पर्सनल फाइनेंस
.png)
4 min read | अपडेटेड May 29, 2026, 14:16 IST
सारांश
नए डिजिटल सिस्टम के आने से पीएफ ट्रांसफर और निकालने में लगने वाला समय बहुत कम हो जाएगा। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के मुताबिक इस सुविधा की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा। नए नियम के तहत खाताधारक अपने कुल बैलेंस का 50 से 75 पर्सेंट तक हिस्सा यूपीआई से निकाल सकेंगे।

ईपीएफओ के नए डिजिटल अपग्रेड से अब यूपीआई के जरिए आसान होगा पीएफ का पैसा निकालना। Image: Shutterstock
नौकरी करने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ जल्द ही एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड करने जा रहा है, जिसे EPFO 3.0 नाम दिया गया है। इस नए सिस्टम के आने के बाद पीएफ खाताधारकों को अपना पैसा निकालने के लिए हफ्तों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही किसी लंबे पेपरवर्क के चक्कर में फंसना होगा। अब आप अपने मोबाइल से सीधे UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल करके पीएफ का पैसा अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकेंगे। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया है कि इस नई सुविधा की टेस्टिंग को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और इसे बहुत जल्द सभी मेंबर्स के लिए रोल आउट कर दिया जाएगा।
ईपीएफओ 3.0 देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित होने वाला है। यह ईपीएफओ का एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड है जिसका मुख्य उद्देश्य पीएफ के पैसे को निकालने और ट्रांसफर करने की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस और इंस्टेंट बनाना है। अभी तक पीएफ का पैसा निकालने के लिए कई तरह के क्लेम फॉर्म भरने पड़ते थे और अधिकारियों की मंजूरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। लेकिन इस नए अपग्रेड के बाद पूरी प्रोसेसिंग का झंझट खत्म हो जाएगा। मेंबर्स सीधे अपने UPI और UPI से चलने वाले एटीएम के जरिए अपने पीएफ सेविंग्स को तुरंत देख और ट्रांसफर कर सकेंगे, जिससे इमरजेंसी में पैसों की जरुरत को तुरंत पूरा किया जा सकेगा।
बहुत से पीएफ मेंबर्स के मन में हमेशा यह सवाल रहता है कि वे अपने खाते से कुल कितना पैसा निकाल सकते हैं और क्या पूरा बैलेंस एक बार में निकाला जा सकता है। ईपीएफओ 3.0 के नए नियमों के अनुसार, मेंबर्स कुछ खास शर्तों के आधार पर अपने कुल ईपीएफ बैलेंस का 50 पर्सेंट से लेकर 75 पर्सेंट तक हिस्सा UPI या UPI ATM के जरिए निकाल सकते हैं। इसमें एक जरुरी नियम यह भी है कि आपको अपने कुल पीएफ योगदान का कम से कम 25 पर्सेंट हिस्सा हमेशा अपने अकाउंट में मेंटेन रखना होगा, यानी उसे खाते में ही छोड़ना अनिवार्य होगा। आप पूरा का पूरा 100 पर्सेंट पैसा इस तरीके से नहीं निकाल सकते हैं।
इस नए अपग्रेड में सरकार ने ऑटो सेटलमेंट की लिमिट को भी काफी ज्यादा बढ़ा दिया है। पहले यह लिमिट केवल 1 लाख रुपये हुआ करती थी, जिसे अब बढ़ाकर सीधे 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इस लिमिट के बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर किसी मेंबर को बीमारी के इलाज, पढ़ाई, शादी या फिर घर खरीदने और बनाने के लिए पैसों की अचानक जरुरत पड़ती है, तो वह 5 लाख रुपये तक की रकम सिर्फ तीन दिनों के भीतर हासिल कर सकेगा। इसके लिए किसी लंबी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी और सिस्टम खुद ही इसे फटाफट सेटल कर देगा।
इस नए डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल करना बेहद आसान और सुरक्षित होगा। जब यह सुविधा लाइव हो जाएगी, तो पीएफ मेंबर्स को ईपीएफओ पोर्टल पर अपने लिंक्ड बैंक अकाउंट के साथ उपलब्ध बैलेंस दिखाई देगा। इसके बाद जितना पैसा निकालने के लिए आप पात्र होंगे, उसे ट्रांसफर करने के लिए आपको अपने रजिस्टर्ड UPI पिन का इस्तेमाल करना होगा। UPI पिन डालते ही ट्रांजैक्शन पूरी तरह सुरक्षित तरीके से पूरी हो जाएगी और पैसा तुरंत आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। एक बार पैसा बैंक खाते में आ जाने के बाद मेंबर्स अपनी मर्जी के मुताबिक उसका इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट करने या फिर अपने डेबिट कार्ड के जरिए एटीएम से कैश निकालने के लिए आसानी से कर सकते हैं।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख