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4 min read | अपडेटेड July 27, 2026, 15:06 IST
सारांश
अमेरिका और ईरान के बीच जंग एक बार फिर खतरनाक रूप लेती नजर आ रही है। सीजफायर खत्म हुए करीब तीन-चार दिन हो गए हैं और फिलहाल यह कहीं से भी थमती हुई नजर नहीं आ रही है।

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खतरनाक रूप लेती नजर आ रही है (Photo: Shutterstock)
अमेरिका और ईरान के बीच जंग फिलहाल कहीं से भी रुकती हुई नजर नहीं आ रही है। अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि इन हमलों से ईरानी सेना को भारी नुकसान होगा और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में निर्दोष नागरिकों और कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता कमजोर होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नतांज के पास स्थित 'पिकएक्स माउंटेन' को खत्म करने की धमकी दी है। यह जमीन के बहुत नीचे बना एक न्यूक्लियर ठिकाना है, जिसके बारे में पश्चिमी खुफिया एजेंसियों को शक है कि ईरान वहां एक अघोषित यूरेनियम संवर्धन सुविधा बना रहा है। वहीं दूसरी ओर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय ईरान की क्रूज मिसाइलों के हमले में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो टैंकरों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। UAE के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी।
इससे पहले सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाजों की आवाजाही पर रोक (नाकेबंदी) फिर से लागू करेगा और समुद्री सुरक्षा का खर्च उठाने के लिए इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने वाले कार्गो पर 20% चार्ज लगाएगा। 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह रोक केवल ईरानी जहाजों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले जहाजों पर लागू होगी। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है और ईरान के साथ या उसके बिना भी खुला रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दूसरे देशों के कमर्शियल जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के जारी रहेगी।
दूसरी ओर, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना अधिकार जताया है और अमेरिका के इस कदम को खारिज कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोलफगारी ने कहा कि ईरान किसी भी हाल में अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट के मैनेजमेंट में दखल नहीं देने देगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई क्षेत्रीय देश अमेरिकी सेना को लॉजिस्टिकल मदद देता है, तो इसे ईरान के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी जो इंटरनेशनल शिपिंग की देखरेख करती है- अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (International Maritime Organization) ने कहा कि वह ट्रंप के प्रस्ताव के बारे में और जानकारी का इंतजार कर रही है, लेकिन इंटरनेशनल जलमार्गों से गुजरने के लिए टोल (शुल्क) लगाने का विरोध करती है।
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय ईरान की क्रूज मिसाइलों के हमले में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो टैंकरों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। UAE के रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि 'मोम्बासा' और 'अल बहिया' नाम के इन टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी लेन में ओमान की समुद्री सीमा के भीतर निशाना बनाया गया। मारे गए क्रू सदस्य 'मोम्बासा' टैंकर पर सवार थे। घायलों में से चार की हालत गंभीर है। घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।
UAE के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया। मंत्रालय ने कहा कि वह किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और सतर्क है, और देश की सुरक्षा व स्थिरता को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का कड़ा जवाब देने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है। समुद्री रास्ते में हुई ये ताजा घटनाएं पश्चिम एशियाई क्षेत्र में कई हफ्तों से चल रहे तनाव के बाद सामने आई हैं।
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