पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड June 01, 2026, 07:28 IST
सारांश
नया महीना शुरू होते ही पैसों के लेन-देन, टैक्स और क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई अहम नियम बदल रहे हैं। एडवांस टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख 15 जून तय की गई है। वहीं, पुरानी टैक्स व्यवस्था में कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। इसके अलावा यूपीआई पेमेंट और क्रेडिट कार्ड के नियमों में भी बड़े बदलाव हुए हैं।

नए महीने के साथ लागू हुए टैक्स, यूपीआई और क्रेडिट कार्ड के बदले नियम। | Image: Shutterstock.
नया महीना शुरू होने के साथ ही हमारी आर्थिक जिंदगी से जुड़े कई अहम नियम बदल गए हैं। यह नया महीना आपके पैसों के लेन-देन, कमाई, बचत और खर्च करने के तरीकों में कई बड़े बदलाव लेकर आ रहा है। चाहे आप नौकरीपेशा हों, टैक्स भरते हों, शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हों या फिर रोजमर्रा के भुगतानों के लिए UPI का इस्तेमाल करते हों, यह बदलाव आपके लिए बेहद खास है। बैंकिंग शुल्क में बढ़ोतरी से लेकर एडवांस टैक्स जमा करने की डेडलाइन तक, कई नए नियम अब लागू हो रहे हैं।
अगर आप टैक्स देते हैं, तो 15 जून की तारीख अपने कैलेंडर में मार्क कर लें। जिन टैक्सपेयर्स की अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, उन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने एडवांस टैक्स की पहली किस्त इसी दिन तक जमा करनी होगी। इस डेडलाइन तक कुल टैक्स का कम से कम 15 पर्सेंट हिस्सा चुकाना अनिवार्य है। यह पहली बार है जब यह एडवांस किस्त पूरी तरह से नए आयकर अधिनियम 2025 तथा आयकर नियम 2026 के दायरे में जमा की जाएगी। समय से भुगतान न करने पर हर महीने 1 पर्सेंट का अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
दूसरी तरफ पुरानी टैक्स व्यवस्था यानी ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले वेतनभोगियों को कुछ अच्छी खबरें मिली हैं। हॉस्टल भत्ते पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा अब बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। बच्चों की शिक्षा का भत्ता भी 100 रुपये से उछलकर 3,000 रुपये प्रति बच्चा प्रति माह हो गया है। इसके साथ ही बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों को अब 50 पर्सेंट HRA छूट वाली सूची में डाल दिया गया है। इससे इन शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को टैक्स में बड़ा फायदा मिलेगा।
बैंकिंग के मोर्चे पर भी बड़े बदलाव हुए हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई ने यूपीआई भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए एक नया फीचर रोलआउट किया है। अब जब आप किसी का क्यूआर कोड स्कैन करेंगे या मोबाइल नंबर डालकर पैसे भेजेंगे, तो स्क्रीन पर बैंक में दर्ज उस व्यक्ति का सत्यापित यानी वेरीफाइड नाम दिखाई देगा। इससे फर्जी पहचान से होने वाली ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगेगी। इसके साथ ही EPFO भी अब UPI के जरिए पीएफ का पैसा तुरंत निकालने की सुविधा का परीक्षण कर रहा है, जिससे कर्मचारियों को काफी तेजी से उनका पैसा मिल सकेगा।
क्रेडिट कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल करने वालों का खर्च भी अब बढ़ने वाला है। कोटक महिंद्रा बैंक ने यूटिलिटी बिल, ईंधन और किराया भुगतान जैसे खर्चों पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स की सीमा तय कर दी है। अब किराए या शिक्षा के भुगतान पर 1 पर्सेंट का शुल्क लगेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी 23 जून से अपने वन को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड पर बकाया राशि की ब्याज दर 3.49 पर्सेंट से बढ़ाकर 3.75 पर्सेंट प्रति माह कर दी है। आईसीआईसीआई बैंक 18 जून से अमेजन पे क्रेडिट कार्ड के जरिए किराया चुकाने पर मिलने वाला 1 पर्सेंट का रिवॉर्ड बेनिफिट बंद कर रहा है। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को 25 जून से 100 रुपये से ऊपर के यूपीआई भुगतान तथा 500 रुपये से ज्यादा की यूपीआई प्राप्ति पर ही एसएमएस अलर्ट मिलेंगे, हालांकि ईमेल पर सभी लेनदेन की जानकारी आती रहेगी।
शेयर बाजार के फ्यूचर एंड ऑप्शन यानी एफएंडओ सेगमेंट में दांव लगाने वाले ट्रेडर्स के लिए सेबी का 50:50 मार्जिन नियम अब पूरी तरह लागू हो चुका है। इस नए नियम के तहत निवेशकों को ट्रेडिंग मार्जिन का कम से कम 50 पर्सेंट हिस्सा नकद या उसके समान साधनों में रखना होगा। अब केवल शेयरों को गिरवी रखकर पूरा मार्जिन नहीं लिया जा सकेगा। इससे बाजार में जोखिम प्रबंधन बेहतर होगा। इसके अलावा सरकारी सब्सिडी या नेट मीटरिंग वाले सभी सोलर प्रोजेक्ट्स में अब केवल एएलएमएम सूची में शामिल सोलर मॉड्यूल का ही इस्तेमाल करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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