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  1. पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, 1 नवंबर से 2000 शहरों में लगेंगे कैंप, घर बैठे बनवा सकेंगे लाइफ सर्टिफिकेट

पर्सनल फाइनेंस

पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, 1 नवंबर से 2000 शहरों में लगेंगे कैंप, घर बैठे बनवा सकेंगे लाइफ सर्टिफिकेट

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड October 30, 2026, 16:03 IST

सारांश

इस अभियान में फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी पर खास ध्यान दिया जाएगा। इस तकनीक की मदद से पेंशनर्स अपने चेहरे की पहचान के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवा सकेंगे। इसके लिए एंड्रॉयड और आईओएस दोनों तरह के स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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देश के करीब 2,000 शहरों और जिलों में कैंप लगाए जाएंगे।

केंद्र सरकार पेंशनर्स की सुविधा के लिए 1 नवंबर 2026 से देशभर में एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। पेंशन और पेंशनर्स वेलफेयर डिपार्टमेंट की ओर से 5वां नेशनवाइड डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) कैंपेन चलाया जाएगा। यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत देश के करीब 2,000 शहरों और जिलों में कैंप लगाए जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान होगा।

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इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पेंशनर्स को डिजिटल तरीके से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा देना है। खासतौर पर बुजुर्ग पेंशनर्स को बैंक या सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया जाएगा।

2.30 करोड़ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने का लक्ष्य

सरकार ने इस महीनेभर चलने वाले अभियान के तहत कुल 2.30 करोड़ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बनाने का लक्ष्य रखा है। इनमें से 1.50 करोड़ सर्टिफिकेट फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए तैयार करने का लक्ष्य है। इसके लिए सरकार सैचुरेशन मॉडल अपनाएगी, यानी ज्यादा से ज्यादा पेंशनर्स तक इस सुविधा को पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के कई विभाग मिलकर काम करेंगे। इसमें 19 बैंक, 785 जिला डाकघर, 56 पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, सीजीडीए, रेलवे, दूरसंचार विभाग (DoT), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), यूआईडीएआई और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) शामिल होंगे।

फेस ऑथेंटिकेशन से मोबाइल पर बनेगा लाइफ सर्टिफिकेट

इस अभियान में फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी पर खास ध्यान दिया जाएगा। इस तकनीक की मदद से पेंशनर्स अपने चेहरे की पहचान के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवा सकेंगे। इसके लिए एंड्रॉयड और आईओएस दोनों तरह के स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस तकनीक में पेंशनर्स को अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं होगी। मोबाइल के कैमरे की मदद से चेहरे की पहचान की जाएगी और इसके आधार पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार किया जा सकेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और यूआईडीएआई इस पूरी प्रक्रिया में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएंगे।

बुजुर्गों को मिलेंगी कई दूसरी सुविधाएं भी

सरकार इस अभियान को सिर्फ लाइफ सर्टिफिकेट बनाने तक सीमित नहीं रखेगी। इसे उत्सव की तरह आयोजित किया जाएगा, जिसमें पेंशनर्स को कई दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी। कैंप में हेल्थ चेकअप और आधार कार्ड अपडेट कराने जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

जिन बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए कैंप तक पहुंचना मुश्किल होगा, उनके लिए डोरस्टेप सर्विस की व्यवस्था भी की जाएगी। यानी जरूरत पड़ने पर उनके घर जाकर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए ग्रिवांस ऑफिसर भी तैनात किए जाएंगे। कोशिश होगी कि शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।

वरिष्ठ अधिकारी करेंगे अभियान की निगरानी

इस पूरे अभियान की निगरानी पेंशन और पेंशनर्स वेलफेयर डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। इसके लिए अलग-अलग राज्यों में जाकर जमीनी स्तर पर अभियान की समीक्षा की जाएगी। जिन इलाकों में पेंशनर्स की संख्या ज्यादा है, वहां मेगा कैंप भी लगाए जाएंगे। इन कैंपों में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

अभियान के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की टीमें भी प्रचार-प्रसार करेंगी। इसके अलावा एसएमएस, सोशल मीडिया पोस्ट, जिंगल और शॉर्ट फिल्मों के जरिए पेंशनर्स को जागरूक किया जाएगा।

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