return to news
  1. ग्लोबल टेंशन के बीच भारत ने कैसे एनर्जी संकट का किया सामना, पूरी स्ट्रैटजी पर पुरी ने क्या कुछ कहा?

बिजनेस न्यूज़

ग्लोबल टेंशन के बीच भारत ने कैसे एनर्जी संकट का किया सामना, पूरी स्ट्रैटजी पर पुरी ने क्या कुछ कहा?

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड July 08, 2026, 12:24 IST

सारांश

पुरी ने कहा कि दुनिया में एनर्जी के सबसे गंभीर संकटों में से एक के बावजूद, भारत को कच्चे तेल, नेचुरल गैस या LPG की कमी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने बताया कि संकट के दौरान देश का कोई भी फ्यूल रिटेल आउटलेट खाली नहीं हुआ।

ग्लोबल एनर्जी संकट

हरदीप सिंह पुरी ने बताया कैसे ग्लोबल एनर्जी संकट से निपट रहा है भारत (Photo Shutterstock)

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि अगर इंटरनेशनल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं या घटती हैं, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पॉजिटिव बदलाव की उम्मीद है। मंत्री ने भरोसा जताया कि उपभोक्ताओं के लिए स्थिति अच्छी बनी रहेगी क्योंकि दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई बढ़ रही है। नई दिल्ली में 'विकसित भारत कॉन्क्लेव 2026' को संबोधित करते हुए, श्री पुरी ने कहा कि भारत ने हाल के दशकों में एनर्जी सेक्टर में आई सबसे बड़ी ग्लोबल चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। इसके लिए कूटनीतिक बातचीत, समय पर नीतिगत कदम, घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी और अलग-अलग स्रोतों से आयात जैसे उपाय किए गए। उन्होंने कहा कि देश के अनुभव से पता चलता है कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय के ऊर्जा सुधार कितने जरूरी हैं।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

संकट के समय सरकार के कदमों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत ने घरेलू उत्पादन को मजबूत करने और एनर्जी सप्लाई सिक्योर करने के लिए समय पर कदम उठाकर LPG की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि असरदार कूटनीति से उन इंडियन एनर्जी शिपमेंट्स को आगे बढ़ाने में मदद मिली जो होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटों के कारण फंस गए थे। साथ ही, ईरान, ओमान, कतर और UAE जैसे देशों के साथ करीबी तालमेल से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही संभव हो सकी।

एनर्जी संकट से जूझने के लिए सरकार ने उठाए कौन-कौन से कदम?

पुरी ने बताया कि सरकार ने रिफाइनरियों को निर्देश देकर घरेलू LPG प्रोडक्शन भी बढ़ाया, ताकि वे ज्यादा कीमत वाले पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के बजाय कुकिंग गैस के प्रोडक्शन को प्राथमिकता दें। नतीजतन, भारत की LPG उत्पादन क्षमता कम समय में ही लगभग 35 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गई, जिससे देश भर के 33 करोड़ से ज्यादा LPG उपभोक्ताओं को बिना रुकावट कुकिंग गैस की सप्लाई सुनिश्चित हुई। उन्होंने कहा कि सप्लाई में रुकावट के असर को कम करने के लिए भारत ने अपने इंपोर्ट बास्केट में भी विविधता लाई है। खाड़ी देशों में मौजूद पारंपरिक सप्लायर्स के अलावा, देश ने अमेरिका, अल्जीरिया, अर्जेंटीना और कई अन्य देशों से LPG मंगवाई। उन्होंने कहा कि भारतीय एनर्जी कंपनियों ने शिपिंग ऑपरेशन्स को भी रीऑर्गनाइज किया और जहाजों का रूट बदला ताकि सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे।

ग्लोबल संकट में भी क्यों भारत में नहीं हुई एलपीजी की कमी?

पुरी ने कहा कि दुनिया में एनर्जी के सबसे गंभीर संकटों में से एक के बावजूद, भारत को कच्चे तेल, नेचुरल गैस या LPG की कमी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने बताया कि संकट के दौरान देश का कोई भी फ्यूल रिटेल आउटलेट खाली नहीं हुआ और कहा कि सरकार के समय पर दखल देने से घबराहट को रोकने और सप्लाई को स्थिर करने में मदद मिली। फ्यूल की कीमतों पर मंत्री ने कहा कि पिछले चार सालों में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें दुनिया भर में सबसे कम रही हैं। उन्होंने इसका श्रेय केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई तीन बार की कटौती को दिया, जिसने इंटरनेशनल लेवल पर कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों का बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाय खुद उठाया।

कच्चे तेल की सोर्सिंग को 21 देशों से बढ़ाकर 40 किया गया

सरकार की लॉन्ग-टर्म एनर्जी स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए पुरी ने कहा कि भारत ने कच्चे तेल की सोर्सिंग को 21 देशों से बढ़ाकर लगभग 40 देशों तक कर लिया है और साथ ही अपस्ट्रीम एनर्जी सेक्टर में सुधारों को भी तेज किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेट्रोलियम कानूनों में बदलाव किए हैं, पहले प्रतिबंधित इलाकों को एक्सप्लोरेशन के लिए खोला है और तेल व गैस एक्सप्लोरेशन में ज्यादा इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी में सुधार किए हैं।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

अगला लेख