return to news
  1. गवर्नमेंट फ्लोटिंग रेट बॉन्ड क्या है? जानिए 6.87% ब्याज और सुरक्षित निवेश का पूरा गणित

पर्सनल फाइनेंस

गवर्नमेंट फ्लोटिंग रेट बॉन्ड क्या है? जानिए 6.87% ब्याज और सुरक्षित निवेश का पूरा गणित

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 22, 2026, 18:25 IST

सारांश

गवर्नमेंट फ्लोटिंग रेट बॉन्ड केंद्र सरकार द्वारा जारी की जाने वाली एक बेहद सुरक्षित निवेश योजना है। इसमें ब्याज की दरें फिक्स नहीं होतीं बल्कि बाजार के रुख के हिसाब से बदलती रहती हैं।

government-floating-rate-bond-interest

गवर्नमेंट फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में निवेश करके पा सकते हैं सरकार की गारंटी के साथ सुरक्षित रिटर्न।

भारतीय रिजर्व बैंक और भारत सरकार निवेशकों को सुरक्षित निवेश का मौका देने के लिए समय-समय पर कई तरह के बॉन्ड जारी करते हैं। इन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय विकल्प है गवर्नमेंट फ्लोटिंग रेट बॉन्ड। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहने वाले और फिक्स्ड डिपाजिट से बेहतर रिटर्न की उम्मीद रखने वाले निवेशकों के लिए यह एक शानदार जरिया है। इस बॉन्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपका मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहता है क्योंकि इसके पीछे सरकार की संप्रभु गारंटी यानी सोवरन गारंटी होती है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

क्या होता है गवर्नमेंट फ्लोटिंग रेट बॉन्ड?

फ्लोटिंग रेट बॉन्ड एक ऐसा डेट इंस्ट्रूमेंट है जिसमें मिलने वाला ब्याज पूरे टेन्योर के दौरान एक जैसा नहीं रहता है। सामान्य एफडी या फिक्स्ड रेट बॉन्ड में निवेश करते समय जो ब्याज दर तय होती है, वही पूरी अवधि तक मिलती है। लेकिन फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में ब्याज दर समय-समय पर बदलती रहती है। यह ब्याज दर सरकार द्वारा तय किए गए किसी निश्चित बेंचमार्क जैसे नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी एनएससी की दरों से जुड़ी होती है। जब भी बेंचमार्क रेट में बदलाव होता है, तो इस बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज में भी खुद-ब-खुद संशोधन हो जाता है।

कैसे काम करता है वेरिएबल ब्याज का गणित?

फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में मिलने वाला ब्याज सीधे तौर पर सरकारी बेंचमार्क रेट पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए अगर बेंचमार्क रेट 6.50% तय किया गया है और उस पर 0.37% का स्प्रेड या एक्स्ट्रा मार्जिन जोड़ा जाता है, तो निवेशक को 6.87% का कूपन रेट या ब्याज मिलता है। सरकार हर 6 महीने में यानी 1 जनवरी और 1 जुलाई को इस बॉन्ड की ब्याज दरों की समीक्षा करती है और नया रेट तय करती है। अगर बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो आपका रिटर्न भी अपने आप बढ़ जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि निवेशक को ब्याज दरें गिरने या बढ़ने का रिस्क नहीं उठाना पड़ता है।

किन निवेशकों के लिए है यह सबसे ज्यादा फायदेमंद?

यह बॉन्ड उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी है जो अपनी जमा पूंजी पर बिना किसी क्रेडिट रिस्क के फिक्स्ड और रेगुलर इनकम चाहते हैं। सीनियर सिटिजंस और रिटायर्ड लोगों के लिए यह एक बहुत ही भरोसेमंद विकल्प है क्योंकि इसमें हर 6 महीने में ब्याज का भुगतान सीधे बैंक अकाउंट में कर दिया जाता है। इसके अलावा जो लोग शेयर बाजार के रिस्क से बचना चाहते हैं और अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखना चाहते हैं, वे भी इसमें बिना किसी ऊपरी सीमा के निवेश कर सकते हैं।

गवर्नमेंट फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में पैसा लगाने से पहले इसके कुछ नियमों को समझना जरूरी है। आमतौर पर इस बॉन्ड का लॉक-इन पीरियड 7 साल का होता है, यानी आप 7 साल से पहले अपना पैसा सामान्य स्थिति में नहीं निकाल सकते हैं। हालांकि सीनियर सिटिजंस को उनकी उम्र के हिसाब से प्री-मैच्योर विड्रॉल की छूट दी जाती है। इस बॉन्ड से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल होता है और निवेशक की टैक्स स्लैब के अनुसार इस पर टैक्स लगता है। अगर आप लंबी अवधि के लिए सुरक्षित और रेगुलर रिटर्न की तलाश में हैं, तो यह बॉन्ड आपके पोर्टफोलियो का एक मजबूत हिस्सा बन सकता है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख