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4 min read | अपडेटेड May 28, 2026, 12:10 IST
सारांश
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना के फॉर्म जारी कर दिए हैं। इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए कड़ी वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी शुरू होगी।

पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत पात्र महिलाओं को मिलेगी हर महीने 3000 रुपये की मदद। Image: Shutterstock
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना के फॉर्म जारी कर दिए हैं। सरकार ने इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि जो भी पात्र महिलाएं इस फॉर्म को भरेंगी, उन्हें हर महीने यह राशि सीधे उनके खाते में मिलेगी।
इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह से आसान बनाया गया है और महिलाएं ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से अपना फॉर्म जमा कर सकती हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य एक साफ और सटीक लिस्ट तैयार करना है, जिससे योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिले जो वास्तव में इसके हकदार हैं। इस फॉर्म के जरिए सरकार परिवारों का डेटा भी इकट्ठा कर रही है ताकि अन्य कल्याणकारी योजनाओं को भी फ्यूचर में लागू किया जा सके।
अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को थोड़ा इंतजार करना होगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि आवेदन करने की यह पूरी प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी और अगले 90 दिनों तक लगातार चलेगी। राज्य की हर नगरपालिका में वार्ड के अनुसार इस काम को पूरा किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय विधायकों का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा ताकि किसी भी महिला को परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि लाभार्थियों को अन्नपूर्णा योजना के तहत पैसा तभी मिलना शुरू होगा, जब उनकी एनरोलमेंट यानी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से संपन्न हो जाएगी। जो लोग ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर सकते, वे ऑफलाइन माध्यम से अपने नजदीकी सरकारी दफ्तर या तय किए गए स्थान पर जाकर फॉर्म जमा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने उन महिलाओं को भी भरोसा दिलाया है जो किसी वजह से ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म भरने में असमर्थ हैं। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों को फॉर्म भरने में परेशानी आ रही है, उन्हें बिल्कुल भी चिंता करने की जरुरत नहीं है। बीजेपी सरकार इसके लिए राज्य के अलग-अलग इलाकों में 15, 16 और 17 जून को विशेष जन कल्याण कैंपों का आयोजन करने जा रही है। इन तीन दिनों के कैंप में सरकारी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे जो उन सभी लोगों की मदद करेंगे जो अब तक अपना आवेदन पूरा नहीं कर पाए हैं। वहां जाकर कोई भी महिला आसानी से अपना फॉर्म भरवा सकती है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान तृणमूल कम्युनिट यानी टीएमसी की पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई 'लक्ष्मी भंडार' योजना को लेकर एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान लक्ष्मी भंडार योजना के लगभग 30 लाख लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। ये लोग ऐसे थे जो या तो भारत के नागरिक नहीं थे या फिर उनका नाम voter list से स्थायी रूप से हटा दिया गया था। सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, लक्ष्मी भंडार योजना में करीब 2.20 करोड़ लोग एनरोल थे, जिनमें से लगभग 30 लाख लोग नियमों के खिलाफ जाकर इसका लाभ ले रहे थे क्योंकि उन्होंने नागरिकता कानून यानी सीएए के तहत आवेदन नहीं किया था या फिर एसआईआर से जुड़े ट्रिब्यूनल में अपील नहीं की थी। सरकार का अनुमान है कि पूरी जांच के बाद अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत अंतिम रूप से लगभग दो करोड़ लाभार्थी ही बचेंगे, जिन्हें इस योजना का सही लाभ मिलेगा।
अन्नपूर्णा भंडार योजना में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने एक बेहद मजबूत वेरिफिकेशन प्रक्रिया तैयार की है। इसके तहत लाभार्थियों के चुनावी रिकॉर्ड यानी वोटर लिस्ट की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके साथ ही बैंक खातों का आधार लिंक्ड बैंक वेरिफिकेशन भी किया जाएगा ताकि सीधे सही खाते में पैसा पहुंचे। एसआईआर 2026 वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं की मौत हो चुकी है, जो कहीं और शिफ्ट हो गए हैं, या जो लंबे समय से अनुपस्थित हैं, उनके नामों को लिस्ट से हटा दिया जाएगा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया है कि जिन लोगों ने सीएए के तहत आवेदन किया है या जिन्होंने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए एसआईआर से जुड़े ट्रिब्यूनल में अपील की है, वे सभी इस अन्नपूर्णा भंडार योजना के लिए पूरी तरह पात्र माने जाएंगे और उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा।
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