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SBI ने आज से बढ़ाईं MCLR दरें, क्या अब महंगी होगी आपके होम और कार लोन की EMI?

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 15, 2026, 18:14 IST

सारांश

SBI ने अपने एक साल के MCLR को 8.70% से बढ़ाकर 8.85% कर दिया है, जबकि तीन साल की दर 8.80% से बढ़कर 8.95% हो गई है। यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी किए जाने के बाद उठाया गया है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया

SBI ने महंगा किया कर्ज? MCLR दरें बढ़ने से होम लोन और कार लोन की EMI पर क्या होगा असर (Photo: Shutterstock)

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने आज से यानी कि 15 अक्टूबर, 2026 से पांच लोन टेन्योर के लिए अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 15 बेसिस पॉइंट्स (बीपीएस) की बढ़ोतरी की है। ओवरनाइट और एक महीने की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस बदलाव का मतलब यह हो सकता है कि जिन कर्जदारों के लोन प्रभावित MCLR पीरियड से जुड़े हैं, उन्हें अब अधिक ब्याज चुकाना पड़ सकता है। SBI ने अपने एक साल के MCLR को 8.70% से बढ़ाकर 8.85% कर दिया है, जबकि तीन साल की दर 8.80% से बढ़कर 8.95% हो गई है। यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी किए जाने के बाद उठाया गया है।

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एक नजर डालते हैं, अलग-अलग पीरियड्स के लिए मौजूदा और संशोधित MCLR दरों पर-
लोन पीरियडमौजूदा रेटसंशोधित रेट
ओवरनाइट7.85%7.85%
एक महीने7.85%7.85%
तीन महीने8.25%8.40%
छह महीने8.60%8.75%
एक साल8.70%8.85%
दो साल8.75%8.90%
तीन साल8.80%8.95%
(सोर्स: भारतीय स्टेट बैंक)

क्या आपके SBI लोन की EMI बढ़ेगी?

अगर आपने होम लोन या कोई अन्य लोन लिया है, जो SBI के MCLR से जुड़ा है, तो नई दरों के लागू होने पर आपके लोन की लागत बढ़ सकती है। हालांकि, हर कर्जदार की EMI तुरंत बढ़ेगी, ऐसा जरूरी नहीं है। इसका असर आपके लोन के बेंचमार्क, बकाया राशि, बची हुए पीरियड और ब्याज दर रीसेट होने की तारीख पर निर्भर करेगा।

MCLR क्या है?

MCLR एक न्यूनतम ब्याज दर बेंचमार्क है, जिसका इस्तेमाल बैंक कुछ खास तरह के लोन की दरें तय करने के लिए करते हैं। यह फंड जुटाने की लागत और अन्य संबंधित खर्चों को दर्शाता है। जब कोई बैंक अपना MCLR बढ़ाता है, तो उससे जुड़े लोन लेने वालों को अगली बार ब्याज दर रीसेट होने पर ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है।

कौन-कौन से बैंक बढ़ा चुके हैं लोन दरें?

SBI का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब कई अन्य बैंक भी अपने लोन की दरों में बदलाव कर रहे हैं। RBI की पॉलिसी के बाद, अक्टूबर में पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों ने भी अपने लोन की दरें बढ़ाई थीं।

क्या SBI FD पर भी ब्याज दरें बढ़ाएगा?

जहां एक तरफ कर्ज लेने वालों पर लोन की लागत बढ़ने का खतरा है, वहीं फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले लोग यह देख रहे हैं कि क्या बैंक उन्हें FD पर बेहतर रिटर्न देंगे? SBI के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने संकेत दिया है कि बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी होने के कारण, अगले दो-तीन महीनों में बैंकों द्वारा डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना कम है। उनके बयान से ऐसा लगता है कि लोन की दरें बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि तुरंत FD पर भी बेहतर ब्याज दरें मिलेंगी।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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