return to news
  1. PM Fasal Bima Yojana: क्या अब जंगली जानवरों और भारी बारिश से हुआ नुकसान भी कवर करेगी सरकार? ये है नियम

पर्सनल फाइनेंस

PM Fasal Bima Yojana: क्या अब जंगली जानवरों और भारी बारिश से हुआ नुकसान भी कवर करेगी सरकार? ये है नियम

Upstox

4 min read | अपडेटेड May 18, 2026, 14:27 IST

सारांश

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब किसानों को जंगली जानवरों और अत्यधिक बारिश से खेतों में होने वाले जलभराव के नुकसान पर भी मुआवजा मिल सकेगा। किसानों को नुकसान के 72 घंटे के भीतर फसल बीमा ऐप पर जियो-टैग फोटो के साथ शिकायत दर्ज करनी होगी। राज्य सरकारें तय करेंगी कि किन जानवरों और जिलों को इसमें शामिल करना है।

pmfby-new-rules-shivraj-singh-chouhan-crop

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नए नियमों के तहत अब जंगली जानवरों से नुकसान पर भी मिलेगा मुआवजा। Image: Shutterstock

खेती-किसानी में मेहनत के साथ-साथ जोखिम भी बहुत ज्यादा उठाना पड़ता है। कभी अचानक बदला मौसम फसल को पूरी तरह तबाह कर देता है, तो कभी जंगली जानवर खेतों में घुसकर महीनों की मेहनत को बर्बाद कर देते हैं। ऐसे नुकसानों से परेशान देश के किसानों के लिए अब एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अब एक बहुत बड़ा सुधार किया जा रहा है। अब से इस बीमा योजना के तहत जंगली जानवरों की वजह से होने वाले नुकसान और बहुत ज्यादा बारिश के कारण खेतों में जलभराव से खराब हुई फसलों को भी शामिल किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि अब किसानों को इन दोनों तरह के नुकसानों पर भी सरकार की तरफ से मुआवजा मिल सकेगा, जिसकी मांग किसान लंबे समय से कर रहे थे।

अब किन नुकसानों की पूरी भरपाई करेगी सरकार

केंद्रीय मंत्री के दिए गए बयान के मुताबिक, अगर जंगली जानवर खेतों में घुसकर किसानों की तैयार फसल को खराब कर देते हैं, तो उसका पूरा बीमा कवर किसानों को दिया जाएगा। इसके साथ ही, अगर भारी और लगातार बारिश की वजह से खेतों में पानी जमा हो जाता है और जलभराव के कारण फसल पूरी तरह खराब हो जाती है, तो उस नुकसान को भी इस योजना के तहत कवर किया जाएगा। सरकार की यह नई और बेहद खास सुविधा इसी साल यानी खरीफ 2026 के सीजन से पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी। सरकार का पूरा मानना है कि इस बड़े फैसले से देश भर के हजारों किसानों को सीधा और बड़ा फायदा पहुंचेगा। इससे खेती में अचानक होने वाले बड़े नुकसान से किसानों को बहुत बड़ी राहत मिल सकेगी।

नुकसान होने पर कैसे करना होगा क्लेम?

योजना के तहत बनाए गए नए नियमों के अनुसार, अगर किसी भी किसान की फसल को जंगली जानवर नुकसान पहुंचाते हैं या फिर भारी बारिश के जलभराव से फसल खराब होती है, तो उसे नुकसान होने के सिर्फ 72 घंटे के भीतर ही इसकी पूरी जानकारी देनी होगी। इस जानकारी को देने के लिए किसान फसल बीमा ऐप का आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं और ऐप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत दर्ज करते समय किसानों को अपने प्रभावित खेत की जियो-टैग वाली फोटो भी ऐप पर अपलोड करनी होगी, जिससे नुकसान की एकदम सही जांच हो सके। इसके बाद संबंधित अधिकारी खुद मौके पर जाकर पूरे नुकसान की जांच करेंगे और फिर तय नियमों के हिसाब से मुआवजे की रकम दी जाएगी। सरकार ने यह भी पूरी तरह साफ कर दिया है कि किन-किन जंगली जानवरों को इस बीमा योजना में शामिल रखना है और इसे किन-किन जिलों में लागू किया जाना है, इसका पूरा फैसला राज्य सरकारें ही करेंगी।

किसानों के लिए क्यों बेहद खास है यह नया फैसला?

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह नया फैसला देश के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी राहत साबित हो सकता है। खास तौर पर उन इलाकों के किसानों के लिए यह बहुत फायदेमंद होगा, जिनकी फसलें अक्सर नीलगाय, जंगली सूअर या फिर अचानक होने वाली भारी बारिश की वजह से खराब हो जाती हैं। अब इन परिस्थितियों में किसानों को अपना पूरा नुकसान अकेले अपने दम पर नहीं झेलना पड़ेगा और उन्हें सरकार का मजबूत सहारा मिलेगा। सरकार का कहना है कि किसानों की सुरक्षा और उनकी आमदनी को लगातार बढ़ाने के लिए ही इस तरह की योजनाओं में समय-समय पर जरूरी सुधार और बदलाव किए जा रहे हैं। ऐसे में इस नई व्यवस्था को देश की खेती को थोड़ा और सुरक्षित बनाने और हमारे किसानों को पहले से ज्यादा मजबूत बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख