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  1. एन चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल का प्रस्ताव रद्द, जानिए टाटा ट्रस्ट्स ने क्या कहा?

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एन चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल का प्रस्ताव रद्द, जानिए टाटा ट्रस्ट्स ने क्या कहा?

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 17, 2026, 17:29 IST

सारांश

टाटा ट्रस्ट्स ने साफ कर दिया है कि टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को दोबारा नियुक्त करने का फैसला कानूनी रूप से रद्द माना जाएगा। बोर्ड बैठक में चार डायरेक्टर्स ने प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि नोएल टाटा ने इसके खिलाफ वोट दिया।

tata sons chairman Chandrasekaran

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के री-अपॉइंटमेंट प्रस्ताव पर टाटा ट्रस्ट्स ने कानूनी रोक लगाई।

टाटा ग्रुप में लीडरशिप को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। टाटा ट्रस्ट्स ने अपने रुख को एक बार फिर साफ करते हुए कहा है कि टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को दोबारा री-अपॉइंट न करने का फैसला पूरी तरह से स्वीकार कर लिया गया है और यह अंतिम है। एन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म हो रहा है। इसके बाद उन्होंने खुद पद न संभालने की इच्छा जताई थी। टाटा ट्रस्ट्स ने कहा है कि अब इस फैसले को बदला नहीं जा सकता है क्योंकि कंपनी के शेयरहोल्डर्स, कर्मचारी, बैंक और मार्केट सभी इसी फैसले के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।

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चंद्रशेखरन के दोबारा चुनाव न लड़ने का फैसला अंतिम

इससे पहले 12 अगस्त 2026 को एन चंद्रशेखरन ने खुद टाटा संस के बोर्ड को यह जानकारी दी थी कि वे अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा इस पद पर नहीं रहना चाहते। टाटा ट्रस्ट्स का कहना है कि यह फैसला चंद्रशेखरन ने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से लिया था। इस फैसले को सार्वजनिक करने से पहले शेयरहोल्डर्स के साथ कोई चर्चा नहीं की गई थी। एक बार जब इस फैसले का पब्लिक में ऐलान कर दिया गया, तो इसके बाद इसको वापस नहीं लिया जा सकता। टाटा ट्रस्ट्स ने इस फैसले को अगले ही दिन औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया था और नए चेयरमैन के चुनाव के लिए सेलेक्शन कमेटी बनाने की सलाह दी थी।

बोर्ड बैठक में प्रस्ताव बना कानूनी रूप से अमान्य

आज हुई बोर्ड बैठक में एन चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन नियुक्त करने का प्रस्ताव लाया गया था। इस प्रस्ताव पर चार डायरेक्टर्स ने पक्ष में वोट दिया, जबकि नोएल टाटा ने इसके विरोध में वोट किया। टाटा ट्रस्ट्स ने साफ किया है कि कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के नियमों के मुताबिक यह प्रस्ताव कानूनी रूप से पूरी तरह अमान्य है। टाटा ट्रस्ट्स का मानना है कि इस प्रस्ताव की कोई कानूनी अहमियत नहीं है और इसे नियम के खिलाफ जाकर पास नहीं किया जा सकता।

क्या कहते हैं टाटा संस के नियम?

कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के मुताबिक चेयरमैन की नियुक्ति या री-अपॉइंटमेंट के लिए टाटा ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर्स का बहुमत के साथ समर्थन होना अनिवार्य है। यह नियम पहली बार चेयरमैन चुने जाने और दोबारा नियुक्त किए जाने, दोनों ही मामलों में एक समान रूप से लागू होता है। नियम के अनुसार जब तक दोनों नॉमिनी डायरेक्टर्स मीटिंग में मौजूद न हों और दोनों प्रस्ताव के पक्ष में वोट न दें, तब तक बोर्ड कोई भी वैध फैसला नहीं ले सकता। चूंकि नोएल टाटा जो कि ट्रस्ट के नॉमिनी डायरेक्टर हैं, उन्होंने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया, इसलिए यह प्रस्ताव कानूनी रूप से शून्य और अमान्य हो गया।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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