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देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए बड़ा कदम, सरकार ने लॉन्च की ₹62500 करोड़ की स्कीम, क्या है प्लान?

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 21, 2026, 18:49 IST

सारांश

सरकार का लक्ष्य सिर्फ मोबाइल फोन की असेंबलिंग बढ़ाना नहीं है, बल्कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को देश में मजबूत करना है। इससे घरेलू कंपनियों और स्थानीय सप्लायर्स को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

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नई स्कीम सरकार की पहली प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के बाद लाई गई है। (Image: Pixabay)

सरकार ने आज 21 अगस्त को मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दी है। यह पांच साल की योजना है, जिस पर सरकार कुल ₹62500 करोड़ खर्च करेगी। इसका मकसद भारत में मोबाइल फोन के उत्पादन को बढ़ावा देना और देश के मोबाइल फोन उद्योग को मजबूत करना है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चलेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इसके तहत कंपनियों को 2.25% से 5% तक इंसेंटिव दिया जाएगा।

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मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और भारतीय ब्रांड पर फोकस

MPMS के तहत सरकार का मुख्य फोकस दो क्षेत्रों पर रहेगा। पहला, भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन बढ़ाना और दूसरा, भारतीय मोबाइल फोन ब्रांड्स को आगे बढ़ने में मदद करना। इसके साथ ही कंपनियों को मोबाइल फोन में भारत में बने ज्यादा कंपोनेंट्स और सब-असेंबली का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य सिर्फ मोबाइल फोन की असेंबलिंग बढ़ाना नहीं है, बल्कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को देश में मजबूत करना है। इससे घरेलू कंपनियों और स्थानीय सप्लायर्स को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

पहली मोबाइल PLI स्कीम ने हासिल किए बड़े लक्ष्य

नई स्कीम सरकार की पहली प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के बाद लाई गई है। मोबाइल फोन के लिए शुरू की गई पहली PLI स्कीम ने निवेश, उत्पादन और एक्सपोर्ट के मामले में तय लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया था।

पहली मोबाइल PLI स्कीम के तहत सरकार ने ₹7,000 करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा था। इसके मुकाबले कंपनियों का वास्तविक निवेश ₹20,500 करोड़ से ज्यादा रहा। इसी तरह, मोबाइल फोन का उत्पादन ₹11.61 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जबकि लक्ष्य ₹8.12 लाख करोड़ था। मोबाइल फोन का एक्सपोर्ट भी ₹6.43 लाख करोड़ रहा, जो ₹4.87 लाख करोड़ के लक्ष्य से काफी ज्यादा है।

घरेलू वैल्यू एडिशन भी बढ़ा

पहली मोबाइल PLI स्कीम से देश के मोबाइल फोन इकोसिस्टम में करीब 14 अरब डॉलर का निवेश आया। इसके साथ ही मोबाइल फोन में घरेलू वैल्यू एडिशन भी बढ़ा है। यह पहले के 15% से बढ़कर 23% हो गया है। सरकार को उम्मीद है कि नई MPMS से भारत में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग और घरेलू कंपनियों को और बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, देश में मोबाइल फोन से जुड़े कंपोनेंट्स के उत्पादन को भी बढ़ाया जा सकेगा।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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