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  1. भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली मंजूरी, जल्द दौड़ेगी जींद-सोनीपत रूट पर

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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली मंजूरी, जल्द दौड़ेगी जींद-सोनीपत रूट पर

Upstox

2 min read | अपडेटेड May 27, 2026, 17:37 IST

सारांश

हाइड्रोजन ट्रेन खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि यह डीजल या कोयले की तरह प्रदूषण नहीं फैलाती। इसमें हाइड्रोजन गैस से बिजली बनाई जाती है और इस प्रक्रिया में केवल पानी की भाप निकलती है। यानी धुआं या जहरीली गैसें नहीं निकलतीं। इसी वजह से इसे पर्यावरण के लिए बेहतर और ग्रीन तकनीक माना जा रहा है।

Hydrogen train

Hydrogen train: रेलवे ने जींद में हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग स्टेशन भी तैयार किया है।

Indian Railways अब देश में एक नई शुरुआत करने जा रहा है। रेलवे ने भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को चलाने की मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर चलेगी। इसमें 10 डिब्बे होंगे और यह अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। इस ट्रेन में 1200 किलोवाट का हाइड्रोजन फ्यूल सेल इंजन लगाया गया है। यहां हम जानेंगे कि इस नई ट्रेन में क्या खास है।

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क्यों खास है यह नई ट्रेन?

हाइड्रोजन ट्रेन खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि यह डीजल या कोयले की तरह प्रदूषण नहीं फैलाती। इसमें हाइड्रोजन गैस से बिजली बनाई जाती है और इस प्रक्रिया में केवल पानी की भाप निकलती है। यानी धुआं या जहरीली गैसें नहीं निकलतीं। इसी वजह से इसे पर्यावरण के लिए बेहतर और ग्रीन तकनीक माना जा रहा है।

दुनिया में अभी बहुत कम देश हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देशों के बाद अब भारत भी इस खास क्लब में शामिल हो गया है। इससे साफ है कि भारत अब साफ और आधुनिक परिवहन तकनीक की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।

रेलवे ने जींद में हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग स्टेशन भी तैयार किया है, जहां ट्रेन में हाइड्रोजन भरी जाएगी। इसके लिए जरूरी सुरक्षा मंजूरी भी मिल चुकी है। हाइड्रोजन गैस को सुरक्षित तरीके से स्टोर करने और भरने के लिए खास मशीनें और सुरक्षा सिस्टम लगाए गए हैं।

सुरक्षा का खास ध्यान

सुरक्षा को लेकर रेलवे काफी सतर्क है। गैस लीकेज पकड़ने वाले सेंसर, आग का पता लगाने वाले डिटेक्टर और 24 घंटे निगरानी जैसी सुविधाएं लगाई गई हैं। शुरुआत में ट्रेन के साथ विशेष तकनीकी स्टाफ भी रहेगा ताकि किसी तरह की समस्या आने पर तुरंत समाधान किया जा सके।

इस प्रोजेक्ट को भारत के स्वच्छ ऊर्जा और नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसका मकसद रेलवे को ज्यादा ऊर्जा-कुशल, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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