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  1. अब पेंशन फंड्स नहीं झाड़ सकेंगे अपनी जिम्मेदारी, PFRDA ने सख्त किए नियम,ये है डीटेल

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अब पेंशन फंड्स नहीं झाड़ सकेंगे अपनी जिम्मेदारी, PFRDA ने सख्त किए नियम,ये है डीटेल

Upstox

3 min read | अपडेटेड July 23, 2026, 15:37 IST

सारांश

PFRDA ने एनपीएस सब्सक्राइबर्स के सुरक्षा नियमों को अधिक मजबूत कर दिया है। अब पेंशन फंड्स किसी भी तीसरे पक्ष यानी थर्ड पार्टी संस्था की लापरवाही की जिम्मेदारी से बच नहीं सकेंगे।

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एनपीएस सब्सक्राइबर्स के हितों की रक्षा के लिए PFRDA ने जारी किए नए कड़े नियम। | Image: Shutterstock.

नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी PFRDA ने एक बहुत बड़ा और राहत देने वाला कदम उठाया है। अथॉरिटी ने पेंशन फंड्स के कामकाज पर शिकंजा कसते हुए सब्सक्राइबर्स के हितों की सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत कर दिया है। अब अगर कोई पेंशन फंड किसी खास सेवा को देने के लिए किसी बाहरी या थर्ड पार्टी कंपनी की सेवाएं लेता है और उस कंपनी से कोई चूक या गलती होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी पेंशन फंड की ही होगी। पेंशन फंड अपनी इस जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकेंगे। यह नया बदलाव 13 जुलाई 2026 से लागू कर दिया गया है।

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जानिए क्या है नया रेगुलेशन 4A?

PFRDA ने इस बदलाव को लागू करने के लिए एग्जिट्स एंड विड्रॉअल्स रेगुलेशंस 2015 में संशोधन किया है। इसके तहत नया रेगुलेशन 4A जोड़ा गया है। इसके जरिए पेंशन फंड्स को किसी स्पेसिफिक परपज स्कीम को चलाने के लिए बाहरी एजेंसियों को अपने साथ जोड़ने की अनुमति दी गई है। हालांकि नियम में साफ कहा गया है कि आउटसोर्सिंग करने के बावजूद ग्राहकों के प्रति जवाबदेही पेंशन फंड की ही बनी रहेगी। अगर तीसरी पार्टी से काम में कोई लापरवाही होती है या गलत फैसला लिया जाता है, तो इसके लिए कानूनी और आर्थिक रूप से पेंशन फंड को ही जिम्मेदार माना जाएगा।

थर्ड पार्टी कंपनियों के लिए तय हुई योग्यता

नए संशोधनों के तहत बाहरी एजेंसियों के लिए कुछ खास तकनीकी शर्तें भी तय की गई हैं। ऐसी किसी भी कंपनी के पास पेंशन फंड और PFRDA के साथ रजिस्टर्ड बाकी संस्थाओं जैसे सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी के साथ जुड़ने की तकनीकी क्षमता होना अनिवार्य होगा। यह इंटीग्रेशन सूचनाओं के आदान-प्रदान, पेंशन फायदों के भुगतान और सब्सक्राइबर्स को दी जाने वाली बाकी सुविधाओं को आसान बनाने के लिए जरूरी होगा। इसके अलावा पेंशन फंड और उसके द्वारा चुनी गई बाहरी संस्था दोनों ही PFRDA की सीधी निगरानी में काम करेंगे और उन्हें देश के सभी लागू कानूनों का पालन करना होगा।

रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क की शुरुआत

इसके साथ ही PFRDA ने एक दूसरा नोटिफिकेशन जारी करते हुए रेगुलेटरी सैंडबॉक्स रेगुलेशंस 2026 की भी घोषणा की है। इस नए फ्रेमवर्क का मुख्य मकसद पेंशन सेक्टर में जिम्मेदारी के साथ नए प्रयोगों और इनोवेशन को बढ़ावा देना है। इसके तहत एक सुरक्षित और कंट्रोल एनवायरमेंट तैयार किया जाएगा, जहां कंपनियां अपने नए प्रोडक्ट्स, सर्विसेज, बिजनेस मॉडल या टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का परीक्षण कर सकेंगी। जरूरत पड़ने पर टेस्टिंग के दौरान PFRDA कंपनियों को नियमों में कुछ समय के लिए सीमित छूट भी दे सकता है। इन दोनों फैसलों से साफ है कि अथॉरिटी का ध्यान ग्राहकों के सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने और नई तकनीक को बढ़ावा देने पर है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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