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  1. कहीं अटक तो नहीं गई भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता, सर्जियो गोर ने किया साफ, क्या है पूरा मामला?

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कहीं अटक तो नहीं गई भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता, सर्जियो गोर ने किया साफ, क्या है पूरा मामला?

Namita Shukla

5 min read | अपडेटेड July 14, 2026, 08:15 IST

सारांश

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड वार्ता जारी है और उम्मीद की जा रही है कि इस महीने दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पूरी भी हो जाएगी। हालांकि इस दौरान ऐसी अफवाहें आ रही हैं कि भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील से इनकार कर दिया है। चलिए समझते हैं क्या है पूरा मामला।

भारत-अमेरिका

भारत और अमेरिका ट्रेड वार्ता को लेकर क्या हैं लेटेस्ट अपडेट्स? (Photo: Shutterstock)

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड वार्ता लंबे समय से जारी है, लेकिन अभी तक ट्रेड डील का ऐलान नहीं हो पाया है। इस महीने दोनों देशों के बीच ट्रेड डील सील होने की उम्मीद है, लेकिन इस बीच ऐसी खबर आई, जिसके बाद इंडिया में मौजूदा अमेरिकी एंबेसडर सर्जियो गोर को सफाई देनी पड़ी। दरअसल एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ‘अधिकारियों और जानकारों का कहना है कि हाल की बातचीत में भारत ने अमेरिका के साथ जल्दबाजी में कोई ट्रेड एग्रीमेंट करने से इनकार कर दिया है और वह बेहतर डील का इंतजार कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नए ट्रेड पार्टनर, कम होते आर्थिक जोखिम और देश में मिल रहे राजनीतिक फायदों से भरोसा मिलरहा है।’ सर्जियो ने इस दावे को पूरी तरह से अफवाह करार दिया है।

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सर्जियो गोर क्या बोले

उन्होंने अपने आधिकारिक X हैंडल पर इस रिपोर्ट के जवाब में लिखा, ‘फेक न्यूज अलर्ट! किसी ने भी कुछ भी खारिज नहीं किया है। दोनों पक्षों के बीच बहुत ही सकारात्मक बैठकें हुईं और उन्होंने ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। हम लगातार सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।’ वहीं एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है और इसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। अधिकारी ने कहा कि सही समय आने पर इस पर साइन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समझौते में भारत अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में टैरिफ के मोर्चे पर बेहतर स्थिति हासिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी टीम के साथ बहुत अच्छी चर्चा हुई है। रूपरेखा समझौता तैयार है... जब सही समय होगा, तब इस पर साइन किए जाएंगे। हम रूपरेखा समझौते और द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) दोनों पर बातचीत कर रहे हैं और दोनों प्रक्रियाएं अच्छी तरह आगे बढ़ रही हैं।’

कहां तक पहुंची बातचीत?

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने पिछले महीने यहां द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की थी। अधिकारी ने कहा कि व्यापार समझौते मुख्य रूप से तरजीही बाजार पहुंच और प्रतिस्पर्धात्मक लाभ से जुड़े होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘जब भी यह तैयार होगा, समझौते पर साइन किए जाएंगे। दोनों पक्षों को यह क्लियर है कि समझौते की रूपरेखा में क्या शामिल है और बीटीए के तहत किन मुद्दों पर बातचीत हो रही है। हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’ अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है और उन्हें इस मामले में कोई चुनौती नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है। भारत, अमेरिका से ऊर्जा आयात भी बढ़ा रहा है।

इसे भी पढ़ेंः ग्लोबल टेंशन के बीच भारत ने कैसे एनर्जी संकट का किया सामना उन्होंने कहा, ‘भारत और अमेरिका के बीच किसी तरह की नकारात्मकता या मतभेद नहीं है। दोनों पक्ष एक-दूसरे की अपेक्षाओं को जानते हैं और यह भी जानते हैं कि रूपरेखा समझौते में क्या शामिल होगा तथा इससे आगे द्विपक्षीय व्यापार समझौते में किन मुद्दों पर बातचीत हो रही है।’

क्या बोले पीयूष गोयल?

इस बीच, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर आई एक मीडिया रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा कि दोनों देशों की टीम ऐसे समझौते के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं, जो संतुलित, व्यावसायिक रूप से लाभकारी हो और कारोबारियों, किसानों, श्रमिकों तथा उपभोक्ताओं को ठोस लाभ पहुंचाए।

गोयल ने सोशल मीडिया मंच पर कहा, ‘दोनों पक्षों ने ऐसे समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जो संतुलित, व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण और दोनों देशों के कारोबारियों, किसानों, श्रमिकों तथा उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी हो। हमारी टीम इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।’ वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारत बंधुआ मजदूरी और अत्यधिक उत्पादन क्षमता से जुड़ी अमेरिकी जांच के मामले में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम इसके परिणाम पर करीबी नजर रख रहे हैं।’

यूएसटीआर ने 11 और 12 मार्च, 2026 को बंधुआ मजदूरी और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता से जुड़े मुद्दों को लेकर 60 देशों के खिलाफ अलग-अलग जांच शुरू की थी। यूएसटीआर ने 2 जून को बंधुआ मंजदूरी से जुड़े जांच के निष्कर्ष जारी किए थे और 60 देशों से होने वाले आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था। इसमें कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मेक्सिको और पाकिस्तान से आयात पर 10% तथा भारत और चीन समेत 54 अन्य देशों पर 12.5% शुल्क लगाने का प्रस्ताव शामिल है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है। अतिरिक्त उत्पादन क्षमता से जुड़ी जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट भी अभी जारी नहीं हुई है। अग्रवाल ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद अंतिम निर्णय में कम से कम चार से छह महीने या उससे अधिक समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते में दोनों देशों के व्यापार संबंधों से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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