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  1. केंद्रीय कर्मचारियों को 30 दिन का बोनस, मिलेंगे ₹6,908 तक, जानें किसे मिलेगा फायदा

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केंद्रीय कर्मचारियों को 30 दिन का बोनस, मिलेंगे ₹6,908 तक, जानें किसे मिलेगा फायदा

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 16, 2026, 14:31 IST

सारांश

सरकार ने बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन की सीमा 7000 रुपये तय की है। इसका मतलब है कि अगर किसी कर्मचारी की औसत मासिक सैलरी 7,000 रुपये से ज्यादा है, तब भी बोनस की गणना 7,000 रुपये को आधार मानकर की जाएगी।

Bonus

बोनस का फायदा लेने के लिए कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में होना जरूरी है।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को 30 दिनों के वेतन के बराबर एड-हॉक बोनस देने की मंजूरी दी है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 15 अक्टूबर 2026 को कार्यालय ज्ञापन जारी किया। इस बोनस का फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो किसी प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड बोनस स्कीम के दायरे में नहीं आते हैं। पात्र कर्मचारियों को बोनस की रकम उनके वेतन और सेवा अवधि के आधार पर मिलेगी।

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किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?

यह बोनस ग्रुप सी और नॉन-गजेटेड ग्रुप बी के पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को दिया जाएगा। इसके अलावा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और सशस्त्र बलों के पात्र कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। केंद्र शासित प्रदेशों के उन कर्मचारियों को भी बोनस दिया जाएगा, जहां केंद्र सरकार के वेतन ढांचे का पालन किया जाता है। हालांकि, ऐसे कर्मचारी इस बोनस के पात्र नहीं होंगे, जो पहले से किसी दूसरी बोनस या एक्स-ग्रेशिया योजना के तहत आते हैं।

कितनी मिलेगी बोनस की रकम?

सरकार ने बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन की सीमा 7000 रुपये तय की है। इसका मतलब है कि अगर किसी कर्मचारी की औसत मासिक सैलरी 7,000 रुपये से ज्यादा है, तब भी बोनस की गणना 7,000 रुपये को आधार मानकर की जाएगी।

सरकार के तय फॉर्मूले के मुताबिक, 30 दिनों के बोनस की रकम करीब 6,908 रुपये बनती है। यह रकम उन कर्मचारियों के लिए है, जिनकी औसत मासिक सैलरी कम से कम 7,000 रुपये है और जिन्होंने बोनस के लिए जरूरी सेवा अवधि पूरी की है।

अगर किसी कर्मचारी की औसत मासिक सैलरी 7,000 रुपये से कम है, तो उसे उसी के हिसाब से बोनस मिलेगा। इसी तरह, जिन कर्मचारियों ने पूरे साल के बजाय कुछ महीनों तक ही पात्र सेवा पूरी की है उन्हें कम रकम मिलेगी।

बोनस पाने के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें?

बोनस का फायदा लेने के लिए कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में होना जरूरी है। इसके साथ ही, उसे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम छह महीने की लगातार सेवा पूरी करनी चाहिए। जिन कर्मचारियों ने छह महीने से ज्यादा लेकिन 12 महीने से कम सेवा की है, उन्हें बोनस आनुपातिक आधार पर दिया जाएगा। यानी उन्होंने जितने महीने पात्र सेवा की है, उसी के अनुसार बोनस की गणना होगी।

दैनिक वेतन पर काम करने वाले कैजुअल कर्मचारियों के लिए अलग शर्तें रखी गई हैं। छह दिन काम करने वाले कार्यालयों में ऐसे कर्मचारियों ने पिछले लगातार तीन वर्षों में हर साल कम से कम 240 दिन काम किया होना चाहिए। वहीं, पांच दिन काम करने वाले कार्यालयों के कर्मचारियों के लिए यह सीमा हर साल 206 दिन है।

कैसे होगी बोनस की गणना?

व्यय विभाग ने बोनस की गणना के लिए फॉर्मूला तय किया है। बोनस = औसत मासिक वेतन × 30 ÷ 30.4, उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की औसत मासिक सैलरी 7,000 रुपये या इससे ज्यादा है, तो गणना इस तरह होगी: 7,000 × 30 ÷ 30.4 = 6,907.89 रुपये।

इसे राउंड करके 6,908 रुपये माना जाएगा। हालांकि, कम सेवा अवधि या कम औसत मासिक वेतन के कारण वास्तविक बोनस इससे कम हो सकता है। सरकार के मुताबिक, इस बोनस पर होने वाला खर्च वित्त वर्ष 2026-27 में संबंधित मंत्रालयों और विभागों के स्वीकृत बजट से पूरा किया जाएगा।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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