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4 min read | अपडेटेड October 01, 2026, 15:40 IST
सारांश
इस खबर के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने कंपनी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। NSE को भेजे अपने जवाब में इंडियन ऑयल ने प्लान की मौजूदा स्थिति और इसके संभावित वित्तीय प्रभाव के बारे में जानकारी दी है।
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इंडियन ऑयल पैकेज्ड पानी को लेकर क्या है अपडेट? (Photo: Shutterstock)
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IndianOil) ने अपने 43,000 फ्यूल आउटलेट्स पर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर बेचने के प्लान से जुड़ी खबर पर शेयर मार्केट को क्लैरिफिकेशन दिया है। कंपनी ने कहा है कि पैकेज्ड पानी का प्रस्ताव कोई बड़ा या असामान्य कारोबारी फैसला नहीं है, बल्कि यह कंपनी की सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनी की नॉन-फ्यूल रेवेन्यू यानी ईंधन के अलावा दूसरे स्रोतों से होने वाली कमाई को बढ़ाना है। दरअसल, हाल ही में द हिंदू में एक खबर पब्लिश हुई थी, जिसमें बताया गया था कि इंडियन ऑयल अपने ब्रांड के तहत पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर लॉन्च करने का प्लान बना रही है। इस खबर के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने कंपनी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। NSE को भेजे अपने जवाब में इंडियन ऑयल ने प्लान की मौजूदा स्थिति और इसके संभावित वित्तीय प्रभाव के बारे में जानकारी दी है।
इंडियन ऑयल ने बताया कि कंपनी ने फिलहाल इस कारोबार के लिए केवल एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट यानी EoI जारी किया है। इसके जरिए कंपनी ने एग्रीगेटर्स से इस बिजनेस प्रस्ताव में उनकी रुचि जानने की कोशिश की है। इसका मतलब यह है कि अभी कंपनी ने 43,000 आउटलेट्स पर पैकेज्ड पानी बेचने का प्लान को पूरी तरह लागू नहीं किया है।
कंपनी के मुताबिक, अगर इस पहल को आगे बढ़ाया जाता है तो इसे चरणबद्ध तरीके से रिटेल आउटलेट्स पर लागू किया जा सकता है। यानी सभी आउटलेट्स पर एक साथ इसे शुरू करने के बजाय जरूरत और व्यावसायिक संभावनाओं के आधार पर अलग-अलग चरणों में लागू किया जा सकता है।
इंडियन ऑयल देशभर में अपने बड़े रिटेल आउटलेट नेटवर्क का संचालन करती है। कंपनी का कहना है कि वह इस नेटवर्क का इस्तेमाल केवल पेट्रोल और डीजल की बिक्री के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य कस्टमर-सेंट्रिक सर्विसेज और कारोबारी अवसरों के लिए भी करना चाहती है।
पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की बिक्री इसी रणनीति का हिस्सा हो सकती है। कंपनी का उद्देश्य नॉन-फ्यूल रेवेन्यू को बढ़ाना है। यानी पेट्रोल-डीजल की बिक्री के अलावा रिटेल आउटलेट्स से अतिरिक्त कमाई के रास्ते तैयार करना।
इंडियन ऑयल ने साफ किया है कि अगर यह प्लान लागू होता भी है, तो कंपनी के कुल कारोबार के मुकाबले इसका वित्तीय प्रभाव महत्वपूर्ण नहीं होगा। कंपनी ने अपने वित्तीय आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 9,01,452 करोड़ रुपये रहा।
इसी पीरियड में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 43,667 करोड़ रुपये रहा। वहीं, 31 मार्च 2026 तक इंडियन ऑयल की नेटवर्थ 2,25,547 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने कहा कि उसके बड़े कारोबारी साइज, रेवेन्यू, प्रॉफिट और अन्य गतिविधियों को देखते हुए पैकेज्ड पानी से जुड़ी यह पहल वित्तीय रूप से कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगी।
इंडियन ऑयल ने अपने क्लैरिफिकेशन में कहा कि कंपनी सामान्य कारोबारी गतिविधियों के तहत लगातार नए बिजनेस मौकों की तलाश करती रहती है। पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर का प्रस्ताव भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसलिए फिलहाल इसे कंपनी के कारोबार में किसी बड़े बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अभी यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है और कंपनी ने केवल संभावित एग्रीगेटर्स से रुचि मांगी है। आगे इसे लागू करने का फैसला होने पर ही इसकी वास्तविक स्थिति और दायरा स्पष्ट होगा।
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