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4 min read | अपडेटेड October 01, 2026, 15:06 IST
सारांश
सितंबर के दौरान शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन SRIT इंडिया के आईपीओ में जबर्दस्त खरीदारी देखने को मिली। 218.40 करोड़ रुपये के इस फ्रेश इश्यू को 125 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला। ऐसे में सवाल ये खड़ा हो रहा है कि इसपर निवेशक इतना क्रेजी क्यों हो रहे हैं?

शेयर बाजार में गिरावट के बीच SRIT इंडिया के आईपीओ को मिला निवेशकों का बंपर रिस्पांस। | Image: sritIndia.com
भारतीय शेयर बाजार में सितंबर के महीने में भारी गिरावट देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद प्राइमरी मार्केट में निवेशकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। SRIT इंडिया के आईपीओ को मिला बंपर सब्सक्रिप्शन इसकी जीती जागती मिसाल है। बाजार में बिकवाली के दबाव के बीच भी इस आईपीओ को निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया और यह कुल 125.16 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ है। अब यहां सवाल ये खड़ा हो रहा है कि क्या सच में ये आईपीओ इतना गुना सब्सक्रिप्शन डिजर्व करता था? या निवेशक फोमो में आ गए।
SRIT इंडिया का आईपीओ 28 सितंबर 2026 को बोली लगाने के लिए खुला था और 30 सितंबर 2026 को शाम 5:55 बजे बंद हुआ। कुल 218.40 करोड़ रुपये के इस बुक बिल्ड इश्यू में 1.18 करोड़ शेयरों के ऑफर के मुकाबले 147.19 करोड़ शेयरों की बोलियां हासिल हुईं। सबसे ज्यादा रिस्पांस नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई कैटेगरी में देखने को मिला, जहां यह इश्यू 312.99 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी कैटेगरी में 91.84 गुना और रिटेल इन्वेस्टर्स की कैटेगरी में 63.70 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।
बता दें कि कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल 218.40 करोड़ रुपये जुटा रही है। यह पूरा इश्यू 1.68 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू है। यानी कंपनी नए शेयर जारी करके बाजार से यह फंड जुटा रही है। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस शामिल नहीं है, जिससे जुटाई गई पूरी रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी। आईपीओ से मिलने वाले इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने बिजनेस को बढ़ाने और आगे के कामकाज में करेगी।
सितंबर के महीने में सेकेंडरी मार्केट का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। इस दौरान निफ्टी 50 इंडेक्स में 6.1% और सेंसेक्स में 5.8% की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय इक्विटी मार्केट से लगभग 2.7 बिलियन डॉलर की रकम निकाली। स्टॉकिफाई के फाउंडर और सीईओ पीयूष झुंझुनवाला के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि निवेशक अब सिर्फ शेयर बाजार के ओवरऑल सेंटिमेंट को देखकर फैसला नहीं ले रहे हैं। वे कंपनी के मजबूत फंडामेंटल, रेवेन्यू ग्रोथ और अर्निंग्स के मौकों को समझकर निवेश का रास्ता चुन रहे हैं। और इस समय निवेशकों के लिए टूटते बाजार के बीच आईपीओ एक सहार के रूप में सामने आ रहा है।
SRIT इंडिया के इस आईपीओ का प्राइस बैंड 123 रुपये से 130 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। यह पूरा इश्यू 1.68 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 115 शेयरों का रखा गया था, जिसके लिए अपर प्राइस बैंड पर कम से कम 14,950 रुपये का निवेश जरूरी था। इस आईपीओ का अलॉटमेंट 1 अक्टूबर 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयर 6 अक्टूबर 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट होने की संभावना है।
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में एसआरआईटी इंडिया का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 की तुलना में 31 मार्च 2026 तक कंपनी का रेवेन्यू 15% बढ़कर 462.54 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले साल 400.50 करोड़ रुपये था। वहीं 31 मार्च 2024 को कंपनी की टोटल इनकम 282.22 करोड़ रुपये थी। कंपनी के नेट प्रॉफिट में भी 29% की जबर्दस्त बढ़त देखने को मिली है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 43.29 करोड़ रुपये हो गया, जो 31 मार्च 2025 को 33.60 करोड़ रुपये और 31 मार्च 2024 को 29.08 करोड़ रुपये था।
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