पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड May 20, 2026, 17:09 IST
सारांश
पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी NSC स्कीम निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर रिटर्न देने वाला माध्यम बन चुकी है। इस स्कीम में 5 साल के लिए पैसा लॉक रहता है और वर्तमान में 7.7 पर्सेंट का शानदार सालाना ब्याज मिल रहा है। इसके साथ ही इसमें टैक्स बचत का फायदा भी शामिल है।

पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट स्कीम सुरक्षित निवेश के साथ दे रही है शानदार रिटर्न का फायदा। | Image: Shutterstock.
आज के समय में हर कोई चाहता है कि उसका पैसा सुरक्षित रहे और उस पर बेहतर रिटर्न भी मिले। अगर आप भी किसी ऐसी ही जगह निवेश करने का प्लान बना रहे हैं जहां आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे और फ्यूचर में शानदार फंड तैयार हो सके, तो पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स यानी NSC स्कीम आपके लिए बहुत काम की साबित हो सकती है। केंद्र सरकार की तरफ से चलाई जाने वाली इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य छोटे और मिड-इनकम ग्रुप के लोगों में बचत की आदत को बढ़ावा देना है। इस सरकारी योजना में निवेश करने पर ग्राहकों को फिक्स्ड इनकम के साथ-साथ टैक्स में बड़ी छूट का फायदा भी मिलता है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट को आम बोलचाल में राष्ट्रीय बचत पत्र भी कहा जाता है। यह एक फिक्स्ड-इनकम निवेश स्कीम है, जिसकी कुल अवधि 5 साल की होती है। इस स्कीम के तहत फिलहाल निवेशकों को सालाना 7.7 पर्सेंट की दर से शानदार ब्याज दिया जा रहा है। एनएससी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसके जरिए आप सालाना 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स बचा सकते हैं। यह स्कीम उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है जो बिना किसी रिस्क के एक तय रिटर्न पाना चाहते हैं।
पोस्ट ऑफिस की इस लोकप्रिय योजना में निवेश शुरू करना बेहद आसान है। इसमें कोई भी भारतीय नागरिक न्यूनतम 1,000 रुपए से अपने निवेश की शुरुआत कर सकता है। वहीं, अधिकतम निवेश के लिए सरकार ने कोई सीमा तय नहीं की है, यानी आप अपनी इच्छा के अनुसार जितना चाहें उतना पैसा इस स्कीम में लगा सकते हैं। पात्रता की बात करें तो केवल भारतीय नागरिक ही इसमें निवेश करने के हकदार हैं। इसमें 10 साल से बड़े बच्चे अपने नाम पर या उनके माता-पिता उनके लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा दो लोग मिलकर जॉइंट अकाउंट के जरिए भी इस सर्टिफिकेट को खरीद सकते हैं। इसके लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स में एनएससी आवेदन पत्र, पहचान पत्र जैसे पैन या ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होती है।
इस स्कीम में मिलने वाले शानदार रिटर्न को हम एक आसान उदाहरण से समझ सकते हैं। अगर कोई निवेशक एनएससी स्कीम में 5 साल की अवधि के लिए एकमुश्त 15 लाख रुपए का बड़ा निवेश करता है, तो मौजूदा 7.7 पर्सेंट की सालाना ब्याज दर के हिसाब से उसे केवल ब्याज के रूप में ही 6,73,551 रुपए की मोटी कमाई होगी। इसके बाद जब 5 साल का लॉक-इन पीरियड यानी मैच्योरिटी की अवधि पूरी हो जाएगी, तो निवेशक को उसका मूलधन और ब्याज मिलाकर कुल 21,73,551 रुपए की बड़ी रकम वापस मिलेगी। इस स्कीम में ऑनलाइन माध्यम से, किसी भी डाकघर से एकमुश्त या फिर 100 रुपए के मल्टिपल में अलग-अलग समय पर सीमांत निवेश भी किया जा सकता है।
एनएससी स्कीम में सामान्य तौर पर 5 साल के मैच्योरिटी पीरियड से पहले पैसा निकालने की अनुमति नहीं होती है। हालांकि, कुछ बेहद खास और आपातकालीन परिस्थितियों में सरकार समय से पहले निकासी यानी अर्ली विदड्रॉल की मंजूरी देती है। अगर एनएससी सर्टिफिकेट धारक की अचानक मृत्यु हो जाती है, तो पैसा निकाला जा सकता है। इसके अलावा किसी गजटेड सरकारी अधिकारी द्वारा सर्टिफिकेट जब्त किए जाने पर या फिर किसी माननीय जज या कोर्ट के आदेश के बाद ही इस स्कीम से समय से पहले पैसा बाहर निकाला जा सकता है। इसके लिए धारक या नॉमिनी को विशेष कानूनी दस्तावेज जमा करने होते हैं।
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