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  1. RBI ने तय की FRB 2034 की नई ब्याज दर, 30 अक्टूबर से लागू होगा बदलाव, कैसे होती है कैलकुलेशन?

पर्सनल फाइनेंस

RBI ने तय की FRB 2034 की नई ब्याज दर, 30 अक्टूबर से लागू होगा बदलाव, कैसे होती है कैलकुलेशन?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड October 30, 2026, 09:17 IST

सारांश

30 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले इंटरेस्ट पीरियड के दौरान इन्वेस्टरों को 7.26% सालाना दर के आधार पर ब्याज दिया जाएगा। यह दर 29 अप्रैल 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद अगले पीरियड के लिए ब्याज दर संबंधित निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तय की जाएगी।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

सरकारी फ्लोटिंग रेट बॉन्ड 2034 पर RBI का बड़ा ऐलान, जानिए नई ब्याज दर (Photo: Shutterstock)

भारतीय रिजर्व बैंक Reserve Bank of India, RBI) ने सरकारी फ्लोटिंग रेट बॉन्ड 2034 की आने वाले छह महीने के पीरियड के लिए ब्याज दर की घोषणा कर दी है। आरबीआई की ओर से 29 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक इस बॉन्ड पर 30 अक्टूबर 2026 से 29 अप्रैल 2027 तक 7.26% सालाना की दर से ब्याज मिलेगा। यह घोषणा उन इन्वेस्टरों के लिए जरूरी है, जो सरकारी प्रतिभूतियों में इन्वेस्ट करते हैं और नियमित ब्याज आय की उम्मीद रखते हैं। आरबीआई द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, फ्लोटिंग रेट बॉन्ड 2034 पर लागू होने वाली नई ब्याज दर आधे साल यानी छह महीने के पीरियड के लिए निर्धारित की गई है। इसका मतलब है कि 30 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले इंटरेस्ट पीरियड के दौरान इन्वेस्टरों को 7.26% सालाना दर के आधार पर ब्याज दिया जाएगा। यह दर 29 अप्रैल 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद अगले पीरियड के लिए ब्याज दर संबंधित निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तय की जाएगी।

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कैसे तय होती है फ्लोटिंग रेट बॉन्ड की ब्याज दर?

फ्लोटिंग रेट बॉन्ड की सबसे खास बात यह है कि इसकी ब्याज दर स्थायी नहीं होती, बल्कि एक निश्चित फॉर्मूले के आधार पर समय-समय पर बदलती रहती है। आरबीआई की प्रेस रिलीज के मुताबिक सरकारी फ्लोटिंग रेट बॉन्ड 2034 की ब्याज दर का आधार 182 दिनों वाले ट्रेजरी बिल की पिछली तीन नीलामियों की भारित औसत यील्ड (Weighted Average Yield, WAY) है। इस औसत यील्ड में 0.98% का निश्चित स्प्रेड भी जोड़ा जाता है। इसी आधार पर बॉन्ड की ब्याज दर निर्धारित होती है। इस व्यवस्था के कारण बॉन्ड की ब्याज दर बाजार में सरकारी प्रतिभूतियों की यील्ड में होने वाले बदलावों के अनुरूप घट या बढ़ सकती है।

क्यों इन्वेस्टरों के लिए यह अहम?

आरबीआई की यह घोषणा खासतौर पर उन इन्वेस्टरों के लिए अहम है, जो सरकारी बॉन्ड में निवेश के जरिए ब्याज आय प्राप्त करना चाहते हैं। फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में ब्याज दर समय-समय पर रीसेट होती है, इसलिए निवेशकों को हर नए इंटरेस्ट पीरियड के लिए लागू दर की जानकारी रखना जरूरी होता है।

इस बार 7.26% सालाना ब्याज दर निर्धारित की गई है। हालांकि, निवेश से पहले केवल ब्याज दर को देखकर फैसला लेना उचित नहीं है। इन्वेस्टरों को बॉन्ड के पीरियड, भुगतान की शर्तों, अपनी वित्तीय जरूरतों और निवेश संबंधी जोखिमों को भी समझना चाहिए।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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