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चीन और अमेरिका को पीछे छोड़ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाः IMF

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड July 09, 2026, 07:50 IST

सारांश

आईएमएफ ने कहा कि ग्लोबल अर्थव्यवस्था के 2026 में 3% और 2027 में 3.4% की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह 2024-25 के औसत 3.5% की तुलना में कम है और अप्रैल के अनुमान के मुकाबले कुल मिलाकर लगभग अपरिवर्तित है।

भारतीय अर्थव्यवस्था

आईएमएफ ने 2026-27 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6.5 से घटाकर 6.4% किया (Photo: Shutterstock)

भारत ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था का अपना रुतबा बनाए रखा हुआ है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का अनुमान है कि मौजूदा कैलेंडर ईयर में इसकी ग्रोथ रेट 7% प्रतिशत रहेगी। IMF की मुख्य छमाही रिपोर्ट, 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) अपडेट' बुधवार को जारी की गई, उसके मुताबिक अगले कैलेंडर ईयर में भारत की GDP ग्रोथ थोड़ी कम होकर 6.4% रह सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की यह अनुमानित ग्रोथ प्राइवेट कंजम्पशन और सर्विस सेक्टर की मजबूत गतिविधियों पर टिकी है। भारत की ग्रोथ का अनुमान ग्लोबल आंकड़ों से दोगुने से भी ज्यादा है, क्योंकि रिपोर्ट में इस साल वर्ल्ड इकोनॉमी की ग्रोथ 3% रहने का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में वर्ल्ड इकोनॉमी की ग्रोथ के लिए काफी पॉजिटिव नजरिया पेश किया गया है, क्योंकि अगले साल इसके 3.4% बढ़ने की उम्मीद है।

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वहीं चीन सबसे तेजी से बढ़ती दूसरी अर्थव्यवस्था है, इसके बारे में अनुमान है कि इस साल उसकी ग्रोथ 4.6% रहेगी और अगले साल इसमें 0.5% की कमी आएगी, जिससे यह 4.1% रह जाएगी। अमेरिका तीसरे स्थान पर है, जिसकी ग्रोथ का अनुमान इस साल 2.3% और अगले साल 2.2% है। डब्ल्यूईओ रिपोर्ट ने अपडेटेड वर्जन में कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2027-28 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.7% की दर से बढ़ेगी। यह अप्रैल के 6.5% के अनुमान से 0.2% अंक अधिक है। आईएमएफ ने कहा, ‘भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। प्राइवेट कंजप्शन और सर्विस सेक्टर की मजबूत गतिविधियों के दम पर उसकी वृद्धि दर 6.4% रहने का अनुमान है।’

आईएमएफ के वर्ल्ड इकोनॉमिक स्टडीज डिवीजन के हेड डेनिज इगन ने कहा कि भारत के वृद्धि अनुमान में संशोधन के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा, ‘एक ओर हालिया आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं और अप्रैल तक के हाइ-फ्रीक्वेंसी वाले इंडिकेटरों से ओवरऑल इकोनॉमिक एक्टिविटीज में मजबूती दिखाई दी है।’ हालांकि, उन्होंने कहा कि 2026-27 के लिए इन पॉजिटिव संकेतों का असर ऊर्जा कीमतों में वृद्धि से काफी हद तक कम हो गया। साथ ही, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर भारत में रिटेल फ्यूल कीमतों पर भी अधिक पड़ने की संभावना है। इगन ने कहा, ‘फाइनेंशियल ईयर 2027-28 में ऊर्जा झटके का असर कम होने के साथ अर्थव्यवस्था में मजबूती आने की उम्मीद है। मध्यम अवधि में भारत की वृद्धि दर करीब 6.5% रहने का अनुमान है और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है।’ आईएमएफ ने कहा कि ग्लोबल अर्थव्यवस्था के 2026 में 3% और 2027 में 3.4% की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह 2024-25 के औसत 3.5% की तुलना में कम है और अप्रैल के अनुमान के मुकाबले कुल मिलाकर लगभग अपरिवर्तित है।

PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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