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WPI Inflation July 2026: महंगाई के मोर्चे पर राहत! जुलाई में घटी थोक महंगाई दर, जानिए ताजा आंकड़े

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 14, 2026, 12:38 IST

सारांश

जुलाई 2026 में भारत की थोक महंगाई दर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर 9.78% रही, जो जून में 9.87% थी।

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थोक महंगाई जुलाई में मामूली घटकर 9.78 प्रतिशत रह गई है। | Image: Shutterstock

देश में महंगाई की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण आंकड़ा सामने आया है। जुलाई 2026 के महीने में भारत की सालाना थोक महंगाई दर यानी WPI में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में थोक महंगाई दर घटकर 9.78% पर आ गई है। इससे पहले जून 2026 में थोक महंगाई दर का आंकड़ा 9.87% पर दर्ज किया गया था। महंगाई दर में आई यह मामूली कमी अर्थव्यवस्था और आम लोगों के लिए थोड़ी राहत लेकर आई है।

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बाजार के अनुमान से बेहतर रहे आंकड़े

जुलाई के महीने के लिए थोक महंगाई दर के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बाजार की उम्मीदों के मुकाबले थोड़े बेहतर साबित हुए हैं। इस आंकड़े के जारी होने से पहले बाजार के जानकारों और विश्लेषकों का अनुमान था कि जुलाई में थोक महंगाई दर लगभग 9.95% के आसपास रह सकती है। हालांकि जब आधिकारिक आंकड़े सामने आए तो थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर 9.78% ही दर्ज हुई। अनुमान से कम आंकड़ा रहने से बाजार और आर्थिक विशेषज्ञों को काफी सकारात्मक संकेत मिले हैं।

जून के मुकाबले दर्ज हुई मामूली गिरावट

अगर जून और जुलाई के आंकड़ों की तुलना करें तो थोक महंगाई के स्तर में हल्की नरमी देखने को मिली है। जून 2026 में डब्लूपीआई इन्फ्लेशन 9.87% के स्तर पर पहुंच गया था। इसके मुकाबले जुलाई 2026 में यह 9.78% पर आ गया। भले ही यह गिरावट बहुत बड़ी न हो, लेकिन लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच दर का नीचे आना एक अच्छा संकेत माना जा रहा है। सरकार और संबंधित एजेंसियां देश में कीमतों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि थोक स्तर पर दामों को कंट्रोल में रखा जा सके।

थोक महंगाई दर का महत्व

थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर देश की अर्थव्यवस्था के लिए काफी मायने रखती है। यह आंकड़ा उन सामानों की कीमतों को दिखाता है जो थोक बाजार में बड़े पैमाने पर बेचे और खरीदे जाते हैं। जब थोक स्तर पर कीमतें नियंत्रित होती हैं या उनमें नरमी आती है, तो आगे चलकर इसका असर रिटेल बाजार यानी आम दुकानों तक भी पहुंचता है। जुलाई के महीने में मिली यह मामूली राहत आने वाले समय में बाजार में वस्तुओं की कीमतों को स्थिर रखने में मददगार साबित हो सकती है।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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