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  1. EPF एडवांस को लेकर जारी नए नियम क्या हैं? कब और कितना पैसा निकाल सकते हैं आप, यहां जानें

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EPF एडवांस को लेकर जारी नए नियम क्या हैं? कब और कितना पैसा निकाल सकते हैं आप, यहां जानें

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड July 06, 2026, 15:06 IST

सारांश

ईपीएफ एडवांस को लेकर कुछ नए नियम आए हैं, जिसमें बताया गया कि किन परिस्थितियों में और कितना पैसा आप अपने पीएफ से निकाल सकते हैं। नई EPF स्कीम के पैरा 46 में कहा गया है कि प्रोविडेंट फंड कमिश्नर सदस्यों को अपने EPF अकाउंट से कम से कम 1,000 रुपये निकालने की इजाजत दे सकते हैं।

ईपीएफओ

ईपीएफ एडवांस को लेकर नए नियम क्या कहते हैं? (Photo: Shutterstock)

कर्मचारी भविष्य निधि फंड (Employees' Provident Fund Organisation, EPFO) में कुछ अहम बदलाव हो रहे हैं। EPFO सदस्य, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) स्कीम, 2026 के तहत कम से कम छह वजहों से अपने EPF अकाउंट से कुछ पैसे निकाल सकते हैं। ईपीएफ एडवांस को लेकर कुछ नए नियम आए हैं, जिसमें बताया गया कि किन परिस्थितियों में और कितना पैसा आप अपने पीएफ से निकाल सकते हैं। नई EPF स्कीम के पैरा 46 में कहा गया है कि प्रोविडेंट फंड कमिश्नर सदस्यों को अपने EPF अकाउंट से कम से कम 1,000 रुपये निकालने की इजाजत दे सकते हैं।

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नए नियमों के मुताबिक, EPF अकाउंट में हर समय कम से कम 25% बैलेंस बनाए रखना जरूरी है। इसका मतलब है कि पैसे निकालने के लिए योग्य फंड का हिसाब इस 25% मिनिमम बैलेंस को अलग रखने के बाद किया जाएगा। नए नियमों के मुताबिक ‘एलिजिबल मेंबर बैलेंस’ का मतलब है फंड में सदस्य के खाते में मौजूद वह फंड, जिसमें से जरूरी मिनिमम बैलेंस घटा दिया गया हो। कम से कम 25% बैलेंस में कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों का योगदान शामिल होगा।

किन-किन वजहों से निकाला जा सकता है कितना फंड?

1- बीमारी (Illness): खुद या परिवार के सदस्यों की बीमारी के लिए कर्मचारी कुल मेंबरशिप के 12 महीने पूरे होने के बाद, बैलेंस का 100% तक पैसा निकाला जा सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपका कुल बैलेंस 1,00,000 रुपये है, तो 75,000 रुपये निकाले जा सकते हैं, जबकि 25,000 रुपये मिनिमम बैलेंस के तौर पर अकाउंट में बने रहेंगे।

2- शिक्षा (Education): खुद और परिवार के सदस्यों के लिए के लिए कर्मचारी कुल 12 महीने की मेंबरशिप पूरी होने के बाद, एलिजिबल बैलेंस का 100% तक हिस्सा निकाला जा सकता है। मेंबरशिप के दौरान इस मकसद से 10 बार तक पैसे निकाले जा सकते हैं।

3- शादी (Marriage): खुद और परिवार के सदस्यों के लिए कर्मचारी कुल 12 महीने की मेंबरशिप पूरी होने के बाद, मेंबर के एलिजिबल बैलेंस का 100% तक हिस्सा निकाला जा सकता है। इस फंड की मेंबरशिप के दौरान इस परिस्थिति के लिए पांच बार तक पैसे निकाले जा सकते हैं।
4- घर (House): नए नियमों के तहत घर से जुड़े इन कामों के लिए पैसे निकाले जा सकते हैं। फ्लैट या घर खरीदना, घर बनाने के लिए जमीन खरीदना, घर बनाना इन परिस्थितियों में आप अपने पीएफ से पैसा निकाल सकते हैं। फ्लैट या घर खरीदने, बनाने या जमीन लेने के लिए लिए गए होम लोन का पेमेंट करना, मौजूदा घर या फ्लैट में कुछ जोड़ना, बदलाव करना, रेनोवेशन या सुधार करना, इन कामों के लिए निकाली जाने वाली रकम, फंड में कुल 12 महीने की मेंबरशिप पूरी होने के बाद मेंबर के एलिजिबल बैलेंस के 100% से ज्यादा नहीं हो सकती। साथ ही, घर से जुड़े कामों के लिए मेंबरशिप के दौरान पांच बार से ज्यादा पैसे नहीं निकाले जा सकते।
5- खास हालातः नए नियमों के मुताबिक, खास हालात में 12 महीने पूरे होने के बाद मेंबर के एलिजिबल बैलेंस का 100% तक हिस्सा निकालने की इजाजत दी जा सकती है।
6- नौकरी छोड़ने परः जो मेंबर 12 महीने की मेंबरशिप पूरी होने से पहले नौकरी छोड़ते हैं, वे भी अपने एलिजिबल बैलेंस का 100% तक हिस्सा निकाल सकते हैं। एक फाइनेंशियल ईयर में इस मकसद से दो बार से ज्यादा पैसे नहीं निकाले जा सकते।

EPF स्कीम 2026, 29 जून 2026 से लागू हुई और इसने EPF स्कीम 1952 की जगह ली है।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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