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  1. DA बढ़ोतरी का इंतजार लंबा, कैबिनेट ने 2 प्रस्तावों को दी मंजूरी, कर्मचारियों की नजर अगले ऐलान पर

पर्सनल फाइनेंस

DA बढ़ोतरी का इंतजार लंबा, कैबिनेट ने 2 प्रस्तावों को दी मंजूरी, कर्मचारियों की नजर अगले ऐलान पर

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड October 15, 2026, 09:02 IST

सारांश

7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के आधार पर की गई कैलकुलेशन से संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के DA और पेंशनभोगियों के लिए 'डियरनेस रिलीफ' (DR) में 3% की बढ़ोतरी हो सकती है।

महंगाई भत्ता

DA Hike पर फिर बढ़ा इंतजार, कैबिनेट बैठक में नहीं हुआ ऐलान (Photo: Shutterstock)

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance, DA) में बढ़ोतरी का ऐलान कब किया जाएगा? इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। पिछली कैबिनेट मीटिंग में भी डीए बढ़ाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया था और न ही कोई घोषणा की गई थी। बुधवार यानी कि 14 अक्टूबर को जब कैबिनेट मीटिंग हुई, तो इस मीटिंग में जन-कल्याण से जुड़े दो अहम फैसले लिए गए, लेकिन इसमें केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी का ऐलान शामिल नहीं है। चलिए एक नजर डालते हैं कि बुधवार की कैबिनेट मीटिंग में जन-कल्याण से जुड़े कौन से दो फैसले लिए गए। इसके अलावा एक नजर इस पर भी डालेंगे कि केंद्र सरकार के कर्मचारी DA में बढ़ोतरी की घोषणा का बेसब्री से इंतजार क्यों कर रहे हैं?

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रेलवे कर्मचारियों के लिए PLB को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने रेल कर्मचारियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए 11,40,770 रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के लिए 2009.61 करोड़ रुपये के पीएलबी के भुगतान को मंजूरी दे दी है। पात्र रेल कर्मचारियों को पीएलबी का भुगतान हर साल दुर्गा पूजा/दशहरा की छुट्टियों से पहले किया जाता है। इस साल भी, लगभग 11.40 लाख गैर-राजपत्रित रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर पीएलबी राशि का भुगतान किया जा रहा है। पीएलबी रेल कर्मचारियों को रेलवे के प्रदर्शन में सुधार के लिए प्रेरित करने वाले प्रोत्साहन के रूप में काम करता है। पात्र रेल कर्मचारियों को अधिकतम 78 दिनों के लिए 17,951 रुपये का भुगतान किया जाएगा। यह राशि रेल कर्मचारियों की अलग-अलग कैटेगरी जैसे ट्रैक मेंटेनेंस कर्मी, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, तकनीशियन, तकनीशियन सहायक, पॉइंट्समैन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ और अन्य ग्रुप 'सी' स्टाफ को दी जाएगी। साल 2025-26 में रेलवे का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। रेलवे ने रिकॉर्ड 1670 मिलियन टन माल लादा और लगभग 7.41 बिलियन यात्रियों को परिवहन प्रदान किया।

पेंशन योजनाओं के नामों में बदलाव

कैबिनेट ने 'नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम' (राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम) और बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग नागरिकों के लिए चल रही विभिन्न पेंशन योजनाओं के नाम बदलने का भी फैसला किया है। इनके नए नाम PMSSY, PMVPY, PMDPY और PMPLY रखे गए हैं। इसके अलावा, कैबिनेट ने दिव्यांग पेंशन की राशि में भी बढ़ोतरी की है। नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना, इंदिरा गांधी नैशनल ओल्ड एज पेंशन स्कीम का नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी नैशनल विडो पेंशन स्कीम का नाम प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी नैशनल डिसेबिलिटी पेंशन स्कीम का नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना और नेशनल फैमिली बेनिफिट स्कीम का नाम प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना कर दिया गया है।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के DA में बढ़ोतरी को लेकर सस्पेंस बरकरार

साल 2026 के लिए DA में बढ़ोतरी की दूसरी किस्त 1 जुलाई 2026 से लागू होनी है। 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के आधार पर की गई कैलकुलेशन से संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के DA और पेंशनभोगियों के लिए 'डियरनेस रिलीफ' (DR) में 3% की बढ़ोतरी हो सकती है। आमतौर पर, सरकार साल की दूसरी DA बढ़ोतरी की घोषणा (बकाया राशि के साथ) त्योहारी सीजन के दौरान या उसकी शुरुआत में करती है। क्योंकि त्योहारी सीजन अक्टूबर में शुरू हो चुका है और 20 अक्टूबर को दशहरा भी आने वाला है, इसलिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उम्मीद है कि DA बढ़ाने की घोषणा जल्द ही कभी भी हो सकती है।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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