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4 min read | अपडेटेड May 29, 2026, 13:30 IST
सारांश
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी ताजा एनुअल रिपोर्ट में कई बड़े ऐलान किए हैं। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल कोई सैलरी नहीं ली है। इसके अलावा रिलायंस ने जामनगर में सोलर मॉड्यूल का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है और कंपनी डिजिटल सर्विसेज के लिए 16.64 लाख करोड़ रुपये के बड़े ट्रांजैक्शंस की मंजूरी मांगेगी।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज की लेटेस्ट एनुअल रिपोर्ट में न्यू एनर्जी, एआई और मुकेश अंबानी की सैलरी को लेकर बड़े अपडेट्स सामने आए हैं। | Image: Shutterstock
देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की लेटेस्ट एनुअल रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसके बाद शुक्रवार 29 मई को कंपनी के शेयरों पर बाजार की पैनी नजर रहेगी। इस रिपोर्ट में कंपनी ने अपने न्यू एनर्जी बिजनेस, एआई को लेकर रोडमैप और भविष्य के बड़े प्लान्स का खुलासा किया है। रिलायंस ने पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान हर सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। इसके साथ ही एक सबसे बड़ी बात यह सामने आई है कि एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति और कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल कंपनी से कोई सैलरी नहीं ली है। वे केवल डिविडेंड के जरिए ही कमाई कर रहे हैं। रिलायंस अपनी आगामी 49वीं एजीएम में 16.64 लाख करोड़ रुपये के बड़े इंटरनल ट्रांजैक्शंस के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगने जा रही है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने गुजरात के जामनगर में स्थित अपने धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स से सोलर मॉड्यूल का पहला 200 मेगावाट-पीक का बैच तैयार कर लिया है। इसके साथ ही कंपनी के न्यू एनर्जी बिजनेस का ऑपरेशनल रोलआउट शुरू हो गया है। 5,000 एकड़ में फैले इस कॉम्प्लेक्स में सोलर मॉड्यूल, बैटरी और ग्रीन हाइड्रोजन का पूरा इकोसिस्टम बनाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक इन सोलर पैनल्स की परफॉर्मेंस इंडस्ट्री के बाकी बेंचमार्क से 10 पर्सेंट बेहतर है। कंपनी अपनी सोलर मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को सालाना 10 गीगावाट-पीक तक ले जाने की तैयारी में है, जिसे आगे बढ़ाकर 20 गीगावाट-पीक किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी की बैटरी स्टोरेज क्षमता से जुड़ी गीगा-फैक्ट्री का काम भी एडवांस स्टेज में पहुंच गया है, जिसका शुरुआती टारगेट सालाना 40 गीगावाट-ऑवर है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज को दिसंबर 2025 में एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स से 'ए माइनस' की क्रेडिट रेटिंग मिली है, जो भारत की सोवरेन रेटिंग से दो पायदान ऊपर है। इस अपग्रेड के बाद कंपनी ने इंटरनेशनल मार्केट से बेहद कम लागत पर रिकॉर्ड लोन जुटाया है। कंपनी ने 10 जापानी और ताइवानी बैंकों के साथ मिलकर करीब 625 मिलियन डॉलर का सामुराई लोन लिया है, जो किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा लिया गया अब तक का सबसे बड़ा सामुराई लोन है। इसके अलावा रिलायंस ने कोरिया की एक्सपोर्ट क्रेडिट एजेंसी और जापान की नेक्सी के साथ मिलकर भी करीब 1,100 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया है, जिसका इस्तेमाल सोलर और बैटरी प्रोजेक्ट्स के लिए किया जा रहा है।
कंपनी अपने मीडिया और एंटरटेनमेंट बिजनेस में एआई को पूरी तरह शामिल करने जा रही है। जियोस्टार, जियो स्टूडियोज और नेटवर्क18 वाले इस वर्टिकल का ऑपरेशनल रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2026 में करीब दो गुना बढ़कर 34,917 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो इससे पिछले साल 17,762 करोड़ रुपये था। रिलायंस का मानना है कि AI आने वाले समय में एंटरटेनमेंट के तौर-तरीकों को बदल देगा। दूसरी तरफ रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने भी स्टेपल्स और बेवरेजेस की बदौलत 22,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का आंकड़ा पार कर लिया है। कैम्पा, सोस्यो और ब्रिलक्रीम जैसे ब्रांड्स के साथ कंपनी का लक्ष्य साल 2030 तक अपने रेवेन्यू को कई गुना बढ़ाना है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 19 जून 2026 को होने वाली अपनी 49वीं एजीएम के लिए नोटिस जारी कर दिया है। इसमें कंपनी अपने डिजिटल सर्विसेज आर्म जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के बीच अगले पांच सालों में होने वाले 16.64 लाख करोड़ रुपये के इंटरनल ट्रांजैक्शंस के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांगेगी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा करीब 13 लाख करोड़ रुपये का होगा, जो रिलायंस रिटेल नेटवर्क के जरिए बेचे जाने वाले जियो के रिचार्ज वाउचर्स और जियो फाइबर आदि से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा रिलायंस जियो नेटवर्क रोलआउट के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज को 76,800 करोड़ रुपये का पेमेंट करेगी।
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