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  1. Advance Tax Deadline: 10000 रुपये से ज्यादा टैक्स देनदारी है तो 15 जून से पहले निपटा लें यह काम

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Advance Tax Deadline: 10000 रुपये से ज्यादा टैक्स देनदारी है तो 15 जून से पहले निपटा लें यह काम

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड June 13, 2026, 12:35 IST

सारांश

एडवांस टैक्स भरने से पहले अपनी सालभर की संभावित आय का हिसाब लगाना जरूरी है। इसमें सैलरी, बिजनेस, शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने से हुआ मुनाफा, किराये की आय, एफडी का ब्याज और अन्य कमाई शामिल होती है। इसके बाद उपलब्ध टैक्स छूट और कटौतियां घटाकर अपनी टैक्स देनदारी का अनुमान लगाया जा सकता है।

Advance Tax Deadline

Advance Tax Deadline: हर किसी को एडवांस टैक्स भरने की जरूरत नहीं होती।

अगर आपको लगता है कि इस साल आपकी टैक्स देनदारी 10000 रुपये से ज्यादा होगी, तो आपको एडवांस टैक्स देना पड़ सकता है। एडवांस टैक्स का मतलब है कि साल खत्म होने का इंतजार करने के बजाय टैक्स को चार किस्तों में पहले ही जमा कर दिया जाए। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहली किस्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 जून 2026 है।

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आय का हिसाब लगाना जरूरी

एडवांस टैक्स भरने से पहले अपनी सालभर की संभावित आय का हिसाब लगाना जरूरी है। इसमें सैलरी, बिजनेस, शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने से हुआ मुनाफा, किराये की आय, एफडी का ब्याज और अन्य कमाई शामिल होती है। इसके बाद उपलब्ध टैक्स छूट और कटौतियां घटाकर अपनी टैक्स देनदारी का अनुमान लगाया जा सकता है।

किसे भरना होता है एडवांस टैक्स

हर किसी को एडवांस टैक्स भरने की जरूरत नहीं होती। अगर टीडीएस कटने और अन्य टैक्स क्रेडिट को समायोजित करने के बाद भी आपकी टैक्स देनदारी 10000 रुपये से ज्यादा बचती है, तभी यह नियम लागू होता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत की बात यह है कि 60 साल या उससे अधिक उम्र के ऐसे लोग, जिनकी कोई बिजनेस या प्रोफेशनल आय नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स नहीं भरना पड़ता। हालांकि, अगर किसी सीनियर सिटिजन की कमाई बिजनेस या प्रोफेशन से भी होती है और उसकी टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से ज्यादा है, तो उसे यह टैक्स जमा करना होगा।

खासतौर पर फ्रीलांसर, कंसल्टेंट, शेयर बाजार में ट्रेडिंग या निवेश करने वाले लोग, किराये से आय कमाने वाले व्यक्ति, एफडी पर अच्छा-खासा ब्याज पाने वाले लोग और बड़े कैपिटल गेन वाले कर्मचारी 15 जून की डेडलाइन पर ध्यान दें।

एडवांस टैक्स नहीं भरने पर क्या होगा?

अगर एडवांस टैक्स समय पर नहीं भरा गया या कम राशि जमा की गई, तो आयकर विभाग ब्याज वसूल सकता है। अगर आप हर तिमाही की तय तारीखों पर तय प्रतिशत के अनुसार टैक्स नहीं चुकाते हैं, तो आपको 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना होगा। यह ब्याज 3 महीने की अवधि के लिए लागू होता है।

अगर आप वित्तीय वर्ष की समाप्ति (31 मार्च) तक अपने कुल अनुमानित टैक्स का कम से कम 90% हिस्सा जमा नहीं करते हैं, तो अगले वित्तीय वर्ष के अप्रैल महीने से 1% प्रति माह की दर से अतिरिक्त ब्याज लगना शुरू हो जाता है। यह ब्याज तब तक जुड़ता रहता है जब तक आप पूरा टैक्स नहीं चुका देते।

इसके अलावा आयकर विभाग आपको बकाया टैक्स और ब्याज चुकाने के लिए धारा 143(1) के तहत डिमांड नोटिस भी भेज सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि समय रहते अपनी आय और टैक्स देनदारी का आकलन कर लें और जरूरत पड़ने पर पहली किस्त 15 जून तक जमा कर दें।

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