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  1. लिस्टिंग के बाद भी नहीं थमी ESDS Software Share की रफ्तार, 20% अपर सर्किट

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लिस्टिंग के बाद भी नहीं थमी ESDS Software Share की रफ्तार, 20% अपर सर्किट

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड September 07, 2026, 10:22 IST

सारांश

शेयर में एक ही कारोबारी दिन में 100% से ज्यादा की तेजी निवेशकों के लिए आकर्षक जरूर है, लेकिन इतनी तेज बढ़त के बाद जोखिम भी बढ़ जाता है। लिस्टिंग के बाद ऊंचे स्तर पर शेयर खरीदने वाले निवेशकों को अचानक मुनाफावसूली का सामना करना पड़ सकता है।

शेयर सूची

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के शेयरों पर लगा अपर सर्किट (Photo: Shutterstock)

4 सितंबर यानी कि शुक्रवार को ESDS Software Solution के शेयरों ने मार्केट में दमदार डेब्यू किया था। एनएसई और बीएसई पर दमदार एंट्री के बाद भी ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के शेयरों की तेजी कम नहीं हुई है। कंपनी के शेयरों ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत के बाद निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी के शेयरों में लिस्टिंग के बाद भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली और स्टॉक 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। इसके साथ ही IPO की कीमत के मुकाबले शेयर में बढ़त 100% से भी ज्यादा हो गई। आज इनके शेयरों पर अपर सर्किट लगा, 20% यानी कि 179.10 रुपये प्रति शेयर चढ़कर इसके शेयर 1,074.65 रुपये प्रति शेयर तक पहुंचे।

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ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का IPO 429 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर आया था। कंपनी के शेयर 4 सितंबर को NSE पर 757 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए। यानी IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के साथ ही करीब 76.46% का फायदा मिला। वहीं BSE पर शेयर 746.30 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस से करीब 73.96% ज्यादा था।

20% अपर सर्किट पर पहुंचा शेयर

शानदार लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी जारी रही। NSE पर ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का शेयर 908.40 रुपये के स्तर तक पहुंच गया और 20 फीसदी के अपर सर्किट पर बंद हुआ। इस तरह 429 रुपये के IPO इश्यू प्राइस से शेयर करीब 111.75% ऊपर पहुंच गया। यानी IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों के लिए पहले ही कारोबारी दिन निवेश की रकम दोगुने से ज्यादा हो गई।

IPO को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के IPO को निवेशकों का मजबूत सपोर्ट मिला था। 28 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच खुले इस 720 करोड़ रुपये के IPO को कुल 135.88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। QIB कैटेगरी में 261.51 गुना, NII कैटेगरी में 192.94 गुना और रिटेल कैटेगरी में 39.64 गुना बोली मिली। इस भारी मांग ने लिस्टिंग से पहले ही शेयर को लेकर बाजार में मजबूत सेंटीमेंट बना दिया था।

क्या काम करती है ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन?

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, मैनेज्ड सर्विसेज और सॉफ्टवेयर से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी BFSI, सरकारी संस्थानों और बड़े कारोबारों जैसे क्षेत्रों को अपनी सर्विसेज देती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग को कंपनी के कारोबार के लिए एक अहम ग्रोथ अवसर माना जा रहा है।

निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

शेयर में एक ही कारोबारी दिन में 100% से ज्यादा की तेजी निवेशकों के लिए आकर्षक जरूर है, लेकिन इतनी तेज बढ़त के बाद जोखिम भी बढ़ जाता है। लिस्टिंग के बाद ऊंचे स्तर पर शेयर खरीदने वाले निवेशकों को अचानक मुनाफावसूली का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने भी तेज तेजी के बाद सावधानी बरतने की बात कही है।

ऐसे में निवेशकों को सिर्फ लिस्टिंग डे की तेजी देखकर शेयर खरीदने के बजाय कंपनी के कारोबार, वैल्यूएशन, भविष्य की कमाई और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। IPO में शेयर पाने वाले निवेशक अपने जोखिम और निवेश लक्ष्य के अनुसार मुनाफावसूली पर विचार कर सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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