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  1. अक्टूबर में इन 4 Sovereign Gold Bond में मिलेगा समय से पहले पैसा निकालने का मौका, जानें तारीख और टैक्स के नियम

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अक्टूबर में इन 4 Sovereign Gold Bond में मिलेगा समय से पहले पैसा निकालने का मौका, जानें तारीख और टैक्स के नियम

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड October 01, 2026, 15:55 IST

सारांश

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल अवधि आठ साल होती है। हालांकि, निवेशकों को पांच साल पूरे होने के बाद समय से पहले बॉन्ड भुनाने की सुविधा मिलती है। इसके लिए RBI की ओर से तय तारीख पर ही रिडेम्पशन कराया जा सकता है। यह सुविधा ब्याज भुगतान की निर्धारित तारीखों पर उपलब्ध होती है।

SGB

समय पर आवेदन नहीं करने पर आप तय तारीख पर प्रीमैच्योर रिडेम्पशन का लाभ नहीं ले पाएंगे।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वाले लोगों के लिए अक्टूबर 2026 में अपने निवेश से समय से पहले बाहर निकलने का मौका है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अक्टूबर में प्रीमैच्योर रिडेम्पशन यानी मैच्योरिटी की तारीख से पहले पैसा निकालने के लिए चार SGB सीरीज की तारीखें तय की हैं। अगर आपने भी इन सीरीज में निवेश किया है, तो आपको यह जानना जरूरी है कि आप किस तारीख को बॉन्ड भुना सकते हैं और इसके लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख क्या है। समय पर आवेदन नहीं करने पर आप तय तारीख पर प्रीमैच्योर रिडेम्पशन का लाभ नहीं ले पाएंगे।

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अक्टूबर 2026 में किन SGB सीरीज को भुना सकते हैं?

अक्टूबर 2026 में चार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सीरीज के निवेशकों को समय से पहले पैसा निकालने का मौका मिलेगा। इनमें 2019-20 सीरीज V, 2019-20 सीरीज VI, 2020-21 सीरीज I और 2020-21 सीरीज VII शामिल हैं।

  • 2019-20 सीरीज V: इस सीरीज को 15 अक्टूबर 2019 को जारी किया गया था। इसमें निवेश करने वाले लोग 15 अक्टूबर 2026 को प्रीमैच्योर रिडेम्पशन करा सकते हैं। इसके लिए आवेदन 14 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 के बीच करना होगा।
  • 2019-20 सीरीज VI: यह सीरीज 30 अक्टूबर 2019 को जारी हुई थी। इसके निवेशक 30 अक्टूबर 2026 को अपने बॉन्ड भुना सकते हैं। इसके लिए आवेदन की अवधि 29 सितंबर से 21 अक्टूबर 2026 तक है।
  • 2020-21 सीरीज I: इस सीरीज को 28 अप्रैल 2020 को जारी किया गया था। इसके निवेशकों के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्पशन की तारीख 28 अक्टूबर 2026 तय की गई है। आवेदन 26 सितंबर से 19 अक्टूबर 2026 के बीच करना होगा।
  • 2020-21 सीरीज VII: यह बॉन्ड 20 अक्टूबर 2020 को जारी किया गया था। इसके निवेशक 19 अक्टूबर 2026 को प्रीमैच्योर रिडेम्पशन करा सकते हैं। आवेदन करने की अवधि 19 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 तक है।

निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि हर सीरीज के लिए आवेदन की अवधि और रिडेम्पशन की तारीख अलग-अलग है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने बॉन्ड की सीरीज और जारी होने की तारीख जरूर जांच लें।

कब निकाल सकते हैं SGB से पैसा?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल अवधि आठ साल होती है। हालांकि, निवेशकों को पांच साल पूरे होने के बाद समय से पहले बॉन्ड भुनाने की सुविधा मिलती है। इसके लिए RBI की ओर से तय तारीख पर ही रिडेम्पशन कराया जा सकता है। यह सुविधा ब्याज भुगतान की निर्धारित तारीखों पर उपलब्ध होती है।

प्रीमैच्योर रिडेम्पशन के समय निवेशकों को मिलने वाली रकम सोने की कीमत पर निर्भर करती है। इसके लिए 999 शुद्धता वाले सोने की कीमत के पिछले तीन कारोबारी दिनों के क्लोजिंग प्राइस का साधारण औसत निकाला जाता है। इस गणना के लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से प्रकाशित सोने की कीमतों का इस्तेमाल किया जाता है। यानी सोने की कीमत बढ़ने या घटने के हिसाब से निवेश पर मिलने वाली रकम भी बदल सकती है।

SGB पर कितना मिलता है ब्याज?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने पर सोने की कीमत में बदलाव से होने वाले लाभ या नुकसान के अलावा ब्याज भी मिलता है। इसमें निवेश की शुरुआती रकम पर सालाना 2.5% की निश्चित ब्याज दर मिलती है। यह ब्याज हर छह महीने में निवेशकों को दिया जाता है। बॉन्ड को समय से पहले भुनाने या आठ साल की अवधि पूरी होने तक ब्याज मिलता रहता है।

SGB के पैसे निकालने पर कितना लगेगा टैक्स?

SGB पर मिलने वाली टैक्स छूट के नियमों में 1 अप्रैल से बदलाव किया गया है। अब मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन टैक्स से छूट का लाभ केवल उन निवेशकों को मिलेगा, जिन्होंने बॉन्ड की शुरुआती सरकारी बिक्री यानी प्राइमरी इश्यू में निवेश किया था और उसे मैच्योरिटी तक अपने पास रखा।

अगर किसी निवेशक ने प्राइमरी इश्यू में बॉन्ड खरीदा था, लेकिन आठ साल पूरे होने से पहले उसे भुना लिया, तो अब मिलने वाले कैपिटल गेन पर टैक्स लग सकता है। वहीं, सेकेंडरी मार्केट यानी शेयर बाजार से SGB खरीदने वाले निवेशकों को मैच्योरिटी तक बॉन्ड रखने पर भी यह टैक्स छूट नहीं मिलेगी।

इसलिए अक्टूबर में SGB से पैसा निकालने की योजना बना रहे निवेशकों को अपनी सीरीज, रिडेम्पशन की तारीख, आवेदन की अंतिम तारीख और टैक्स से जुड़े नियमों की जांच कर लेनी चाहिए। इससे वे समय पर आवेदन कर सकेंगे और निवेश से बाहर निकलने पर मिलने वाली रकम का सही आकलन कर पाएंगे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। कोई भी फैसला लेने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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