाजाही को तुरंत खतरा था। सेना ने कहा कि यह कार्रवाई आम नागरिकों, कमर्शियल जहाजों और ग्लोबल बिजनेस के सुचारू प्रवाह की सुरक्षा के लिए की गई थी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि इस हमले में कई सैनिक और नागरिक मारे गए और घायल हुए। ईरानी मीडिया ने IRC का एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि उसने जवाब में जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया।

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ये हमले US CENTCOM और IRGC, दोनों के ही होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल के दावों के कुछ ही दिनों बाद हुए हैं। CENTCOM ने घोषणा की थी कि होर्मुज स्ट्रेट समुद्री बारूदी सुरंगों से मुक्त है और जहाजों की आवाजाही के लिए खुला है। जवाब में IRGC ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट पर उनका निर्णायक कंट्रोल है। अमेरिका-ईरान टकराव में तनाव बढ़ने की नई खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 2% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

आज 31 अगस्त को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। अमेरिका की ओर से ईरान के लराक द्वीप पर हमले और इसके जवाब में ईरान की कार्रवाई के बाद होर्मुज स्ट्रेट में तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। इससे ब्रेंट क्रूड करीब 2–3% चढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि WTI भी बढ़कर करीब 85 डॉलर प्रति बैरल हो गया। हालांकि, इससे पहले पिछले सप्ताह ब्रेंट में 5% से ज्यादा की गिरावट आई थी, क्योंकि बाजार को स्ट्रेट होर्मुज से कुछ तेल आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद थी। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता बढ़ा सकता है, क्योंकि इससे आयात बिल, रुपये और महंगाई पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है। फिलहाल घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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