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  1. रक्षा बजट में ₹7.85 लाख करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन, घरेलू कंपनियों को ₹1.39 लाख करोड़, रक्षा मंत्री ने बताई डीटेल

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रक्षा बजट में ₹7.85 लाख करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन, घरेलू कंपनियों को ₹1.39 लाख करोड़, रक्षा मंत्री ने बताई डीटेल

Upstox

3 min read | अपडेटेड November 03, 2026, 11:42 IST

सारांश

केंद्रीय बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 15.19% ज्यादा है। हथियारों के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिसमें से 1.39 लाख करोड़ रुपये घरेलू कंपनियों से खरीद पर खर्च होंगे।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

देश की सीमाओं की सुरक्षा मजबूत करने और सेना को आधुनिक हथियारों से लैस करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट है। यह आवंटन पिछले वित्त वर्ष से 15.19% अधिक है और देश की अनुमानित जीडीपी का 2% बैठता है। कुल सरकारी खर्च में रक्षा बजट की हिस्सेदारी 14.67% है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कुल रक्षा बजट बढ़कर 7 लाख 85 हजार करोड़ रुपये हो गया है। इसमें आधुनिकीकरण और नए हथियारों की खरीद के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल आउटले तय किया गया है, जो सेना की मजबूती के साथ घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा देगा।

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद हथियारों की खरीद पर जोर

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की वित्तीय जरूरतों और गोला-बारूद की आपात खरीद को पूरा करने के लिए बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए कैपिटल हेड के तहत 2.19 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल के बजट अनुमान से 21.84% अधिक है। इसमें से 1.85 लाख करोड़ रुपये केवल कैपिटल एक्विजिशन यानी नए हथियारों और सैन्य साजोसामान की खरीद के लिए रखे गए हैं, जिसमें 24% की बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इस फंड से सेना को नेक्स्ट जनरेशन लड़ाकू विमान, घातक हथियार, युद्धपोत, पनडुब्बियां, अत्याधुनिक ड्रोन और विशेषज्ञ वाहन मिलेंगे।

घरेलू रक्षा कंपनियों को मिलेगा 1.39 लाख करोड़ का बूस्ट

प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। विदेशों पर निर्भरता घटाने के लिए कैपिटल एक्विजिशन बजट का 75% हिस्सा यानी 1.39 लाख करोड़ रुपये केवल घरेलू उद्योगों और निजी कंपनियों से खरीद के लिए तय कर दिया गया है। इससे देश के अंदर रक्षा निर्माण को सहारा मिलेगा और नई नौकरियां पैदा होंगी। इसके अलावा सेना के दिन-प्रतिदिन के ऑपरेशन और रखरखाव के लिए रेवेन्यू मद में 3,65,478.98 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल से 17.24% ज्यादा है। इसमें से 1,58,296.98 करोड़ रुपये ऑपरेशन और मेंटेनेंस पर खर्च होंगे।

सीमावर्ती इलाकों में सड़कों और बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए सीमा सड़क संगठन यानी BRO का बजट बढ़ाकर 7,394 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस आवंटन से सीमा से सटे इलाकों में नई सुरंगे, पुल और हवाई पट्टियां तैयार होंगी। इसके साथ ही रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO का बजट बढ़ाकर 29,100.25 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें से 17,250.25 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए होंगे। इससे स्वदेशी तकनीकों और नए हथियारों के रिसर्च को तेज गति मिलेगी।

पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य और पेंशन के लिए बड़ा बजट

सरकार ने पूर्व सैनिकों की भलाई का भी पूरा ध्यान रखा है। भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना यानी ईसीएचएस का बजट 45.49% बढ़ाकर 12,100 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पिछले पांच सालों में ECHS के आवंटन में 300% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा 34 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों के लिए डिफेंस पेंशन बजट को बढ़ाकर 1,71,338.22 करोड़ रुपये किया गया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह बजट सेना की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने में मदद करेगा।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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