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  1. इंफोसिस और TCS समेत कई IT शेयर 3% तक लुढ़के, अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की आशंका ने बढ़ाई बिकवाली

मार्केट न्यूज़

इंफोसिस और TCS समेत कई IT शेयर 3% तक लुढ़के, अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की आशंका ने बढ़ाई बिकवाली

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 07, 2026, 11:45 IST

सारांश

आज सबसे ज्यादा गिरावट बड़े IT शेयरों में है। Infosys का शेयर 3.24 फीसदी लुढ़क गया है। इसके अलावा LTM, Mphasis, OFSS और Tech Mahindra के शेयरों में 2 से 3 फीसदी तक की गिरावट है। इससे पता चलता है कि अमेरिकी बाजार और ब्याज दरों से जुड़ी खबरों का भारतीय IT शेयरों पर सीधा असर पड़ रहा है।

शेयर सूची

IT Stocks

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के बीच आज IT शेयरों में बिकवाली हो रही है।

IT सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज 07 सितंबर को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। इसके चलते आज Nifty IT इंडेक्स में 2.30 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह 29973.15 के स्तर तक लुढ़क गया। रिपोर्ट लिखे जाने के समय इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे। दरअसल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के बीच आज इन शेयरों में बिकवाली हो रही है। पिछले 5 कारोबारी दिनों में IT इंडेक्स 3.58 फीसदी लुढ़क चुका है। वहीं पिछले 1 महीने में इस इंडेक्स में करीब 5 फीसदी की कमजोरी आई है।

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Infosys, Wipro और TCS में गिरावट

आज सबसे ज्यादा गिरावट बड़े IT शेयरों में है। Infosys का शेयर 3.24 फीसदी लुढ़क गया है। इसके अलावा LTM, Mphasis, OFSS और Tech Mahindra के शेयरों में 2 से 3 फीसदी तक की गिरावट है। इसके साथ ही Wipro, HCL Tech, Coforge और TCS के शेयर भी 1 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए हैं। इससे पता चलता है कि अमेरिकी बाजार और ब्याज दरों से जुड़ी खबरों का भारतीय IT शेयरों पर सीधा असर पड़ रहा है।

क्या है इस गिरावट की वजह?

IT शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका से आया मजबूत रोजगार यानी payrolls data है। मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद बाजार में यह उम्मीद बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक बाजार अब 16 सितंबर की Fed बैठक में ब्याज दर बढ़ने की 58% संभावना और अक्टूबर में दर बढ़ने की करीब 70% संभावना मान रहा है।

भारतीय IT कंपनियों के लिए इसका क्या मतलब?

अमेरिका भारतीय IT कंपनियों का सबसे बड़ा बाजार है। अगर वहां ब्याज दरें ज्यादा समय तक ऊंची रहती हैं तो अमेरिकी कंपनियां अपने खर्चों को लेकर सावधानी बरत सकती हैं। इसका असर नई IT परियोजनाओं, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और अन्य डिस्क्रेशनरी टेक्नोलॉजी स्पेंडिंग पर पड़ सकता है। इसके अलावा, ऊंची ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड से दुनियाभर की टेक कंपनियों के वैल्यूएशन पर दबाव पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशकों ने भारतीय IT शेयरों में भी मुनाफावसूली या बिकवाली शुरू की।

अब निवेशकों की नजर अमेरिका के अगस्त के महंगाई आंकड़ों पर है, जो शुक्रवार को आने वाले हैं। इन आंकड़ों से Fed की अगली नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। कोर इनफ्लेशन में 0.2% बढ़ोतरी का अनुमान है, हालांकि इसके 0.3% तक बढ़ने का जोखिम भी बताया गया है।

शेयर बाजार में गिरावट

आज पूरे शेयर बाजार में ही बिकवाली का दबाव है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय BSE Sensex में 428 अंकों की गिरावट थी और यह 76,086.83 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 132.65 अंक टूटकर 23,764.75 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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