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4 min read | अपडेटेड July 10, 2026, 11:14 IST
सारांश
टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 4.61% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। अच्छे नतीजों के बाद शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर करीब 4% तक उछल गया।
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शानदार तिमाही नतीजों के बाद टीसीएस के शेयरों में आई बड़ी तेजी।
देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में शुक्रवार, 10 जुलाई को शुरुआती कारोबार में बड़ी तेजी देखने को मिली। कंपनी की ओर से जून तिमाही के शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए जाने के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इसके शेयर करीब 4% तक चढ़कर 2,133.30 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गए। पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक और काफी मजबूत रहा है, जिससे निवेशकों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
टीसीएस ने गुरुवार को अपने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.61% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये रहा। अगर इसमें कुछ खास एक्सेप्शनल आइटम्स को अलग कर दिया जाए, तो कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये रहा है। रेवेन्यू के मामले में भी कंपनी ने बढ़िया काम किया है। पहली तिमाही में टीसीएस का रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.8% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछली तिमाही यानी मार्च तिमाही के 70,698 करोड़ रुपये के मुकाबले इसमें 2.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के. कृत्तिवासन ने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया संकट की वजह से कुछ ग्राहकों ने अपने प्रोजेक्ट्स को टाल दिया था, जिससे डिमांड पर थोड़ा असर पड़ा था। लेकिन कंपनी को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही (Q2) से डिमांड में सुधार देखने को मिलेगा क्योंकि ग्राहकों के पास काफी काम पेंडिंग पड़ा है। टीसीएस के एआई (AI) बिजनेस में भी काफी अच्छा काम हो रहा है। इसका सालाना एआई रेवेन्यू रन रेट 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछली तिमाही से 13.6% ज्यादा है। कंपनी ने इस तिमाही में कुल 9.5 अरब डॉलर के नए सौदे हासिल किए हैं। इसमें एसकेएफ (SKF) के साथ हुआ 80 करोड़ डॉलर का एक बड़ा एआई ट्रांसफॉर्मेशन डील भी शामिल है। इसके अलावा कंपनी ने एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल जैसी कंपनियों के साथ भी पार्टनरशिप की है। कंपनी का लक्ष्य आगे चलकर अपने 1% टैलेंट से फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स जैसा काम कराने का है।
आर्थिक मोर्चे पर बात करें तो जून तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन घटकर 24% पर आ गया, जो कि अप्रैल तिमाही में 25.3% था। कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) समीर सेकसरिया ने बताया कि कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी और नए इन्वेस्टमेंट्स की वजह से मार्जिन पर 1.70% का निगेटिव असर पड़ा, लेकिन करेंसी के मूवमेंट से 0.40% का फायदा भी मिला। कंपनी का टारगेट इस पूरे साल के अंत तक ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन को 25% से ऊपर ले जाने का है, जबकि उनका लॉन्ग टर्म टारगेट इसे 26 से 28% के बीच रखने का है।
इस तिमाही के दौरान टीसीएस में कर्मचारियों की संख्या में 9,200 से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद 30 जून तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 5,93,798 हो गई है। कंपनी में आईटी सर्विसेज का एट्रिशन रेट 13.6% रहा। कंपनी के चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर सुदीप कुन्नुमल ने कहा कि कंपनी ने पहली तिमाही में 14,000 से ज्यादा फ्रेशर्स को ऑफर दिए हैं और वे लगातार कैंपसों से नए एआई टैलेंट को जोड़ रहे हैं ताकि लोग फ्यूचर के लिए तैयार हो सकें।
टीसीएस के इन नतीजों पर मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि पहली तिमाही का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक या उससे थोड़ा बेहतर रहा है और दूसरी तिमाही को लेकर मैनेजमेंट का रुख पॉजिटिव है। हालांकि, गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि रेवेन्यू तो उम्मीद के मुताबिक रहा, लेकिन सैलरी बढ़ने से मार्जिन कमजोर हुआ है और बाजार में सुधार के अभी ठोस सबूत नहीं मिले हैं। वहीं सिटी (CITI) ने इस प्रदर्शन को सुस्त बताते हुए कहा कि इंटरनेशनल रेवेन्यू ग्रोथ स्थिर रही है, नए सौदे कम हुए हैं और ग्राहकों के खर्च करने में कमजोरी बनी हुई है, जिसकी वजह से उसने अपनी वैल्यूएशन मल्टीपल को 13x से घटाकर 12x कर दिया है।
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