return to news
  1. भारत-नेपाल के बीच व्यापार बढ़ाने की तैयारी, कस्टम से लेकर रेल-सड़क कनेक्टिविटी पर चर्चा

बिजनेस न्यूज़

भारत-नेपाल के बीच व्यापार बढ़ाने की तैयारी, कस्टम से लेकर रेल-सड़क कनेक्टिविटी पर चर्चा

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 18, 2026, 14:52 IST

सारांश

बैठक में दोनों देशों के उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। कृषि उत्पादों, डेयरी, खाद्य उत्पादों, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज और आयुष उत्पादों से जुड़े मुद्दों को भी बैठक में उठाया गया।

India Nepal

बैठक में कस्टम प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने पर भी चर्चा हुई।

India-Nepal Trade: भारत और नेपाल के बीच व्यापार, ट्रांजिट और सीमा पार कारोबार से जुड़े मुद्दों को लेकर नई दिल्ली में अहम बैठक हुई। 16-17 सितंबर 2026 के दौरान चली यह बैठक भारत-नेपाल इंटर-गवर्नमेंटल सब-कमेटी (IGSC) के तहत वाणिज्य भवन में आयोजित की गई। बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने की अगुवाई

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव उज्ज्वल कुमार घोष ने किया। वहीं, नेपाल के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई नेपाल के उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव बुद्ध बहादुर गुरूंग ने की। दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। IGSC भारत और नेपाल के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने और दोनों देशों के बीच व्यापार व ट्रांजिट को आसान बनाने का एक अहम संस्थागत मंच है।

बाजार पहुंच और कई उत्पादों पर चर्चा

बैठक में दोनों देशों के उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। कृषि उत्पादों, डेयरी, खाद्य उत्पादों, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज और आयुष उत्पादों से जुड़े मुद्दों को भी बैठक में उठाया गया। इसके अलावा, उत्पादों के लिए जरूरी मानकों और पौधों से जुड़े स्वास्थ्य नियमों यानी फाइटोसैनिटरी जरूरतों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि वैध व्यापार को ज्यादा आसानी से बढ़ाया जा सके।

कस्टम प्रक्रिया और डिजिटल सिस्टम पर जोर

बैठक में कस्टम प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने पर भी चर्चा हुई। इसमें माल पहुंचने से पहले जरूरी जानकारी साझा करना, सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन की इलेक्ट्रॉनिक जांच, कस्टम प्रक्रिया का ऑटोमेशन और डिजिटलाइजेशन जैसे मुद्दे शामिल रहे।

दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि वैध व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, व्यापार में मिलने वाली विशेष सुविधाओं के गलत इस्तेमाल और अनधिकृत व्यापार को रोकने के लिए व्यवस्था मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

सड़क-रेल कनेक्टिविटी और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर

ट्रांजिट और कनेक्टिविटी भी बैठक का अहम हिस्सा रहे। दोनों पक्षों ने रेल और सड़क कनेक्टिविटी, माल की आवाजाही, इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और लैंड-पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की। मौजूदा ढांचे का बेहतर इस्तेमाल करने और सीमा पर व्यापार में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने मानकों, खाद्य सुरक्षा, प्लांट क्वारंटीन और उत्पादों की गुणवत्ता जांच के क्षेत्र में सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।

अनधिकृत व्यापार रोकने पर भी जोर

भारत और नेपाल ने वैध सीमा पार व्यापार को आसान बनाने के साथ-साथ अनधिकृत व्यापार और कारोबारी धोखाधड़ी से जुड़े मामलों पर मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने आगे भी संस्थागत स्तर पर बातचीत जारी रखने और जिन मुद्दों पर तकनीकी जांच जरूरी है, उन पर समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर सहमति जताई।

भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से करीबी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और नेपाल में निवेश का भी एक अहम स्रोत है। इस बैठक से दोनों देशों के बीच व्यापार, ट्रांजिट कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख