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  1. 27 अक्टूबर से ट्रेन टिकट पर मिलेगा इंश्योरेंस कवर, जानें किन यात्रियों को होगा फायदा

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27 अक्टूबर से ट्रेन टिकट पर मिलेगा इंश्योरेंस कवर, जानें किन यात्रियों को होगा फायदा

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 16, 2026, 16:26 IST

सारांश

अब तक ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों और रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के बीच इंश्योरेंस की सुविधा को लेकर अंतर था। ऑनलाइन टिकट बुक करते समय यात्रियों को ट्रैवल इंश्योरेंस का विकल्प मिलता है, लेकिन ऑफलाइन टिकट खरीदने वालों के लिए ऐसी व्यवस्था उपलब्ध कराने की जरूरत थी।

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रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस का उद्देश्य ट्रेन हादसे की स्थिति में यात्रियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है।

भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए इंश्योरेंस से जुड़ा एक अहम बदलाव होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को निर्देश दिया है कि 27 अक्टूबर से रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी इंश्योरेंस की सुविधा दी जाए। अभी तक ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों को यह सुविधा मिलती है। इस फैसले के बाद ऑफलाइन टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी इसके दायरे में लाने की व्यवस्था की जाएगी। इस व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी सीधे रेलवे बोर्ड की होगी।

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काउंटर से टिकट लेने वालों को क्यों मिलेगा इंश्योरेंस?

अब तक ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों और रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के बीच इंश्योरेंस की सुविधा को लेकर अंतर था। ऑनलाइन टिकट बुक करते समय यात्रियों को ट्रैवल इंश्योरेंस का विकल्प मिलता है, लेकिन ऑफलाइन टिकट खरीदने वालों के लिए ऐसी व्यवस्था उपलब्ध कराने की जरूरत थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इसी अंतर को दूर करने का निर्देश दिया है। इसका फायदा उन यात्रियों को भी मिल सकेगा, जो इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते या ऑनलाइन टिकट बुक करने में सक्षम नहीं हैं। कोर्ट ने रेलवे को 27 अक्टूबर से यह व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है। साथ ही, आदेश का पालन नहीं होने पर रेलवे बोर्ड की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है।

रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस में क्या-क्या कवर मिलता है?

रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस का उद्देश्य ट्रेन हादसे की स्थिति में यात्रियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है। पॉलिसी की शर्तों के अनुसार, कवर किए गए रेल हादसे में यात्री की मौत होने या दिव्यांगता आने पर मुआवजा मिल सकता है। हालांकि, इंश्योरेंस के तहत कितनी रकम मिलेगी और किन परिस्थितियों में क्लेम किया जा सकेगा, यह संबंधित पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है।

क्या इंश्योरेंस के लिए अलग से पैसे देने होंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने काउंटर टिकटों पर भी ऑनलाइन टिकटों की तरह इंश्योरेंस की सुविधा देने का निर्देश दिया है। हालांकि, ऑफलाइन टिकट बुकिंग में प्रीमियम कैसे लिया जाएगा और इंश्योरेंस किस प्रक्रिया के तहत मिलेगा, इसकी जानकारी रेलवे की ओर से लागू की जाने वाली व्यवस्था पर निर्भर करेगी।

इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि यात्रियों को अनिवार्य रूप से अलग से कोई प्राइवेट ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदनी पड़ेगी। यात्रियों को रेलवे की ओर से जारी होने वाले नियमों और पॉलिसी की शर्तों को जरूर देखना चाहिए।

इंश्योरेंस और रेलवे सेफ्टी

इंश्योरेंस हादसा होने के बाद आर्थिक मदद देता है, जबकि रेलवे सेफ्टी का उद्देश्य हादसों को रोकना है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, रेलवे ट्रैक की फेंसिंग और फुट ओवरब्रिज जैसे सुरक्षा उपायों की प्रगति पर भी चिंता जताई। अगर आप आमतौर पर रेलवे काउंटर से टिकट खरीदते हैं, तो 27 अक्टूबर के बाद अपनी अगली यात्रा से पहले रेलवे के निर्देशों को जरूर देख लें। यह पता कर लें कि बीमा कैसे दिया जा रहा है और क्या आपको इसके लिए कोई अतिरिक्त प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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