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4 min read | अपडेटेड July 10, 2026, 08:45 IST
सारांश
अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए नए हमलों के बाद वेस्ट एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है। इससे डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है और कच्चे तेल की कीमतें ढाई पर्सेंट से ज्यादा उछल गई हैं। वहीं, भारतीय कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में आज हल्की बढ़त देखी जा रही है।

सोने की कीमतों में आज हलचल देखी जा रही है| Image: Shutterstock
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक और भारतीय बाजारों में हलचल काफी तेज हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य विवाद के बाद दुनिया भर के निवेशकों में चिंता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल और डॉलर इंडेक्स पर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए नए हमलों के कारण दोनों देशों के बीच जारी कमजोर युद्धविराम पूरी तरह खतरे में पड़ गया है। इस बड़े बदलाव के बाद वेस्ट एशिया में तनाव गहरा गया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आ गई है। इसके साथ ही डॉलर इंडेक्स भी मजबूत हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में इंफ्लेशन और लंबे समय तक ऊंची इंटरेस्ट रेट रहने की आशंका बढ़ गई है। इस बदलते माहौल के बीच सोने और चांदी के बाजारों में भी अलग-अलग तरह का ट्रेंड देखने को मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट की बात करें तो वहां अमेरिकी कॉमेक्स पर सोने और चांदी के दामों में गिरावट का रुख देखा गया है। अमेरिकी कॉमेक्स पर सोना 0.35 पर्सेंट यानी 14.60 डॉलर की कमजोरी के साथ 4,126.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जिसने 4,140.80 डॉलर का हाई और 4,118.30 डॉलर का लो स्तर छुआ। इसी तरह कॉमेक्स पर चांदी भी 0.38 पर्सेंट यानी 0.23 डॉलर की गिरावट के साथ 60.52 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से ग्लोबल मार्केट में कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है, क्योंकि निवेशक अब सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी के भाव थोड़े नरम पड़े हैं।
घरेलू सर्राफा बाजार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव 145,870 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया था, जिसमें एक दिन पहले के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ था। हालांकि यह कीमत एक हफ्ते पहले यानी 3 जुलाई के 147,820 रुपये के मुकाबले 1.32 पर्सेंट कम है और एक महीने पहले यानी 10 जून के 148,130 रुपये के मुकाबले 1.53 पर्सेंट नीचे है। लेकिन पिछले साल यानी 10 जुलाई 2025 के 97,050 रुपये के भाव से तुलना करें तो इसमें 50.30 पर्सेंट की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। दूसरी तरफ, 9 जुलाई को चांदी 999 का रेट 226,720 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जो एक हफ्ते पहले के 237,660 रुपये से 4.60 पर्सेंट और एक महीने पहले के 237,220 रुपये से 4.43 पर्सेंट कम है, लेकिन पिछले साल के 109,230 रुपये के मुकाबले 107.56 पर्सेंट ज्यादा है।
दरअसल, मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हमलों का एक नया दौर शुरू कर दिया। इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए उस लाइसेंस को भी कैंसिल कर दिया है जो ईरान को तेल बेचने की अनुमति देता था। इस नई सैन्य कार्रवाई और कड़े फैसले ने दोनों देशों के बीच बने नाजुक युद्धविराम पर भारी दबाव डाल दिया है। वेस्ट एशिया में अचानक बढ़ी इस अशांति की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को बड़ा सपोर्ट मिला है। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव ढाई पर्सेंट से भी ज्यादा की बड़ी मजबूती के साथ 76.07 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। तेल की इन बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में इंफ्लेशन का डर दोबारा बढ़ा दिया है, जिससे मार्केट में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
वैश्विक बाजार में मचे इस हड़कंप के बीच भारतीय कमोडिटी मार्केट यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने और चांदी की चाल में हल्की तेजी देखी जा रही है। 10 जुलाई की सुबह के आंकड़ों के अनुसार, एमसीएक्स पर 10 ग्राम सोने का भाव 0.03 पर्सेंट यानी 50 रुपये की मामूली बढ़त के साथ 145,350 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जबकि पिछला बंद भाव 145,300 रुपये था। कारोबार के दौरान सोने ने 145,416 रुपये का ऊपरी स्तर और 143,100 रुपये का निचला स्तर छुआ। वहीं MCX पर एक किलोग्राम चांदी का भाव भी 0.03 पर्सेंट यानी 73 रुपये की हल्की तेजी के साथ 226,450 रुपये पर ट्रेंड कर रहा था। चांदी ने इस दौरान 227,690 रुपये का हाई और 221,502 रुपये का लो लेवल भी देखा।
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